नान घोटाला / निलंबित डीजी मुकेश गुप्ता से साढ़े पांच घंटे पूछताछ, बताया- कानूनी दायरे में रहकर की फोन टैपिंग

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2019, 08:11 AM IST



Suspended DG Mukesh Gupta questioned for five and a half hours
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Suspended DG Mukesh Gupta questioned for five and a half hours

  • फोन टैपिंग और नान घोटाले की जांच के दौरान दस्तावेजों से छेड़छाड़ के सवालों पर उन्होंने गोलमोल जवाब दिए
  • पूछताछ ईओडब्लू के एसपी कल्याण ऐलेसेला के कक्ष में हुई, बार-बार बदलते रहे बयान

रायपुर. नान घोटाले में अवैध फोन टैपिंग मामले में फंसे निलंबित डीजी मुकेश गुप्ता से गुरुवार को ईओडब्लू के अफसरों ने साढ़े पांच घंटे पूछताछ की। फोन टैपिंग और नान घोटाले की जांच के दौरान दस्तावेजों से छेड़छाड़ के सवालों पर उन्होंने गोलमोल जवाब दिए। फोन टैपिंग के बारे में उनका कहना था कि उन्होंने सबकुछ कानूनी दायरे में किया है।

 

पूछताछ ईओडब्लू के एसपी कल्याण ऐलेसेला के कक्ष में हुई। बीच में अन्य अफसर लंच के लिए गए लेकिन वे वहीं बैठे रहे। मुकेश गुप्ता के तेवर इस बार पहले से थोड़े नरम थे। पिछली बार जब पूछताछ के दौरान उनकी अफसरों से कहा सुनी हो गई थी। फर्स्ट हाफ के बाद जब उनसे कहा गया था कि सेकेंड हाफ में पूछताछ नहीं होगी। इसके बावजूद वे काफी देर तक वहीं जमे रहे और अफसरों को बार-बार बयान लेने के लिए कह रहे थे। इस बार उन्होंने ऐसा नहीं किया।

 

गुप्ता दोपहर करीब 12.15 बजे पहुंचे और सीधे पूछताछ करने वाले अफसरों के कमरे में चले गए। उस समय डीजी वीके सिंह मौजूद थे, लेकिन वे उनसे मिलने नहीं गए। ईओडब्लू के अफसरों ने निलंबित स्टेनो रेखा नायर और एसपी रजनेश सिंह से पू्छताछ के आधार पर कुछ प्रश्नावली तैयार की थी। इसी आधार पर उनसे सवाल-जवाब शुरू किए गए। उनसे पूछा गया कि उन्होंने कब से इंटरसेप्शन किया और किसके माध्यम से करवाया।

 

रेखा नायर को सौंपी गई इंटरसेप्शन की जिम्मेदारी से जुड़े सवाल भी पूछे गए। एसपी रजनेश सिंह ने जो जानकारियां दी थीं, उसके आधार पर भी सवाल पूछे गए। उन्होंने किसी भी विवादास्पद सवालों के जवाब सीधे नहीं दिए। गौरतलब है के उन्हें पिछले महीने भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन बेटी बीमार होने के कारण उन्हें अचानक दिल्ली जाना पड़ गया था। इस वजह से पूछताछ के लिए नहीं आ सके थे। ईओडब्लू के अफसरों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर उन्हें फिर पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। 


रजनेश व दुबे पर कोई दबाव नहीं डाला, दोनों हाईकोर्ट में शपथ-पत्र दिया है: गुप्ता के वकील अमीन खान ने बताया कि उन्होंने सभी सवालों के विस्तार से जवाब दिए। जांच अधिकारियों ने रजनेश सिंह व अारके दुबे से जुड़े सवाल भी पूछे। यह भी कहा गया कि गुप्ता के दवाब में ये दोनों अधिकारियों ने फोन टैपिंग से संबंधित काम किया है। इसके जवाब में डीजी गुप्ता ने कहा कि एेसा नहीं है।

 

रजनेश सिंह ने बैक डेट में किसी का फोन टैप नहीं किया है, कानूनी प्रक्रिया का पालन किया है। उसका काम सराहनीय रहा है। और मुझसे ज्यादा नोटशीट पर उसका काम है, उसकी राइटिंग। गुप्ता ने बयान में कहा कि रजनेश ने हाईकोर्ट में खुद शपथ-पत्र देकर बयान दिया है कि मेरी ओर से दबाव डालकर कोई काम नहीं कराया गया। इसी तरह अारके दुबे ने भी हाईकोर्ट में एक बार शपथपत्र देकर कहा है कि ईओडब्ल्यू की तरफ से दबाव डालकर बयान दर्ज कराया गया है।


वकील ने वायरल समाचार पर उठाए सवाल: पूछताछ के दौरान ही ये समाचार वायरल हो गया कि गुप्ता अपने बयान में रजनेश को फंसा रहे और रेखा नायर को बचा रहे हैं। उन्होंने ऐसा बयान दिया है। इसकी खबर लगने पर गुप्ता के वकील अमीन खान मीडिया के सामने आए और उन्होंने कहा कि अभी पूछताछ चल रही है और ऐसी बात कैसे वायरल हो गई। उन्होंने कहा ऐसा कोई सवाल भी नहीं पूछा जा रहा है।

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