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छत्तीसगढ़  / तोंगपाल हत्याकांड में डीयू की प्रोफेसर नंदिनी सुंदर सहित 5 को पुलिस ने दी क्लीन चिट

Dainik Bhaskar

Feb 12, 2019, 06:07 PM IST


प्रोफेसर नंदिनी सुंदर प्रोफेसर नंदिनी सुंदर
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प्रोफेसर नंदिनी सुंदरप्रोफेसर नंदिनी सुंदर
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  • सुकमा में हुए बहुचर्चित हत्याकांड में पुलिस ने बयानों के आधार पर इन्हें बनाया था आरोपी
  • ग्रामीणों को धमकाने और नक्सलियों को भड़का कर हत्या कराने का लगा था आरोप

रायपुर. छत्तीसगढ़ में हुए बहुचर्चित तोंगपाल हत्याकांड में सुकमा पुलिस ने मंगलवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नंदिनी सुंदर, जेएनयू प्रोफेसर अर्चना प्रसाद सहित 5 लोगों को साक्ष्य के अभाव में क्लीन चिट दे दी है। अब पुलिस न्यायालय में इस मामले से जुड़ा चालान पेश करेगी, जिसमें से इन लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं। एसपी जितेंद्र शुक्ल ने क्लीन चिट दिए जाने की पुष्टि की है। इस हत्याकांड में आदीवासी ग्रामीण शामनाथ बघेल की हत्या कर दी गई थी।

नक्सलियों के खिलाफ अभियान चला रहे थे बघेल

  1. जानकारी के मुताबिक, नवंबर 2016 को सुकमा जिले के तोंगपाल थाना क्षेत्र के सौतनार नामापारा गांव के आदिवासी ग्रामीण शामनाथ बघेल की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में डीयू की प्रोफेसर नंदिनी सुंदर सहित अन्य 5 लोगों को आरोपी बनाते हुए तोंगपाल थाने में मामला दर्ज किया गया था।

  2. सभी पर हत्या सहित अन्य मामलों में एफआईआर की गई। पुलिस की विवेचना में तथ्य सामने आया कि नंदिनी सुंदर समेत दोनों प्रोफेसर हत्याकांड के दौरान रिसर्च के लिए बस्तर दौरे पर थीं।

  3. दरअसल, शामनाथ बघेल पिछले काफी समय से नक्सलियों के खिलाफ अभियान चला रहे थे। पत्नी विमला बघेल ने पुलिस को बताया था कि शामनाथ बघेल को नक्सलियों की ओर से लगातार धमकियां मिल रही थीं। पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने 15 लोगों को आरोपी बनाया था।  

  4. तब दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नंदिनी सुंदर, जेएनयू प्रोफेसर अर्चना प्रसाद, सीपीआई (एम) नेता संजय परते और इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल स्टडीज के विनीत तिवारी समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

  5. इसी मामले को लेकर 11 दिसंबर 2018 को एएसपी आईपीएस शलभ सिन्हा की अध्यक्षता में एसआईटी जांच का आदेश जारी हुआ। 14 दिसंबर 2018 को इसकी डायरी एसआईटी को प्राप्त हुई। पुलिस जगदलपुर न्यायालय में जल्द ही चालान पेश करने वाली है। 

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