बिलासपुर / नक्सलवाद पर राष्ट्रपति बोले- शिक्षा की रोशनी से हिंसा और आतंक का दुष्प्रभाव कम हो सकता है, मुख्यमंत्री के कामों को सराहा

राष्ट्रपति ने 9 टॉपर्स को मेडल और डिग्री दी। राष्ट्रपति ने 9 टॉपर्स को मेडल और डिग्री दी।
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राष्ट्रपति ने 9 टॉपर्स को मेडल और डिग्री दी।राष्ट्रपति ने 9 टॉपर्स को मेडल और डिग्री दी।

  • गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के 8वें दीक्षांत समारोह में हुए राष्ट्रपति शामिल 
  • 9 छात्र-छात्राओं को दिए मेडल, 75 को दी गई पीएचडी की उपाधि 

दैनिक भास्कर

Mar 02, 2020, 01:46 PM IST

बिलासपुर. गुरू घासीदास विश्वविद्यालय के 8वें दीक्षांत समारोह का आयोजन सोमवार को किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्यअतिथी देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शामिल हुए। उन्होंने 9 संकाय के टॉपर छात्रों को स्वर्ण पदक दिया। राष्ट्रपति ने कहा कि पिछली बार मैं जब छत्तीसगढ़ आया था तो नक्सल हिंसा से पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी। मुझे विश्वास है  कि नक्सलवाद की विचारधार से भ्रमित कुछ लोगों द्वारा की जाने वाली हिंसा से पीड़ित परिवारों  को शिक्षा की रोशनी में आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है, उससे हिंसा और आतंक का दुष्प्रभाव को कम होगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल युवाओं को शिक्षा और रोजगार देने का जो प्रयास कर रहे हैं, वह सराहनीय है। 


विश्वविद्यालय को बेहतर बनने का लक्ष्य 
कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने कहा कि हमें इस अवसर पर यह भी सोचना चाहिए कि हमारे भविष्य के लक्ष्य क्या होंगे। हमें यह लक्ष्य तय करना होगा कि आगामी 10 सालों में गुरु घासीदास विश्वविद्यालय एक सर्वोत्तम विश्वविद्यालय बने। गुरु घासी दास विश्वविद्यालय एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी है। मान्यता है केंद्रीय विश्वविद्यालय का परफॉर्मेंस स्टेट यूनिवर्सिटी से बेहतर होता है। मैं सभी सेंट्रल यूनिवर्सिटी से कहूंगा कि अपनी परफॉर्मेंस स्टेट यूनिवर्सिटी से बेहतर करें। हमारा लक्ष्य ऊंचा होगा तो हमारे प्रयास उस दिशा में प्रबल हो जाते हैं। यूनिवर्सिटी की टॉपर बीएससी ऑनर्स गणित की छात्रा क्वीनी यादव को लेकर राष्ट्रपति ने कहा कि अपनी कामयाबी से क्वीनी अब क्वीन यादव के नाम से जानी जाएगी। 


हर वर्ग के छात्रों ने किया बेहतर प्रयास 
कार्यक्रम में पहुंचे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मैं बधाई देता हूं जो स्वर्ण पदक और उपाधी हासिल करने वाले छात्र हैं उन्हें। जिन्हें आज राष्ट्रपति महोदय के हाथों सम्मान मिला ऐसे 9 मेडल प्राप्त करने वालों में 6 लड़कियां है 3 लड़के हैं। इनमें अनुसुचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग के भी छात्र हैं। यह बताता है कि सही अवसर मिले तो हर वर्ग के युवा में कुछ अच्छा करने का साहस होता है। मेरा मनना है कुछ न कुछ बेहतर करने का अवसर सभी के लिए मौजूद है। जब आप ठान लेते हैं तो कोई ताकत आपको रोक नहीं सकती। मेरा मानना है शिक्षा ऐसी हो जो छात्रों का सफल नागरिक बनाए। यही विश्वविद्यालय के महत्वपूर्ण उद्देश्यों में से एक है।  सीएम ने यहां सरकार की योजनाओं से प्रदेश में आ रहे बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के हिसाब से काम कर रही है।  


कार्यक्रम  से पहले हुआ था विरोध, छात्रा हुई थी लापता 
शुनिवार को सेंट्रल यूनिवर्सिटी के 8वें दीक्षांत समारोह से पहले गोल्ड मेडल और उपाधि लेने छात्रों ने 5 घंटे प्रदर्शन किया। कई तो रिहर्सल बीच में छोड़कर चले गए। विवाद इस बात के चलते हुआ कि राष्ट्रपति के महज 9 संकाय टॉपरों को गोल्ड मेडल देंगे। जबकि 74 गोल्ड मेडलिस्ट तो 75 पीएचडी उपाधि धारक हैं। सभी छात्र राष्ट्रपति से ही गोल्ड मेडल और पीएचडी उपाधि लेने अड़े रहे। विरोध प्रदर्शन के बाद कुलपति ने राष्ट्रपति के जाने के बाद कुलाधिपति के हाथों बचे छात्रों को मेडल-उपाधि दिलवाने का आश्वासन दिया। रविवार को टॉपरों में से एक छात्रा रामेश्वरी के अपहरण की खबरें भी आईं। हालांकि देर रात वह पुलिस को झांसी रेलवे स्टेशन में मिली। छात्रा के अचानक गायब होने को लेकर पूछताछ की जा रही है।

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