भास्कर पड़ताल / स्मार्ट कार्ड से फ्री इलाज बंद, नई पॉलिसी सात माह संभव नहीं, फिर भी अफसर अध्ययन के बहाने हो आए थाईलैंड



Smart card health policy close, new policy will be start.
X
Smart card health policy close, new policy will be start.

  • स्मार्ट कार्ड से इलाज की पॉलिसी समझने पिछली सरकार में भी हो गए थे चार विदेश दौरे

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2019, 05:55 AM IST

रायपुर . प्राइवेट अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना से इलाज ठप है। स्मार्ट कार्ड से फ्री इलाज की पॉलिसी से नाराज प्राइवेट अस्पतालों ने योजना का बहिष्कार कर रखा है। बड़े और मल्टी स्पेशिलटी अस्पताल अपनी शर्तों पर इलाज की जिद पर अड़ गए हैं। सरकार बदलने के बाद भी फ्री इलाज शुरू नहीं किया जा सका है।

 

इस बीच, स्वास्थ्य विभाग के आला अफसर थाईलैंड की फ्री हेल्थ पॉलिसी का परीक्षण करने चले गए, जबकि सच यह है कि अगले 7 महीने तक हेल्थ स्कीम में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता। वजह ये है कि जो एजेंसी स्मार्ट कार्ड से इलाज कर रही है, उसका अनुबंध अगस्त में खत्म होगा। उसके बाद ही नए टेंडर के साथ नई पॉलिसी लागू की जा सकती है।


हेल्थ स्कीम के बदलाव में अनुबंध का कानूनी पेंच होने के बावजूद आला अफसरों ने यहां फ्री इलाज शुरू करने की दिशा में प्रयास नहीं किया। अभी जिस तरह के हालात हैं, उससे मौजूदा कंपनी और प्राइवेट अस्पतालों के बीच समझौते के आसार कम हैं। ऐसी दशा नई पॉलिसी लांच होने तक प्राइवेट अस्पतालों में गरीब मरीजों को फ्री इलाज की सुविधा नहीं मिलेगी। उन्हें सरकारी अस्पताल के भरोसे रहना है। उनके पास बेहतर इलाज का कोई विकल्प नहीं है।

 

सरकार बदलने के बाद डाक्टरों और इलाज करने वाली बीमा कंपनी के बीच समझौते की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसी का नतीजा है कि प्राइवेट अस्पताल अभी भी फ्री इलाज नहीं करने की अपनी मांग पर अड़े हैं। वे पुराने स्मार्ट कार्ड के सिस्टम को लागू करने की मांग कर रहे हैं और आरएसबीवाय के पैकेज को बेहतर बता रहे हैं। आईएमए के रायपुर अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन ने बताया कि आयुष्मान योजना में काम करना मुश्किल है। बीमा कंपनी क्लेम का भुगतान नियमित नहीं कर रही है।

 

बीमा कंपनी की मनमानी, अंबेडकर अस्पताल के छह करोड़ रुपए रोके, डीकेएस के तीन करोड़ रुपए फंसे : प्राइवेट अस्पताल के डाक्टर बीमा कंपनी पर मनमाने तरीके से पैसे रोकने का आरोप लगा चुके हैं। उसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने कोई बड़ी कार्रवाई या सीधा हस्तक्षेप नहीं किया। अब बीमा कंपनी ने अंबेडकर अस्पताल का 6 करोड़ रोक दिया।

 

डीकेएस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के 3 करोड़ का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। अंबेडकर अस्पताल को तो सरकार से अतिरिक्त बजट दिया जाता है, लेकिन डीकेएस को अभी सीधे कोई सुविधा नहीं मिल रही है। नतीजा, यहां डाक्टरों और ठेके पर काम कर रहे सफाई-सुरक्षाकर्मियों को वेतन देने के पैसे नहीं है। हालात हड़ताल तक पहुंच गए हैं। प्राइवेट अस्पताल वाले 50 करोड़ से ज्यादा का भुगतान रोकने का आरोप लगा चुके हैं।

 

4 साल में चौथा विदेश दौरा, हर बार यही अफसर गए, पर तकनीकी विशेषज्ञ को कभी नहीं ले गए : स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का ये चौथा विदेश दौरा है। 2016 में डाक्टरों की टीम बैंकाक वहां की हेल्थ पॉलिसी का अध्ययन करने गयी। वहां से टीम जापान भी गई। 2017 में स्वास्थ्य विभाग के अफसर दुबई गए। पिछले साल 2018 में श्रीलंका का दौरा किया। अब 2019 में अफसरों का दल थाईलैंड गया था।

 

चारों दौरे में कम से कम दो अधिकारी तो ऐसे हैं, जो दो-दो बार जा चुके हैं। हर बार अफसर जाते हैं, लेकिन वहां से क्या पॉलिसी लेकर आते हैं, इसका कभी खुलासा नहीं किया। इतना ही नहीं अफसर हेल्थ पॉलिसी का अध्ययन करने जाते हैं, लेकिन कभी किसी डाक्टर या तकनीकी एक्सपर्ट को नहीं लेकर गए। इसी वजह से नई सरकार बनते ही पहला विदेश दौरा कई तरह से चर्चाओं में है।

 

ऐसी है स्मार्ट कार्ड योजना  : मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना एमएसबीवाई में किसी भी परिवार को 50 हजार तक के फ्री इलाज का फायदा मिलता है। वहीं आरएसबीवाई लाभार्थियों को एमएसबीवाई के अंतर्गत 20 हजार रुपए अतिरिक्त कवर प्रदान किया गया है। तेलंगाना,  तमिलनाडु, ओडिसा, महराष्ट्र, गोवा, केरल, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मेघालय, छत्तीसगढ़ समेत करीब 24 राज्य अपनी स्वयं की स्कीमें कार्यान्वित कर रहे हैं।

 

थाईलैंड में 3 तरह की पॉलिसी 

  • सीएसएमबीएस यानी सिविल सर्वेंट मेडिकल बेनीफिट स्कीम में पांच मिलियन सरकारी कर्मचारी व उनके आश्रितों का फ्री इलाज होता है। इस योजना के लिए सामान्य टैक्स से मिले फंड को खर्च किया जाता है।   
  • एसएचआई यानी सोशल हेल्थ इंश्योरेंस में 10 मिलियन लोग शामिल हैं। इसमें सरकारी व निजी क्षेत्र के लोग हैं। बीमा कवर करने के लिए कर्मचारी व नियोक्ता से वेतन की डेढ़ फीसदी राशि ली जाती है। 
  • यूसीएस यानी यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम में 48 मिलियन लोग कवर होते हैं। उपरोक्त दोनों योजना में जो लोग शामिल नहीं है, उनके लिए यह योजना है। सामान्य टैक्स से मिली राशि को खर्च करते हैं।
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना