छत्तीसगढ़  / गांधी ने बैरिस्टर होकर लंगोट पहनी, इनके प्रधानमंत्री हैं जो फादर ऑफ नेशन बनने की कोशिश करते हैं : भगत

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  • विधानसभा का विशेष सत्र गांधी जी पर, लेकिन चर्चा गोडसे से लेकर नेहरू और पीएम मोदी के कपड़ों की 
  • बापू की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ विधानसभा में आयोजित किया गया है विशेष सत्र

दैनिक भास्कर

Oct 03, 2019, 03:04 PM IST

रायपुर. महात्मा गांधी पर आयोजित छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में दूसरे दिन गुरुवार को भी चर्चा नाथू राम गोडसे से शुरू होकर पूर्व प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कपड़ों तक पहुंच गई है। संस्कृति मंत्री अमरजीत सिंह भगत ने कहा कि गांधी जी ने बैरिस्टर होकर भी लंगोट पहनकर मिसाल कायम की थी। एक इनके प्रधानमंत्री हैं, जो विदेशों में जाकर फादर ऑफ नेशन बनने की कोशिश करते हैं। भाजपा विधायक सौरभ सिंह ने कहा था कि आपके भी एक प्रधानमंत्री थे, जिनका सूट विदेश से सिलकर आता था। 

गांधी जी की विचारधारा को छत्तीसगढ़ सरकार आगे बढ़ा रही

संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने संस्कृत में अपना संबोधन शुरू करते हुए कहा कि गांधी की विचारधारा को ही छत्तीसगढ़ सरकार आगे बढ़ा रही है। नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी गांधी के ग्राम स्वराज की कल्पना को पूरा करती है। मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि गांधी ने बैरिस्टर होकर भी लंगोट पहनक मिसाल कायम की थी। एक इनके प्रधानमंत्री हैं, जो विदेशों में जाकर फादर ऑफ नेशन बनने की कोशिश करते हैं। दस लाख का सूट बूट पहनते हैं। इस पर भाजपा विधायक सौरभ सिंह ने कहा कि आपके भी एक प्रधानमंत्री थे। जिनका सूट विदेशों से सिलकर आता था।

बापू की 150वीं जयंती पर चल रहे विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र में सदन में चर्चा की शुरुआत महात्मा गांधी से हुई, लेकिन नाथूराम गोडसे को लेकर चल रहा बवाल भी इसका हिस्सा रहा। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि सदन में पॉजिटिव वातावरण हो सकता है, लेकिन जब निगिटिव सोच होगी तो कोई कुछ नहीं बदल सकता है। डॉ. रमन सिंह ने कहा, जब सदन में गांधी जी की चर्चा की बात की गई थी तो किसी और के नाम की चर्चा क्यों की गई। अवसर मिला था कि छत्तीसगढ़ विधानसभा का इतिहास में नाम दर्ज होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

सदन में भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने पहले दिन बुधवार को गोडसे को लेकर मचे बवाल का जिक्र करते हुए कहा कि गांधी मरता है तो मरने दो। इस तरह के गलत शब्दों का प्रयोग सदन किया गया। इस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने टोकते हुए कहा कि यही गोडसे के विचार हैं। साफ झलकता है। आप गलत शब्द का प्रयोग कर रहे हैं। इस पर जवाब देते हुए नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि जिस तरह की चर्चा हो रही है, उससे यही नहीं पता लग रहा कि गांधी जी पर चर्चा हो रही है कि गोडसे पर। 

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने कहा कि चुनाव के पहले ये संकल्प था कि अगर कांग्रेस की सरकार आती है तो शराबबंदी करेंगे। सदन ये संकल्प पारित हो जाए सर्वसम्मति से तो इससे बड़ी श्रद्धांजलि गांधी को नहीं दी जा सकती। 150 वीं जयंती के मौके पर गांधी के इस सपने को पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा, सदन में एक पॉजिटिव चर्चा की उम्मीद थी। मुझे लग रहा था कि गांधी पर चर्चा होगी तो इस अवसर का लाभ उठाया जाएगा। कुछ ऐसी योजनाएं आएंगी जिसकी चर्चा 150 साल तक होगी। इस अवसर से हम चूक गए।

  • पूर्व सीएम रमन सिंह ने कहा, छत्तीसगढ़ के 42 हजार बुनकर हैं, उनके पास कोई काम नहीं बचा है। अगर गांधी जयंती पर कुछ करना ही था तो कम से कम उन बुनकरों की सुध ले सकते थे। इस पवित्र विधानसभा में उन बुनकरों के रोजगार की सुरक्षा की गारंटी ली जा सकती थी। 
  • डॉ. सिंह ने कहा कि 5 नई योजनाएं लागू की जा रही हैं। हमने 5 वर्ष की उम्र से छोटे बच्चों के लिए फुलवारी योजना शुरू की थी। पुरानी योजना को नया लेवल लगाकर स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना को हमने सालों पहले शुरू किया था।
  • महात्मा गांधी, अकेला व्यक्ति उस सल्तनत को चुनौती देता था, जिसका कभी सूरज डूबता नहीं था। सैकड़ों साल बाद भी महात्मा गांधी के कद को कोई छू नही सकता। नेल्सन मंडेला, मार्टिन लूथर किंग जैसे कई दुनिया के बड़े नेता उन्हें प्रेरणा माना।

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