दुर्ग स्टेशन पर आरपीएफ ने 13 बच्चों को छुड़ाया, चाइल्ड ट्रेफिकिंग का संदेह

3 वर्ष पहले
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  • 3 दिन पहले राजनांदगांव में छुड़ाए गए थे 33 बच्चे  

दुर्ग . राजनांदगांव स्टेशन के बाद दुर्ग रेलवे स्टेशन पर मानव तस्करी के संदेह में आरपीएफ ने 13 बच्चों का रेस्क्यू किया है। उनके साथ एक युवक को पकड़ा है। शालीमार कुर्ला एक्सप्रेस में एक व्यक्ति के साथ 10 से 13 साल उम्र के 13 बच्चों को देख रेलवे के चीफ कॉमर्शियल इंस्पेक्टर टी नाग को शक हुआ।

 

उन्होंने बिना देरी किए अपने उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। साथ ही दुर्ग आरपीएफ को इसकी सूचना देकर उन्हें अलर्ट किया। दुर्ग रेलवे स्टेशन पहुंचते ही आरपीएफ की मदद से बच्चों समेत युवक को उतार लिया गया। पूछताछ में बिहार के पूर्णिया निवासी तजम्मुल हुसैन ने बच्चों के परिजन की मर्जी के महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में जाने की जानकारी दी। वैध दस्तावेज न होने पर सीडब्ल्यूसी को घटनाक्रम की जानकारी देकर बच्चों को उनके हवाले कर दिया। 


जानकारी के मुताबिक शालीमार कुर्ला एक्सप्रेस गाड़ी में टिकट चेकिंग स्कवाड टी नाग के नेतृत्व में टिकट चेकिंग कर रहे थे। रायपुर से टिकट चेक करते हुए एस-1 से एस-8 कोच में पहुंचे। वहां 27 व 28 बर्थ पर लगभग 10 से 13 साल की उम्र के 13 बच्चे बिना परिजन के सफर कर रहे थे। उन्हें एक व्यक्ति मदरसे में पढ़ाई कराने के बहाने ले जा रहा था। शक होने पर आरपीएफ को सूचना दी। दुर्ग रेलवे स्टेशन पहुंचने पर सभी बच्चों को उतार लिया गया। बच्चों को चाइल्ड लाइन भेज दिया गया है।


पहले भी पकड़े गए बच्चे बिहार से महाराष्ट्र मदरसे में पढ़ने निकले : इससे पहले पहले चाइल्ड ट्रैफिकिंग के संदेह पर हावड़ा-मुंबई मेल से 33 बच्चों का रेस्क्यू किया गया। बच्चों को अपने साथ ले जाने वाले भागलपुर बिहार निवासी मोहम्मद शाकिर हुसैन ने भी बच्चों को परिजनों की मर्जी से मरदसे में एडमिशन कराने के लिए ले जाने की बात कही थी। युवक के पास वैध दस्तावेज नहीं पर बच्चों की चाइल्ड लाइन में रखा गया है। उस मामले में सीडब्ल्यूसी की जांच चल रही है।

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