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माओवाद / चेतना नाट्य कला मंच का अध्यक्ष एक लाख का इनामी नक्सली गिरफ्तार



पुलिस की गिरफ्त में पकड़ा गया नक्सली पुलिस की गिरफ्त में पकड़ा गया नक्सली
  • दुगली के जबर्रा के पास जंगल से एसओजी टीम ने पकड़ा
  • जंगल में छिपाकर रखी 12 बोर की राइफल, वर्दी बरामद 
Danik Bhaskar | Sep 16, 2018, 03:27 PM IST

धमतरी.  एसओजी टीम ने शनिवार देर शाम एक लाख रुपए के इनामी नक्सली गरियाबंद के गरीबा निवासी धनीराम नेताम को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया नक्सली चेतना  नाट्य कला मंच का अध्यक्ष है और खुद को मजदूर बताकर गरियाबंद-धमतरी के सीमावर्ती गांव में रह रहा था। पुलिस टीम ने उसकी निशानदेही पर ठेनही गांव के पास जंगल में छिपाकर रखी गई 12 बोर की राइफल और वर्दी बरामद की है। 

खुद को बताता था किरंदुल में मजदूर 

  1. नक्सलियों की मिली सूचना तो पकड़ा गया

    गांव में तस्दीक कराकर पुलिस ने छोड़ दिया, लेकिन गांव में ही रहने की हिदायत दी। साथ ही उस पर नजर रखना शुरू किया। इस बीच शनिवार को जबर्रा-खरखा गांव के बीच जंगल में गोबरा एलओएस सदस्य रामदास सहित अन्य नक्सलियों के होने की सूचना मिली। टीम वहां पहुंची तो उन्हें धनीराम मिल गया। इस पर टीम ने उसे हिरासत में ले लिया और पूछताछ के लिए साथ ले आई।

  2. एक साल पहले तेलांगना गया ट्रेनिंग पर

    पूछताछ में धनीराम ने जंगल में छिपा कर रखे हथियार व अन्य सामान बरामद करा दिया। उसने बताया कि वह नक्सलियों के उग्र संगठन मलागिरी सीएनएम का सदस्य है और पिछले साल ट्रेनिंग पर तेलांगना भी गया था। वहां पर माओवादी लीडर हड़मा के संपर्क में आया और उसे शस्त्र चलाना, छिपना, मुठभेड़, मुठभेड़ में घायल नक्सलियों का उपचार करना सिखाया गया। 

  3. संगठन मजबूत करने की मिली जिम्मेदारी

    ट्रेनिंग के बाद धनीराम को सीएनएम का अध्यक्ष बना दिया गया। साथ ही कहा गया कि गरियाबंद और अास-पास के क्षेत्र में संगठन कमजोर हो रहा है। यहां की भगौलिक परिस्थियों से परिचित होने के कारण नक्सली विचारधारा के प्रचार-प्रसार के लिए भेज दिया  गया। कुछ साथियों के साथ जबर्रा और खरखा की ओर प्रचार-प्रसार के लिए गया था, लेकिन पकड़ा गया। 

  4. नक्सलियों की मिली सूचना तो पकड़ा गया

    गांव में तस्दीक कराकर पुलिस ने छोड़ दिया, लेकिन गांव में ही रहने की हिदायत दी। साथ ही उस पर नजर रखना शुरू किया। इस बीच शनिवार को जबर्रा-खरखा गांव के बीच जंगल में गोबरा एलओएस सदस्य रामदास सहित अन्य नक्सलियों के होने की सूचना मिली। टीम वहां पहुंची तो उन्हें धनीराम मिल गया। इस पर टीम ने उसे हिरासत में ले लिया और पूछताछ के लिए साथ ले आई।

  5. एक साल पहले तेलंगाना गया ट्रेनिंग पर

    पूछताछ में धनीराम ने जंगल में छिपा कर रखे हथियार व अन्य सामान बरामद करा दिया। उसने बताया कि वह नक्सलियों के उग्र संगठन मलागिरी सीएनएम का सदस्य है और पिछले साल ट्रेनिंग पर तेलंगाना भी गया था। वहां पर माओवादी लीडर हड़मा के संपर्क में आया और उसे शस्त्र चलाना, छिपना, मुठभेड़, मुठभेड़ में घायल नक्सलियों का उपचार करना सिखाया गया। 

  6. संगठन मजबूत करने की मिली जिम्मेदारी

    ट्रेनिंग के बाद धनीराम को सीएनएम का अध्यक्ष बना दिया गया। साथ ही कहा गया कि गरियाबंद और अास-पास के क्षेत्र में संगठन कमजोर हो रहा है। यहां की भगौलिक परिस्थियों से परिचित होने के कारण नक्सली विचारधारा के प्रचार-प्रसार के लिए भेज दिया  गया। कुछ साथियों के साथ जबर्रा और खरखा की ओर प्रचार-प्रसार के लिए गया था, लेकिन पकड़ा गया।