अंतागढ़ उपचुनाव  / नाम वापसी के लिए 6 प्रत्याशियों को दिया गया 1-1 करोड़ का ऑफर, मिले सिर्फ 50-50 हजार रुपए



मंतूराम पवार अन्य 6 प्रत्याशियों को लेकर मीडिया से बात करने के लिए प्रेस क्लब पहुंचे। मंतूराम पवार अन्य 6 प्रत्याशियों को लेकर मीडिया से बात करने के लिए प्रेस क्लब पहुंचे।
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मंतूराम पवार अन्य 6 प्रत्याशियों को लेकर मीडिया से बात करने के लिए प्रेस क्लब पहुंचे।मंतूराम पवार अन्य 6 प्रत्याशियों को लेकर मीडिया से बात करने के लिए प्रेस क्लब पहुंचे।

  • मंतूराम पवार ने 6 अन्य प्रत्याशियों को साथ लाकर लगाया आरोप, कहा- पैसों की लालच में सबने नाम वापस लिया, लेकिन धोखा दिया गया
  • मीडिया से बात करते हुए पवार ने कहा- सभी प्रत्याशियों ने कोर्ट में दर्ज कराए हैं 164 में बयान, धमतरी में इसको लेकर एफआईआर भी कराई

Dainik Bhaskar

Sep 19, 2019, 05:45 PM IST

रायपुर. अंतागढ़ उपचुनाव में प्रत्याशियों की खरीद फरोख्त के मामले में रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। अब पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी  मंतूराम पवार ने आरोप लगाया है कि मेरे अलावा छह अन्य प्रत्याशियों को भी नाम वापस लेने के लिए रुपयों का ऑफर दिया गया था। नाम वापसी के लिए सात करोड़ रुपयों का ऑफर था। सभी प्रत्याशियों को एक-एक करोड़ रुपए देने की बात कही गई थी। इसकी लालच में ही सबने छोड़ा, लेकिन ऑफर देने वालों ने उनके साथ धोखा किया। मंतूराम पवार गुरुवार को 6 अन्य प्रत्याशियों के साथ मीडिया से बात कर रहे थे।

अजीत जोगी बेचने वाले और रमन सिंह खरीदने वाले थे

  1. प्रेस क्लब में पत्रकारों से बात करते हुए मंतूराम पवार ने कहा कि मुझे भी एक करोड़ रुपए का ऑफर दिया गया था। मुझे पैसे नहीं मिले, लेकिन बाकी 6 प्रत्याशियों भीमसिंह उसेंडी, भोजराज नाग, देवनात, महादेव मंडावी को 50-50 हजार, शंकर लाल नेताम को 40 और बीरेंद्र नेताम को 60 हजार रुपए ही दिए गए। कहा कि इन सबके साथ भी धोखा ही किया गया। इसको लेकर इन सभी प्रत्याशियों ने भी कोर्ट में 164 के तहत बयान दर्ज कराया है। इस मामले में 18 सितंबर को धमतरी के एक पुलिस थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। 

  2. मंतूराम पवार ने कहा कि अंतागढ़ उपचुनाव के बाद 3 नवंबर 2015 को मुझे दिल्ली बुलाया गया था। दिल्ली में डॉ. रमन सिंह, पुनीत गुप्ता, फिरोज सिद्दकी से मुलाकात हुई थी। उस दौरान रमन सिंह ने कहा था कि पुनीत गुप्ता यहां है, वह राजेश मूणत से मिलकर सब सेट कर देंगे, तुम चिंता मत करो, सब बेहतर होगा, लेकिन भाजपा में उन्हें न तो पद मिला और न ही प्रतिष्ठा। मंतूराम ने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग ही कहते थे कि पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने मंतूराम को खरीदा है। रमन सिंह दोषी थे, मुझे भाजपा से बाहर किया गया। मुझे बेचने वाले अजीत जोगी और खरीदने वाले रमन सिंह थे। रमन सिंह हमेशा कहते थे कि मैं तो 7 करोड़ दे चुका हूं, तुम्हे नहीं मिला तो गया कहां।

  3. कांग्रेस ने उपचुनाव में मंतूराम को बनाया था प्रत्याशी, अचानक सभी प्रत्याशियों ने ले लिए थे नाम वापस

    साल 2014 में लोकसभा चुनाव के बाद खाली हुई अंतागढ़ विधानसभा सीट पर उपचुनाव हो रहा था। उपचुनाव में कांग्रेस ने मंतूराम पवार को प्रत्याशी बनाया था। मंतूराम पवार ने ऐसे समय अपना नाम वापस ले लिया, जब कांग्रेस दूसरा प्रत्याशी खड़ा नहीं कर सकती थी। मंतूराम के अलावा 7 अन्य प्रत्याशियों ने भी नाम वापस ले लिया था, इससे चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी को एक तरह से वॉक ओवर मिल गया। चुनाव के बाद एक आडियो वायरल हुआ, जिसमें नाम वापसी के लिए प्रत्याशियों की खरीद फरोख्त होने का हवाला था। आडियो में ​कथित तौर पर अमित जोगी, मंतूराम पवार, डॉ. पुनीत गुप्ता, अजीत जोगी की आवाज बताई गई। इसी मामले में कांग्रेस की सरकार राज्य में बनने के बाद नए सिरे से जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।

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