छत्तीसगढ़ / झीरम कांड जांच के लिए एसआईटी गठित, बस्तर आईजी के नेतृत्व में बनी 10 सदस्यीय टीम



SIT Constituted for Jhiram massacre in Chhattisgarh
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SIT Constituted for Jhiram massacre in Chhattisgarh

  • टीम में बस्तर आईजी विवेकानंद सिन्हा के अलावा डीआईजी पी सुंदर राज भी होंगे 
  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सीएम बनते ही एसआईटी जांच कराने की घोषणा की थी 

Jan 02, 2019, 07:32 PM IST

रायपुर/ भोपाल. झीरम घाटी में 2013 में नक्सली हमले में 25 कांग्रेसी नेताओं की हत्या के मामले में छत्तीसगढ़ सरकार ने एसआईटी का गठन किया है। भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री बनते ही मामले की जांच एसआईटी से कराने की घोषणा की थी। उधर, मध्यप्रदेश के गृहमंत्री बाला बच्चन ने मंदसौर गोलीकांड, पेलटावद और बालाघाट विस्फोट की दोबारा जांच कराने का ऐलान किया।

झीरम कांड में खत्म हो गया था कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व

  1. विवेक

    एसआईटी टीम में 10 सदस्य हैं। इस टीम का नेतृत्व बस्तर के आईजी विवेकानंद सिन्हा करेंगे। उनके अलावा डीआईजी नक्सल ऑपरेशन पी. सुंदर राज, एसपी, सुरक्षा वाहिनी माना एमएल कोटवानी, रिटायर्ड डीएसपी नरेन्द्र शर्मा, विधि विशेषज्ञ एएन चतुर्वेदी और विधि-विज्ञान विशेषज्ञ डॉ.एमके वर्मा भी शामिल हैं।

  2. झाीरम

    26 मई 2013 को झीरम घाटी में नक्सलियों ने कांग्रेस के 25 नेताओं की हत्या कर दी थी। यह हमला देश के इतिहास के सबसे बड़े नक्सली हमलों में गिना जाता है। हमले में पूर्व केन्द्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, तत्कालीन पीसीसी चीफ नंदकुमार पटेल, बस्तर टाइगर के रूप में फेमस रहे महेंद्र कर्मा, उदय मुदलियार समेत 25 कांग्रेस नेता मारे गए थे।

  3. भाजपा सरकार में हुई थी एनआईए की जांच

    भाजपा सरकार में झाीरम हमले पर एनआईए ने जांच की थी। एनआईए की विशेष अदालत में पेश की गई फाइनल रिपोर्ट में कहा गया है कि झीरम हमला सरकार को उखाड़ फेंकने की एक चाल थी। ये हमला दहशत फैलाने के लिए किया गया था। हालांकि कांग्रेस पार्टी इसे एक योजनाबद्ध षड्यंत्र मानती रही। जैसे ही कांग्रेस पार्टी की सरकार बनी सीएम बघेल ने झीरम कांड की एसआईटी जांच की घोषणा की थी।

  4. मंदसौर में 6 किसानों की फायरिंग में गई थी जान

    मप्र के गृह मंत्री बाला बच्चन ने कहा कि मंदसौर गोलीकांड की दोबारा जांच होगी। उन्होंने कहा कि भारत बंद के दौरान 2 अप्रैल 2018 को हुई हिंसा के मामले में फंसे निर्दोषों के केस वापस लिए जाएंगे। लेकिन इसके पहले पूरे मामले की जांच की जाएगी। 

  5. मध्यप्रदेश में जून में किसान आंदोलन हिंसक हो गया था। 6 जून 2017 को मंदसौर में किसानों पर गोली चलाई गई थी। इसके बाद छह किसान मारे गए थे, इससे आंदोलन और ज्यादा हिंसक हो गया था। 

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