नियम / 150 वर्ग मीटर से बड़े पुराने मकानों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग नहीं कराई तो लगेगा जुर्माना



rainwater harvesting compulsary in houses older than 150 square meters
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rainwater harvesting compulsary in houses older than 150 square meters

  • निगम प्रति सौ वर्ग मीटर पर सालाना 1000 रुपए की दर से जुर्माना वसूलेगा
  • रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम सभी तरह के भवनों के लिए अनिवार्य किया गया

Dainik Bhaskar

Jun 16, 2019, 07:25 AM IST

रायपुर (राकेश पांडेय). राज्य सरकार ने प्रदेश में नए और पुराने मकानों और शासकीय भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत अब 150 वर्ग मीटर से ज्यादा बड़े आकार के भूखंड पर बने पुराने मकानों में सिस्टम लगाकर खुद ही निगम को सूचित करना होगा। सूचना नहीं देने पर निगम प्रति सौ वर्ग मीटर पर सालाना 1000 रुपए की दर से जुर्माना वसूलेगा। नए मकानों में पहले ही यह अनिवार्य है।

 

इसके तहत 150 वर्ग मीटर से बड़े भूखंड पर नए मकान बनाने की अनुमति देने से पहले निगम द्वारा अनिवार्य रूप से सुरक्षा निधि जमा कराने का प्रावधान है। यह निधि 55 रुपए प्रति वर्ग मीटर के दर से अधिकतम 15 हजार रुपए तक होगी। किंतु वाणिज्यिक भवनों के लिए सुरक्षा निधि की राशि अधिकतम दस लाख रुपए तय किया गया है। 

 

इनके लिए इतनी सुरक्षा निधि

न्यूनतम अधिकतम

एकल इकाई भवन

संपूर्ण भूखंड पर 55 रुपए प्रति वर्ग मीटर 15 हजार रुपए

रो/ ग्रुप हाऊसिंग

प्रस्तावित निर्माण पर 55 रुपए प्रति वर्ग मीटर 10 लाख रु. शेष क्षेत्र पर 1 लाख रुपए हेक्टेयर के दर से

कालोनी विकास  

भूखंड एवं सड़क की भूमि को छोड़कर शेष क्षेत्रफल 10 लाख रु. पर 1 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर के दर से

वाणिज्यिक भवन कालोनी विकास के समान

 

 

सभी के लिए अनिवार्य : रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम सभी तरह के भवनों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत सभी निजी संस्थाओं जैसे स्कूल, अस्पताल, वाणिज्यिक भवन, रिहायसी कालोनियों, टाउनशिप, औद्योगिक ईकाइयों के साथ ही शासकीय और अर्द्धशासकीय कार्यालय एवं आवासीय भवनों में स्वयं या स्वयं की एजेंसी द्वारा इसे लगवाना होगा।

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