छत्तीसगढ़ / जेल में बंद आदिवासियों की रिहाई के लिए प्रदर्शन, दो विधायक भी पहुंचे



Protest for release of jailed tribals, two MLAs also reached
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Protest for release of jailed tribals, two MLAs also reached

  • विधायक बोले- 22 को मुख्यमंत्री करेंगे आंदोलनकारियों से बातचीत

Dainik Bhaskar

Oct 10, 2019, 05:02 AM IST

नकुलनार . जेलों में नक्सल मामलों में बंद निर्दोष आदिवासियों की रिहाई की मांग करते हुए बुधवार को आदिवासियों ने एक बड़ा प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का असर यह रहा कि सरकार की ओर से सभा स्थल पर दो विधायकों को आना पड़ा, उन्होंने भरोसा दिया कि सरकार इस विषय पर खुद विचार कर रही है। आंदोलनरत आदिवासियों से 22 अक्टूबर को सीएम भूपेश बघेल खुद बात करेंगे। इससे पहले करीब 3 हजार आदिवासी पालनार में जुटे। इसके बाद पैदल मार्च करते हुए करीब 5 किमी का सफर तय कर कुआकोंडा पहुंचे।

 
कुआकोंडा में दोपहर 12 बजे सभा की शुरुआत हुई। पहली वक्ता के तौर पर सामजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी ने कहा कि हमारे निर्दोष भाई-बहनों, जिन्हें नक्सल मामलों में फंसाकर जेल में बंद किया गया है, उनकी रिहाई के लिए हम यहां जमा हुए हैं। इसके अलावा हमारी सात अन्य मांगे भी हैं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। इसके बाद सभा में एक के बाद एक अलग-अलग गांवों से आए सरपंचों ने भी अपनी बातें रखीं। इसके बाद अचानक ही लोगों ने मांग रख दी कि धरना स्थल पर आबकारी मंत्री कवासी लखमा को बुलाया जाए और वो सरकार से हमारी बात करवाएंगे। आंदोलनकारियों की मांग को देखते हुए सरकार की ओर से विधायक देवती कर्मा और विक्रम मंडावी पहुंचे। दोनों पक्षों में सहमति बनने के बाद दोपहर बाद 3 बजे ही आंदोलन खत्म कर दिया गया। जबकि आंदोलन के लिए शाम 4 बजे तक की अनुमति ली गई थी।

 

 इधर आंदोलन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। भीड़ पर नजर रखने ड्रोन कैमरों की भी मदद ली गई। आंदोलन  खत्म होने के बाद सोनी सोरी और सुनीता, हिड़मे ने कहा हम सरकार से एक बार फिर बात करेंगे। अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो इससे बड़ा आंदोलन होगा। 
 

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