मानसून सत्र  / होटल प्रबंधन संस्थान : 13 साल में 24 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च, पर एक भी शिक्षित नहीं



raipur news monsoon session 24 crores spent on hotel management institutes in 13 years no one educated
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raipur news monsoon session 24 crores spent on hotel management institutes in 13 years no one educated

  • विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के सवाल पर गृहमंत्री ने दिया जवाब
  • औद्योगिक दुर्घटनाओं का मामला भी गरमाया, छह माह में 45 मजदूरों ने गंवाई जान

Dainik Bhaskar

Jul 16, 2019, 04:07 PM IST

रायपुर. विधानसभा के मानसून सत्र में तीसरे दिन मंगलवार को औद्योगिक हादसों का मामला गरमा गया। विपक्ष के सवाल पर मंत्री ने बताया कि छह माह में 45 मजदूरों की मौत हो चुकी है। इस पर विपक्ष ने कारखानों में विस्फोटक रखे जाने की बात कही। इसका सरकार ने विरोध किया तो विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। वहीं पूर्व होटल प्रबंधन संस्थान को लेकर किए गए सवाल पर गृहमंत्री ने बताया कि स्थापना से अब तक 24 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। हालांकि एक भी छात्र वहां से शिक्षित नहीं हुआ है। 

मंत्री का उत्तर शर्मसार करने वाला, यह चिंताजनक बात

  1. विधानसभा की कार्यवाही के दौरान पूर्व सीएम अजीत जोगी ने पर्यटन विभाग की ओर से संचालित होटल प्रबंधन संस्थान को लेकर सवाल किया। उन्होंने संस्थान की स्थापना, उसके व्यय और छात्रों के उत्तीर्ण होने के संबंध में जानकारी मांगी। इस पर गृहमंत्री ने बताया कि संस्थान का पंजीयन 6 जून 2006 में किया गया था। इसके भवन निर्माण कार्यों पर 20.71 करोड़ से ज्यादा व्यय किया गया है। वहीं दिसंबर 2018 तक वेतन भत्तों के मद में 3.31 करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान किया गया। 

  2. गृहमंत्री ने बताया कि स्थापना से लेकर अभी तक एक भी छात्र शिक्षित होकर बाहर नहीं निकला है। इस पर अजीत जोगी ने कहा- मंत्री के उत्तर से जो तस्वीर सामने आई है वह शर्मसार करने वाली है।  20 करोड़ से भवन का निर्माण हुआ 3 करोड़ से टीचर और निदेशक की नियुक्ति हुई। 13 साल में 23 करोड़ खर्च करने के बाद भी एक भी व्यक्ति वहां से शिक्षित होकर नहीं निकला यह बहुत ही शर्मनाक बात है, चिंताजनक बात है। इस पर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि वर्तमान में हाईकोर्ट में प्रकरण था, फैसले का इंतजार कर रहे हैं ताकि इसका उपयोग किया जा सके। 

  3. शब्द संभारे बोलिए शब्द के हाथ ना पांव, एक शब्द करे औषधि एक शब्द करे घाव

    सदन में औद्योगिक दुर्घटनाओं में मृत्यु और सड़क-पुल पुलियों का मामला गरमाया। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने औद्योगिक शहरों में श्रमिकों की मौतों को लेकर सवाल किया। जिसके जवाब में श्रम मंत्री शिव डहरिया ने बताया कि दिसंबर  2018 से 20 जून 2019 तक 45 मजदूरों की मौत हादसों में हुई है। इस पर कौशिक ने आरोप लगाया कि जांच मृत्यु के बाद की जा रही है, लेकिन उससे पहले उद्योगों में सुरक्षा की दृष्टि से, विस्फोटक पदार्थ को रखने की व्यवस्था को लेकर कार्यवाही नहीं की जा रही। 

  4. मंत्री डहरिया ने जवाब दिया कारखानों में विस्फोटक नहीं होता है।  मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर भाजपा सदस्यों ने हंगामा शुरु कर दिया। वहीं विधायक अजय चंद्राकर ने मंत्री के शब्दों पर भी आपत्ति जताई। चंद्राकर की बात पर मंत्री शिव डहरिया भड़क गए। चंद्राकर से कहा आपसे ज्यादा शालीन शब्दों में बात करता हूं। आप बीच में टपक जाते हैं, जवाब तो सुन लीजिए। इसके बाद मंत्री शिव डहरिया और अजय चंद्राकर के बीच तीखा वाद-विवाद शुरु हो गया। इस पर स्पीकर ने दखल दे कर कहा, शब्द संभारे बोलिए शब्द के हाथ ना पांव, एक शब्द करे औषधि एक शब्द करे घाव। उन्होंने सदस्यों से सही शब्द के इस्तेमाल करने का अनुरोध किया। 

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