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आदिवासी नेता मोहन मरकाम अब होंगे प्रदेश कांग्रेस के नए अध्यक्ष

एक वर्ष पहले
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प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ विधायक मोहन मरकाम
  • बस्तर के कोंडागांव से विधायक हैं मरकाम, कांग्रेस ने पहली बार बस्तर से चुना पीसीसी अध्यक्ष
  • राष्ट्रीय महासचिव वेणुगोपाल ने की नाम की घोषणा, अध्यक्ष को लेकर लंबे समय से चल रही थी कवायद
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रायपुर. छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नए अध्यक्ष कोंडागांव विधायक मोहन मरकाम होंगे। उनके नाम की घोषणा शुक्रवार को राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने की। पार्टी हाईकमान के आदेश के बाद आधिकारिक रूप से उन्होंने पत्र जारी कर दिया है। ऐसा पहली बार हुआ है कि कांग्रेस ने बस्तर से अपना प्रदेश अध्यक्ष चुना है। राज्य बनने से पहले और उसके बाद भी बस्तर से कभी कांग्रेस ने अपना नेता नहीं चुना था। 

1) जातीय संतुलन बनाए रखने के लिए ओबीसी के बाद अब आदिवासी चेहरे को जिम्मेदारी 

फिलहाल अभी तक प्रदेश कांग्रेस की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पास थी। पीसीसी चीफ होने के साथ-साथ वो मुख्यमंत्री पद का दायित्व भी संभाल रहे थे। लोकसभा चुनाव के बाद पीसीसी चीफ पर नाम की घोषणा होनी थी, लेकिन नतीजों के कारण मामला गड़बड़ा गया। ओबीसी जाति से ताल्लुक रखने वाले भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री बनाने के बाद पार्टी राज्य में जातीय संतुलन के आधार पर प्रदेशाध्यक्ष की कुर्सी तय करना चाहती थी। 

पार्टी लंबे समय से इस बात की तैयारी कर रही थी कि किसी आदिवासी चेहरे को पार्टी मुखिया के पद पर बिठाया जाए। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस सिलसिले में राज्य के करीब 6 कद्दावर नेताओं से मुलाकात की थी।  इसमें राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और टीएस सिंह देव  जैसे नेता शामिल हैं। बीते कुछ दिनों में राहुल ने राज्य कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया के साथ भी कई बार बैठक  कर मंथन किया था। 

नए अध्यक्ष के चयन को लेकर तमाम कयास भी लगाए जा रहे थे। इसके लिए राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री बघेल को दिल्ली भी बुलाया था। बस्तर से विधायक मोहन मरकाम के साथ ही विधायक मनोज मंडावी, फूलो देवी नेताम और विधायक शिशुपाल सोरी के नाम भी चर्चा में थे। हालांकि फूलो देवी और शिशुपाल सोरी को मुख्यमंत्री की पसंद के रूप सामने बताया जा रहा था। वहीं बस्तर विधायक मनोज मंडावी और मोहन मरकाम के भी दिल्ली के चक्कर लग रहे थे। 

कोडागांव से विधायक मोहन मरकाम सरल सहज हैं और पार्टी के सभी सीनियर नेताओं से उनके अच्छे संबंध हैं। हालांकि, टीएस सिंहदेव से उनकी नजदीकियां अधिक है। मोहन मरकाम 2013 और 2019 में लगातार दो बार के विधायक हैं। उन्होने लता उसेंडी को हराया। मोहन मरकाम दो महीने शिक्षाकर्मी रहे तो लंबे अरसे तक एलआईसी के विकास अधिकारी भी। 50 वर्षीय यह नेता संगठन में कई जवाबदेही संभाल चुका है,ब्लाक अध्यक्ष से लेकर मौजूदा समय में एआईसीसी का हिस्सा मोहन मरकाम हैं।

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