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छापों से कांग्रेसियों में बढ़ा गुस्सा, आयकर विभाग ने बैंकों से मांगा संबंधित लोगों के खातों का ब्योरा

5 महीने पहले
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बैरिकेड्स तोड़ने में युवक ही नहीं, महिला कांग्रेसियों ने भी दिखाया जोश।
  • जब्त दस्तावेजों से बनी सूची में कारोबारी व बिल्डर समेत 32 नए नाम
  • प्रदेश में सभी बैंकों के रीजनल मैनेजरों को ई-मेल करके खातों की जानकारी मांगी

रायपुर. आयकर विभाग ने दो दिन से चल रहे ताबड़तोड़ छापों का सिलसिला आगे बढ़ाते हुए शनिवार को पूर्व पार्षद अफरोज अंजुम, वरिष्ठ सीए कमलेश जैन और एक बिल्डर के यहां जांच शुरू की, तो तीन प्रभावशाली लोगों के यहां जांच पूरी कर आयकर टीमें लौट गई हैं। इनके यहां हुई जब्ती पर आयकर विभाग खामोश बना हुआ है। विभाग ने प्रदेश में सभी बैंकों के रीजनल मैनेजरों को ई-मेल किया है कि जिनके यहां भी जांच चल रही है, उनके खातों का डीटेल आयकर विभाग को दिया जाए। हालांकि छापों में 100 करोड़ रुपए कैश और भारी मात्रा में जेवरात मिलने का हल्ला है।


इन्हीं में से एक के निवास पर बैंकों में नोट गिनने वाली बड़ी मशीन दोपहर को ले जाई गई। इधर, एक ही पक्ष पर चल रही कार्रवाई को लेकर कांग्रेस में गुस्सा भी बढ़ने लगा है। शनिवार को कांग्रेस ने आयकर दफ्तर का घेराव किया और आयकर की कार्रवाई को केंद्र सरकार की लगातार हार की बौखलाहट और प्रदेश सरकार को अस्थिर करने की कार्रवाई करार दिया है।  यही नहीं, राजधानी में सारा दिन चर्चा रही कि सीबीआई ने एक अफसर को घेरे में लिया है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई। इस बीच आयकर विभाग की ओर से सभी  बैंकों के रीजनल मैनेजर्स को शनिवार शाम एक लेटर मेल किया गया। इसमें छापो के दायरे में आए लोगों के राजधानी या प्रदेश के अन्य शहरों में संचालित बैकं एकाउंट्स और लाकर्स की जानकारी कल दोपहर तक देने कहा गया है। संकेत है कि इसके बाद लाकर्स की जांच भी की जा सकती है।

आयकर टीमों ने सशस्त्र कमांडो के साथ दहशत फैलाई : सीएम भूपेश
राजधानी में पिछले तीन दिन से चल रहे अायकर छापों की वजह से अब राजनीति गरमाने लगी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बाद अब प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने भी केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए हैं। दिल्ली जाने से पहले सीएम बघेल ने कहा कि प्रदेश में भय का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। बिना सूचना की गई कार्रवाई पूरी तरह से गलत है। जगदलपुर से लेकर रायगढ़ तक सभी शहरों में दहशत और भय का वातावरण बनाया जा रहा है। 

आयकर अफसर आर्म्ड फोर्स लेकर घूम रहे हैं। शनिवार को सीएम बघेल ने रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के ट्वीट का उल्लेख करते हुए लिखा - जो सरकार अपने राज्य में अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही है और मंदी तक बेअसर है, वहां की सरकार को दिल्ली में बैठकर अस्थिर करने की साजिश कर रहे हैं। इसी तरह, प्रदेश प्रभारी पुनिया ने ट्वीट किया कि भाजपा राजनैतिक रूप से विफल हो गई है। इसलिए केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग कर प्रदेश की लोकप्रिय सरकार से मुकाबला करने की कोशिश चल रही है। 

भ्रष्टाचार पर कार्रवाई से हायतौबा क्यों : नेताम
इधर, भाजपा से राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम ने शनिवार को पलटवार  किया कि अगर भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्यवाही हो रही है तो इसमें इतनी हायतौबा क्यों? अगर किसी प्रकार का भ्रष्टाचार हुआ ही नहीं है तो भय किस बात का है? 

स्थिरता क्या इनकम से जुड़ी : त्रिवेदी
राज्यसभा सांसद व बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि सीएम तथा कांग्रेस नेताओं से पूछना चाहिए कि इंकम टैक्स छापे से राजनैतिक अस्थिरता कैसे आ सकती है? क्या इसका यह मतलब है कि राजनीतिक स्थिरता इनकम से जुड़ी हुई है। 

कोई कानून से ऊपर नहीं : अमित
जनता कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा कि निष्कर्ष पर पहुंचने के पहले परिणाम की प्रतीक्षा करनी चाहिए। आयकर विभाग कालाधन पकड़ने के लिए अपने विवेक से कार्रवाई के लिए अधिकृत है। कोई कानून से ऊपर नहीं हो सकता।

नाराज कांग्रेसियों का केंद्र सरकार से बदला लेने का ऐलान 
पिछले तीन दिनों से चल रहे ताबड़तोड़ आयकर छापों के बीच शनिवार को कांग्रेस ने हजारों कार्यकर्ताआें के साथ जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। इससे पहले गांधी मैदान में एक बड़ी आमसभा हुई, फिर बड़ी संख्या में कांग्रेसी सिविल लाइन स्थित आयकर दफ्तर के लिए रवाना हुए। काली मंदिर के पास उग्र कार्यकर्ताओं ने पुलिस के लगाए बेरिकेड्स गिरा दिए। यहां से कांग्रेसी सीधे अायकर भवन के सामने पहुंचे और पीसीसी चीफ मोहन मरकाम की अगुवाई में सड़क पर बैठकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गांधी मैदान में हुई सभा में पीसीसी चीफ माेहन मरकाम ने कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी आैर गृहमंत्री अमित शाह की नीयत में खोट है। सीएम बघेल की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। केंद्र सरकार इससे चिंतित है इसलिए छवि खराब करने ऐसी कार्रवाई की जा रही है। राज्यसभा सांसद छाया वर्मा ने कहा कि मोदी आैर शाह ने छत्तीसगढ़ियों से टकराकर बहुत बड़ी गलती की है। अाने वाले समय में इसका बदला लिया जाएगा।

 पीसीसी के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, करुणा शुक्ला, राजेन्द्र तिवारी, गिरीश देवांगन, शैलेश नितिन त्रिवेदी, महेन्द्र छाबड़ा, गिरीश दुबे, विधायक धनेन्द्र साहू, विनय जायसवाल, अंबिका सिंहदेव, शैलेश पांडेय, अनीता शर्मा, विकास उपाध्याय और कुलदीप जुनेजा अादि मौजूद थे।

सर्च वारंट हो तो मकान का ताला तोड़ सकते हैं आयकर अधिकारी
अायकर छापों के दौर में यह बात भी चर्चा में आ गई है कि अगर टीम को किसी का मकान या परिसर बंद मिले, तब क्या हालात बनेंगे? शनिवार को एक अफसर का बंगला सील करने के बाद यह चर्चा तेज हुई है। भास्कर को अायकर कानूनों के जानकारों ने बताया कि आयकर अधिनियम 1961 देश की संसद में पास हुआ। उस वक्त पं. जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री थे। इसे पास करने वाले सभी दलों के नेता थे। जानकारों के मुताबिक आयकर अधिकारियों को यह अधिकार कानून से मिला हुआ है कि वे किसी के भी घर का ताला तोड़ सकते हैं, बशर्ते कि वे सर्च वारंट लेकर पहुंचे हों। लेकिन आयकर अफसरों को किसी को छापे के दौरान गिरफ्तारी का अधिकार नहीं है। यह अधिकार केवल रिकवरी अधिकारी (टीआरओ) को मिला है।

छापों को लीड कर रहे हरीश कुमार रिटायर, अब कमान गिल संभालेंगे
इन छापों को लीड कर रहे डीजी इंवेस्टिगेशन विंग दिल्ली हरीश कुमार शनिवार को रिटायर हो गए। अब जांच की कमान एचबीएस गिल को सौंपी गई है। गिल अभी  दिल्ली के चीफ कमिश्नर इनकम टैक्स (सी) हैं। वे अतिरिक्त चार्ज के रूप में कुमार का डीजीआईटी इंवेस्टिेगेशन का काम संभालेंगे। वित्त मंत्रालय के डिप्टी सेक्रेटरी योगेश शर्मा ने अफसरों को नई जिम्मेदारी के आदेश जारी किए हैं। इसके तहत कई राज्यों में उच्चस्तर पर अायकर अधिकारियों का फेरबदल किया गया है।

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