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छत्तीसगढ़ / दिल्ली के बैंक में पैसा निकालने पहुंचे ठग खाता ब्लॉक था इसलिए हो गए नाकाम



Smugglers to get money in Delhi's bank
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Smugglers to get money in Delhi's bank
  • पंडरी के बैंक का खाता हैक कर 6 राज्यों के खातों में ढाई करोड़ ट्रांसफर किया था ठगों ने 

Dainik Bhaskar

Nov 10, 2018, 11:48 PM IST

रायपुर . पंडरी कपड़ा मार्केट के व्यावसायिक सहकारी बैंक से 2.47 करोड़ की ऑन लाइन ठगी करने वाले जालसाज गिरोह ने दिल्ली के बैंकों से पैसा निकालने की कोशिश की। पुलिस ने पहले ही उन खातों का ट्रांजेक्शन ब्लॉक करवा दिया है, इस वजह से ठग पैसा निकालने में कामयाब नहीं हो सके।

 

 ठगों ने एटीएम का उपयोग भी किया। उसमें भी कामयाबी नहीं मिली। सहकारी बैंक का खाता हैक कर ठगों ने सबसे ज्यादा दिल्ली में 7 खातों में पैसे ट्रांसफर किये हैं। पुलिस को राज्य की सबसे बड़ी ऑन लाइन ठगी में दिल्ली के हैकर्स पर ही शक है।
बैंक खाते को हैक कर ठगों ने देश के आधा दर्जन राज्यों के 26 खातों में पैसा ट्रांसफर किया है। उसमें अब तक केवल दिल्ली में ही पैसा निकालने का प्रयास सामने आया है। पुलिस की तहकीकात में पता चला है कि खाते में पैसे ट्रांसफर होने के 48 घंटे के भीतर हैकर्स गैंग का सदस्य दिल्ली के एक एटीएम में गया।

उसने दो-तीन बार अपने खाते से पैसे निकालने का प्रयास किया।  उसके करीब आधा घंटे बाद अलग-अलग एटीएम में इसी तरह की कोशिश की गई। किसी भी खाते से पैसा नहीं निकला।  इसी के बाद पुलिस को दिल्ली के हैकर्स गिराेह पर शक हुआ है।

 

जांच के लिए दिल्ली जाएगी टीम, एटीएम से निकाला जाएगा फुटेज : पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती हैकर्स को पकड़ना है। बैंक आसानी से खाते से निकले पैसों का ट्रांजेक्शन रोक देती है। पुलिस ने बैंकों की मदद से यही किया है, लेकिन अब तक हैकर्स के बारे में पता नहीं चला है।

पुलिस जांच में तकनीकी एक्सपर्ट की मदद ले रही है। बैंक के एक-एक सिस्टम की जांच की जा रही है। सिस्टम से आईपी एड्रेस निकाले जा रहे है। पुलिस बैंकिंग सॉफ्टवेयर की भी जांच कर रही है कि कैसे हैकर्स उसमें सेंध लगाने में कामयाब हुए हैं। पुलिस की एक टीम जांच के लिए दिल्ली जाने वाली है। वहां के बैंकों से जानकारी लेने के साथ उन एटीएम में भी जाएगी, जहां-जहां पैसे निकालने की कोशिश की गई है। वहां पुलिस फुटेज निकालने की भी कोशिश होगी।

 

खातों की हिस्ट्री खंगाली जा रही : पुलिस अब उन सभी 26 खातों की हिस्ट्री निकाल रही जिसमें पैसे ट्रांसफर किए गए हैं। खाता के मालिक से लेकर उसके ट्रांजेक्शन का डिटेल मांगा गया है। खाते में कब, कहां और कितने पैसों का ट्रांजेक्शन हुआ है। सबसे ज्यादा पैसे कहां निकाले गए। अफसरों के अनुसार छुट्टी के कारण बैंक बंद है। इस वजह से खातेदारों की जानकारी मिलने में देरी हो रही है। बैंक खुलते ही स्पष्ट हो जाएगा कि खातेदार कौन कौन हैं। 

 

परिचितों का खाता होने का शक : पुलिस को शक है कि हैकर्स ने अपने रिश्तेदार या परिचितों के खातों में पैसे ट्रांसफर किए हैं। हालांकि पुलिस किराए के खाते की दिशा में भी जांच कर रही है। नाइजीरियन गिरोह 3-4 हजार में खाते किराए पर लेकर इस तरह का काम करते है। खाते के मालिक को प्रत्येक ट्रांजेक्शन का पैसा दिया जाता है। ठग उनका एटीएम कार्ड अपने पास रख लेते हैं। पुलिस को शक है कि इस घटना में भी इसी तरह का पैटर्न अपनाया गया होगा। 

 

देश में बैठकर हैकिंग, विदेश का लोकेशन : ब्लैक हैट हैकर्स ज्यादातर ऐसे सर्वर का उपयोग करते है, जिसमें सिस्टम की आईपी एड्रेस बदल सके। ज्यादातर हैकर्स प्रॉक्सी आईपी एड्रेस में काम करते है। प्रॉक्सी आईपी में कहीं भी बैठकर काम करने पर लोकेशन बदल सकते हैं। अगर हैकर्स दिल्ली में बैठकर काम कर रहे होंगे तो वे अमेरिका या लंदन का लोकेशन शो करते हैं। इससे जांच में दिक्कत आती है। सही लोकेशन निकालने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। सर्विस प्रोवाइडर जल्दी जानकारी नहीं देते है। पुलिस को शक है कि बैंक का खाता हैक करने वालों ने इसी आईपी एड्रेस का उपयोग किया होगा।
 

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