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विधानसभा / राजधानी में विवादित स्काई वॉक की होगी जांच, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने की घोषणा

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2019, 05:13 PM IST


फाइल फोटो। फाइल फोटो।
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फाइल फोटो।फाइल फोटो।
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रायपुर. सरकार ने राजधानी में विवादित स्काई वॉक बनाने की जांच कराने की घोषणा की है। सत्ता पक्ष व विपक्ष के विधायकों ने योजना को लेकर जमकर गुस्सा उतारा। सदन में इस पर शोर-शराबा होता रहा। अफसरों और दोषियों पर कार्रवाई की मांग के साथ प्रकरण की जांच के लिए विधानसभा की प्रश्न व संदर्भ समिति की मांग भी उठी। आखिरकार गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने मामले की जांच कराने की घोषणा कर दी।

स्काई वॉक को तोड़ने की मांग की गई

  1. विधानसभा में स्काई वॉक का मुद्दा गुरुवार को धरमजीत सिंह व वृहस्पति सिंह ने ध्यानाकर्षण के दौरान उठाया। सिंह ने इसके औचित्य व दुरुपयोग पर सवाल करते हुए मंत्री से पूछा कि देश में कहीं भी इतना बड़ा स्काई वॉक आपने कहीं देखा है? इसके बनने के बाद यहां अपराध होंगे। इसे बनाने को लेकर बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है। इसे तुरंत तोड़ दिया जाना चाहिए।

  2. बजट से पहले मंजूरी दी गई, बाद में सर्वे किया

    ये ऐसी योजना है जिसे बजट में पहले मंजूरी दी गई बाद में सर्वे, डीपीआर व अन्य प्रक्रिया शुरू की गई। वृहस्पति सिंह ने कहा कि 11 दिसंबर को मतगणना की तैयारी चल रही थी। 13 दिसंबर को अाचार संहिता के दौरान इसकी लागत 28 करोड़ रुपए और बढ़ाकर भुगतान किया गया। रायपुर पश्चिम विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि अफसरों ने चापलूसी करने के लिए यह प्रोजेक्ट बनाया था। पूरे देश में किसी प्रोजेक्ट के दिखावे के नाम पर इतना बड़ा आडंबर कहीं नहीं किया गया।

  3. योजना में शामिल अफसरों की होगी जांच

    योजना में शामिल तात्कालिक अफसरों की भूमिका की जांच की मांग की गई। भिलाई विधायक व महापौर देवेंद्र यादव ने भी जांच की मांग करते हुए कहा कि यह जनता के पैसे का दुरूपयोग है। सदन इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। यह पूर्ववर्ती सरकार का काम है। जब इसकी जांच की मांग हो रही है तो पूर्व मंत्री को मिर्ची क्यों लग रही है।

  4. स्कायवॉक की जांच होगी - ताम्रध्वज

    गृहमंत्री साहू ने मामले की जांच का ऐलान करते हुए कहा कि वे किसी को भी बचाने का प्रयास नहीं कर रहे हैं। यह निर्वाचित सरकार का निर्णय था।  उसके अनुसार अधिकारियों ने काम किया। इसे तोड़ने की बात हो रही है तो इसमें और खर्च आएगा। मुख्यमंत्री ने इसके उपयोग को लेकर जनप्रतिनिधियों व संगठनों से चर्चा करने करने की बात की है। चाहे मेट्रो चलाना हो या कोई बेहतर विकल्प सामने आएगा तो उस पर विचार करेंगे।

  5. पैदल चलने के लिए बना है स्काई वॉक

    साहू ने कहा कि लोगों को पैदल सुरक्षित चलने के लिए ये योजना बनी थी। 2016-17 के बजट में इसका प्रावधान किया गया था। पहले इसकी लागत करीब 48 करोड़ थी। फिर स्थल व परिस्थितियों में परिवर्तन की वजह से 28 करोड़ रुपए लागत बढ़ गई। इसमें पाथवे की चौड़ाई, एस्कलेटर, लिफ्ट, दुकानों के खर्च शामिल हैं।

  6. ऐसा है ये स्काई वॉक

    स्काई वॉक के लिए 2016-17 के बजट में प्रावधान करीब 49.9 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था। कंसल्टेंट एसएन भोबे, मुंबई को 20 सितंबर 2016 को अनुबंधित किया गया था। कसल्टेंट की रिपोर्ट के मुताबिक हर रोज शास्त्री चौक से 27 हजार और मेकाहारा चौक से 14 हजार लोग पैदल गुजरते हैं।

  7. लखनऊ की एक कंपनी को दिया गया काम

    24 अप्रैल 2017 को मेसर्स जीएस एक्सप्रेस प्रालि लखनऊ को कार्यादेश जारी हुआ। योजना पर 13 दिसंबर 2018 को 77 करोड़ 10 लाख 30 हजार रुपए की पुनरीक्षित प्रशासकीय मंजूरी मिली। स्कायवॉक की कुल लंबाई 1470 मीटर है। मल्टीलेवल पार्किंग जयस्तंभ की ओर 614 मीटर, आंबेडकर अस्पताल की ओर 590 मीटर, शास्त्री चौक 266 मीटर। चौड़ाई - मल्टीलेवल पार्किंग एवं आंबेडकर अस्पताल 3.75 मीटर तथा रोटरी भाग में 4 मीटर है। इस पर 8 स्थानों पर 32 दुकानें बनाने की योजना है। वर्तमान में 50 फीसदी काम पूरा हो गया है। अब तक 36 करोड़ 44 लाख रुपए खर्च हो गए हैं।

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