छत्तीसगढ़  / दंतेवाड़ा उपचुनाव में कांग्रेस की देवती कर्मा जीतीं, भाजपा की ओजस्वी को 11192 वोटों से हराया



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  • विधानसभा में बस्तर से भाजपा का सूपड़ा साफ, एकलौती दंतेवाड़ा सीट भी गंवाई
  • भाजपा विधायक भीमा मंडावी की नक्सली हमले में मौत के बाद खाली हुई थी सीट 

Dainik Bhaskar

Sep 27, 2019, 09:34 PM IST

दंतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में हुए उपचुनाव में कांग्रेेस उम्मीदवार देवती कर्मा ने कांटे की टक्कर में अपने प्रतिद्वंदी भाजपा की ओजस्वी मंडावी को 11192 वोटों से शिकस्त दी है। शुक्रवार को आए उपचुनाव के नतीजों में जनता ने प्रदेश सरकार के 9 महीने के काम-काज को गले से लगाते हुए विधानसभा में बस्तर से भाजपा का सूपड़ा साफ कर दिया। कांग्रेस की इस जीत के बाद भाजपा को बस्तर की एकलौती अपनी सीट से हाथ गंवाना पड़ा है। भाजपा विधायक भीमा मंडावी की 9 अप्रैल को नक्सली हमले में हत्या के बाद यह सीट खाली हुई थी। इसके बाद भाजपा ने उनकी पत्नी ओजस्वी मंडावी को मैदान में उतारा था। 

पहले चरण से ही देवती ने बनाई बढ़त, शहरी मतदाता भी भाजपा से छिटके

  1. उपचुनाव में मतगणना शुरू होते ही पहले चरण से ही कांग्रेस उम्मीदवार देवती कर्मा ने बढ़त बनाना शुरू कर दिया था। यह बढ़त 20 चरणों में हुई वोटों की गिनती के साथ लगातार जारी रही। हालांकि 5वें से 8वें चरण के बीच भाजपा प्रत्याशी ओजस्वी मंडावी को बढ़त मिली, लेकिन देवती कर्मा की कुल बढ़त के आगे वह भी फीकी सी रही। यहां तक कि शहरी क्षेत्र में भाजपा के साथ रहने वाला वोट बैंक भी उसके हाथ से निकल गया। विधानसभा चुनाव के दौरान जितने वोट शहरी इलाकों से भाजपा को मिले थे, उसके आधे भी ओजस्वी के खाते में नहीं गए और उन्हें अपने पति की सीट खोनी पड़ी है। 

  2. किस प्रत्याशी को मिले कितने वोट 

    पार्टी प्रत्याशी कुल वोट मिले
    कांग्रेस देवती कर्मा (जीतीं) 50028
    भाजपा   ओजस्वी मंडावी 38836
    सीपीआई भीेमसेन मंडावी 7664
    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अजय नाग 3457
    निर्दलीय सुदरू राम कुंजाम 2545
    गोंडवाना गणतंत्र पार्टी योगेश मरकाम 2119
    आप बल्लू राम भवानी 1533
    छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस सुजीत कर्मा 1393
    बसपा हेमंत पोयाम 1252

  3. चरणवार कांग्रेस और भाजपा उम्मीदवारों के मिले मत

    मतगणना चरण   देवती कर्मा (कांग्रेस)  ओजस्वी मंडावी (भाजपा)
    प्रथम 3267   1511
    दूसरा  6720  3942
    तीसरा 10460 6182
    चतुर्थ   13759 9443
    पांचवां 18505 12397
    छठवां 21724 14797
    सातवां 24334 18233
    आठवां 26239 20795
    नौवां 29132 22888
    10वां 32260 25013
    11वां 34140 27592
    12वां 37660 28907
    13वां 38248 29190
    14वां 39357 31419
    15वां 40763 31925
    16वां 43814 33877
    17वां 46875 35932
    18वां  49111 37552
    19वां 49907 38588
    20वां 49979 38648

  4. भाजपा को गए सरकारी कर्मचारियों के ज्यादा वोट

    दंतेवाड़ा उपचुनाव में कांग्रेस की देवती कर्मा को जीत जरूर मिली है। शहरी क्षेत्र में वोट प्रतिशत भी बढ़ा है, बावजूद इसके सरकारी कर्मचारियों ने भाजपा पर ही भरोसा जताया है। डाकमत पत्रों के जरिए और सर्विस वोटर के कुल 242 वोट पड़े हैं। इनमें से सबसे ज्यादा भाजपा प्रत्याशी ओजस्वी मंडावी को ही मिले। ओजस्वी को जहां 188 वोट मिले, वहीं देवती कर्मा को महज 49 वोटोें से ही संतोष करना पड़ा। इसके अतिरिक्त दो वोट नोटा को भी गए हैं। दंतेवाड़ा उपचुनाव के लिए 23 सितंबर को मतदान हुआ था। तब 60.21 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने अधिकारी का प्रयाेग किया था। 
     

  5. भूपेश सरकार के 9 महीने, सहानुभूति की लहर पर पड़े भारी

    छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 में भारी बहुमत के साथ सत्ता में आने वाली कांग्रेस खेमे में फिर से खुशी की लहर है। प्रदेश में करीब 9 महीने की भूपेश बघेल सरकार के कार्यों को दंतेवाड़ा की जनता ने सराहा है। नतीजन देवती कर्मा ने करीब 50 हजार वोट मिले हैं। प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद ग्रामीण इलाकों पर सबसे ज्यादा फोकस है। बस्तर के लोहांडीगुड़ा में आदिवासी किसानों की जमीन वापस की गई। इसके अलावा तेंदुपत्ता संग्रहण की राशि भी सरकार ने बढ़ा दी। दंतेवाड़ा में नंदीराज पहाड़ी पर लौह अयस्क के खनन पर रोक लगाने का लाभ भी कांग्रेस को मिला है। 

  6. 9 में से 7 प्रत्याशी अपनी जमानत तक नहीं बचा सके, 6 को मिले नोटा से भी कम वोट 

    उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस के अलावा कई अन्य पार्टियों के उम्मीदवार भी जोरशोर से मैदान में उतरे थे। इसमें क्षेत्रीय पार्टियों के साथ ही राष्ट्रीय पार्टियों के भी उम्मीदवार शामिल थे। हालांकि चुनाव के बाद जब शुक्रवार को मतगणना हुई तो नतीजे भी चौंकाने वाले आए। चुनाव में खड़े 9 में से 7 प्रत्याशी (भाजपा और कांग्रंेस को छोड़कर) अपनी जमानत तक नहीं बचा सके। इनमें से 6 प्रत्याशी ताे ऐसे भी हैं, जिन्हें नोटा (5779) से भी कम वोट मिले। इस बार मतदान में कुल 114606 वोट पड़े थे। 
    कब जब्त होती है जमानत राशि : जब कोई प्रत्याशी किसी भी चुनाव क्षेत्र में पड़े कुल वैध वोट का छठा हिस्सा हासिल नहीं कर पाता है तो उसकी जमानत राशि जब्त मानी जाती है। 

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