भास्कर खास / दस साल पहले जिन्होंने बैंक से एक बार में निकाले थे 10 लाख या ज्यादा रुपए, उन्हें आईटी का नोटिस



Ten years ago, withdrawal Rs 10 lakh or more in one time, IT notified
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Ten years ago, withdrawal Rs 10 lakh or more in one time, IT notified

  • नोटिस का जवाब या बकाया टैक्स देने के बाद ही खोले जा रहे हैं फ्रीज खाते
  • इसी के तहत पुरानी वसूली भी जोरों से की जा रही है

Dainik Bhaskar

May 16, 2019, 05:08 AM IST

रायपुर. आयकर विभाग ने नोटबंदी के दौरान हुए बैंक ट्रांजेक्शन को लेकर पहले ही कारोबारियों को घेर रखा है, अब ऐसे लोगों की भी जानकारी बैंकों से निकाल ली गई है जिन्होंने पिछले 10 साल में कभी भी अपने बैंक खाते से एक बार में 10 लाख रुपए या ज्यादा रकम निकाली थी। ऐसे लोगों का डीटेल लेकर पुराने आईटी रिटर्न जांचे जा रहे हैं और लोगों को नोटिस भी दिया जा रहा है। जिन लोगों ने उस समय टैक्स अदा नहीं किया या फिर बचत या सेविंग खातों से एक साथ यह रकम निकाली उन सभी को नोटिस भेजकर ऐसे ट्रांजेक्शनों पर सफाई मांगी जा रही है। 

 

दस साल पहले के ट्रांजेक्शन को लेकर हिसाब पूछने से लोग भी हैरान हैं। उनका कहना है कि पहले नोटबंदी के समय के ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही थी, लेकिन अचानक अब दस साल पहले के वित्तीय लेन-देन की जानकारी मांगी जा रही है। पहले कब-क्या और कौन से ट्रांजेक्शन किसलिए किए गए उसके दस्तावेज अब जुटाना लोगों को भारी पड़ रहा है। माना जा रहा है कि इस तरह की करीब एक से दो हजार नोटिसें अभी तक जारी की गई हैं। अब जिन लोगों को नोटिस मिली है वे अपने सीए और वकीलों के पास जा रहे हैं। अधिकतर नोटिसें ई-मेल और डाक से भेजी जा रही है। लोग इसका जवाब भी इसी तरह से दे रहे हैं। 


इस साल और होगी सख्ती : आयकर विभाग का पिछले साल का लक्ष्य पूरा नहीं होने की वजह से इस साल बकायादारों पर और सख्ती की जाएगी। विभाग इस साल किसी को भी बख्शने के मूड में नहीं है। कई बरसों के बाद ऐसा हुआ है छत्तीसगढ़ रीजन से टैक्स की पूरी वसूली नहीं हो पाई है। इस सला आयकर विभाग का टारगेट भी बढ़ा दिया गया है। इसलिए शुरुआत से ही बेहतर कलेक्शन करने की रणनीति अपनाई जा रही है।

 

खातों को कर रहे हैं फ्रीज 
जिन लोगों ने तय समय में नोटिसों का जवाब नहीं दिया उनके खाते फ्रिज कर दिए गए हैं। जिन खातों से लाखों की रकम निकली है उन्हीं खातों को फ्रिज किया गया है। लोगों को इसकी जानकारी तभी मिल पाती है जब वे इस बात की जानकारी लेने पहुंचते हैं कि उनके खातों से ट्रांजेक्शन क्यों नहीं हो रहा है। लोगों को पहले से इस बात की जानकारी नहीं हो पाती है कि उनके खाते फ्रिज कर दिए गए हैं। आईटी विभाग सीधे बैंक अफसरों को चिट्ठी लिखकर ऐसे खाते फ्रिज करवा रहा है। नोटिस के जवाब से संतुष्ट या बकाया टैक्स जमा होने के बाद ही ऐसे खातों को रिलीज किया जा रहा है।

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