हेल्थ / डीकेएस अस्पताल को भ्रष्टाचार से ज्यादा थर्राया चूहों ने, एसी के तार काट डाले और दवाई भी पीने लगे

Dainik Bhaskar

May 15, 2019, 01:44 PM IST



Rats are cutting wire of AC in DKS Hospital Raipur
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Rats are cutting wire of AC in DKS Hospital Raipur

  • शुरू होने के बाद से ही भ्रष्टाचार की खबरों को लेकर काफी चर्चा में है डीकेएस 
  • अंबेडकर हास्पिटल और डीकेएस के बीच सुविधाओं को लेकर हो रही गफलत, मरीज परेशान

रायपुर. देश के अकेले सरकारी सुपर स्पेश्यालिटी डीकेएस अस्पताल की भ्रष्टाचार को लेकर तो चर्चा है ही, इस अस्पताल को भीतर ही भीतर चूहों की धमाचौकड़ी ने बर्बादी के कगार पर खड़ा कर दिया है। अफसरों के मुताबिक इतने चूहे हो गए हैं कि सारा एयरकंडीशंड सिस्टम फेल हो गया है। पूरे एसी बंद हैं, भीषण गर्मी है और मरीज इतने बेहाल हैं कि अपने घरों से पंखे लाकर काम चला रहे हैं।

 

जिस गर्मी में एसी-कूलर फेल हो गए हैं, वहां पंखों से हवा भी गर्म आ रही है। अस्पताल प्रबंधन ने भी स्वीकार किया कि जितने एसी हैं, वह बना भी रहे हैं तो चूहे इस तरह तार काट रहे हैं कि यह बंद हो जा रहे हैं। हालांकि यहां एसी की कमी भी है। भास्कर की पड़ताल के मुताबिक आईसीयू-2 का आधा हिस्सा भी एयरकंडीशंड नहीं किया जा सका है। 

 

साढ़े सात माह पहले शुरू हुआ था ये अस्पताल
साढ़े सात माह पहले शुरू हुए डीकेएस अस्पताल राजनीतिक तौर पर काफी चर्चा में है। अस्पताल है सुपर मल्टी स्पेशलिटी और समस्याओं की भरमार। अब नई समस्या चूहों को लेकर है। ये न केवल एसी का कनेक्शन काट रहे हैं, बल्कि किचन व वार्डों में धमाचौकड़ी मचा रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि दवा की बोतलें भी चूहे खाली करने लगे हैं। इससे परेशान डीकेएस प्रबंधन अब चूहे मारने के लिए पेस्टिंग अभियान शुरू करने वाला है। ताकि चूहों से राहत मिल सके।

 

चार साल चूहे मारने के लिए खर्च हुए थे 15 लाख रुपए

चार साल पहले अंबेडकर अस्पताल में चूहे मारने के लिए 15 लाख रुपए खर्च किया गया था। इसके लिए बकायदा टेंडर निकाला गया था। प्रदेश में चूहे मारने के लिए किसी अस्पताल या संस्था में यह पहला टेंडर था। हालांकि पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में इंदौर के एमवाय अस्पताल में चूहों की सफाई के लिए व्यापक अभियान चलाया गया था।

 

मरीजों को लगाना पड़ रहा है चक्कर

ट्रामा सेंटर नहीं होने से मरीज अंबेडकर अस्पताल ले जाए जा रहे हैं, जबकि यहां न्यूरो सर्जन ही नहीं है। पिछले गुरुवार को दुर्ग में एक युवती छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। दोपहर 1 बजे के आसपास उसे एम्स ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति के बाद भी भर्ती करने से इनकार कर दिया। इसके बाद परिजन युवती को लेकर डीकेएस पहुंचे। यहां भी डॉक्टरों ने युवती को अंबेडकर ले जाने कहा। इलाज में देरी की वजह से युवती की हालत बिगड़ती गई। अंबेडकर में मरहम पट्‌टी कर वापस डीकेएस रेफर किया गया। युवती की हालत गंभीर बनी हुई है। इस तरह के कई केस हैं, जब मरीजों को एम्स से लेकर डीकेएस व अंबेडकर अस्पताल का चक्कर लगाना पड़ता है। 

 

सीधी बात 
चूहों को मारने के लिए चलाएंगे अभियान 
सवाल- आखिर एसी सिस्टम क्यों फेल हैं। मरीज घर से पंखे लाकर काम चला रहे हैं। 
जवाब- अस्पतालों में चूहों की संख्या काफी बढ़ गई है। ये तार कुतर रहे हैं। 
सवाल- आखिर चूहे बढ़ने का कारण क्या है? 
जवाब- आसपास बड़ी आबादी है, इसलिए चूहों का आना लाजिमी है। 
सवाल- तो चूहों को खत्म करने के लिए क्या करने जा रहे हैं? 
जवाब- चूहों को खत्म करने के लिए पेस्टिंग अभियान चलाएंगे। 
डॉ. केके सहारे, अधीक्षक डीकेएस 

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