छत्तीसगढ़ / पति की मौत का सच पता करने एक महीने बाद दुधमुंहे बच्चे को लेकर निकलवाया शव



Wife extracted dead body to know the truth of husband's death
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Wife extracted dead body to know the truth of husband's death

  • गांव के 3 लोगों ने मिलकर पति की हत्या की थी , सोमली के आवेदन पर निकाला गया शव

Dainik Bhaskar

Jul 13, 2019, 01:07 AM IST

दंतेवाड़ा . बीते 13 जून को घोटपाल के रहने वाले बचनू की मौत हो गई थी। पत्नी सोमली का दावा है कि उनके पति की हत्या हुई है। बचनू की मौत के पूरे एक महीने बाद जब पत्नी सोमली को पंचायत से न्याय मिलता नज़र नहीं आया तो तमाम दबावों, धमकियों के बीच भी पत्नी अपने पति की मौत का सच पता करने हिम्मत जुटाई। मायके पक्ष की मदद मिली और सीधे पुलिस के पास पहुंची। एफआईआर के बाद शुक्रवार को गीदम टीआई अजय सिन्हा पुलिस की टीम, प्रभारी तहसीलदार दीपिका देहारी घोटपाल गांव पहुंची। यहां 100 से ज़्यादा ग्रामीणों की मौजूदगी में महीने भर पहले दफनाए गए बचनू के शव को वापस निकाला गया। 


शव निकालने ग्रामीणों के साथ एसआई केआर सिन्हा खुद खुदाई करते रहे। करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद शव निकाला जा सका। जिसे पीएम के लिए भेजा गया। भारी दबाव के बीच भी पत्नी की इस हिम्मत को देख सभी लोगों ने सोमली की सराहना की। प्रभारी तहसीलदार दीपिका देहारी ने बताया कि मामले के संबंध में सूचना मिली, परिजनों की मांग पर दफनाए हुए शव को फिर से खोदकर निकाला गया है।

 

आपबीती : 3-4 बार पंचायत बैठी पर कुछ भी नहीं हुआ : 12 जून सुबह करीब 10 बजे गांव के ही जिला कड़ती, पायकू और जयो मंडावी मेरे घर पहुंचे। मुझसे पूछा बचनू कहाँ है, मैंने बताया  वो छीन झाड़ तरफ गए हुए हैं। कुछ देर बाद ये तीनों उसे घर लेकर आए और पिटाई की। पति से 1000 रुपये की मांग करने लगे। मैं पति को नहीं मारने की विनती करती रही लेकिन ये तीनों नहीं माने। किसी तरह मैंने व मेरे देवर संतराम ने बीच बचाव किया। मैंने अपने पास रखे 550 रुपये इन तीनों को दिया। 13 जून की सुबह देवर ने बताया कि घर से 200 मीटर दूर मेरे पति की लाश पड़ी है।

 

उसके शरीर पर चोट के निशान थे। मैंने कहा मेरे पति की हत्या हुई है,मैं थाना में रिपोर्ट कराउंगी। जिला कड़ती, धुरवा कड़ती, मंतू मंडावी यह कहकर मना किए कि न तो लकड़ी देंगे और न गांव में तुम्हें रहने देंगे। दबाव के बाद 14 जून को पति के शव का अंतिम संस्कार किया गया। मैं सभी से विनती करती रही कि दोषियों को सजा दिलाई जाए। गांव में 3-4 बार पंचायत बैठी लेकिन कुछ भी नहीं हुआ। कटुलनार में मायके पक्ष के रिश्तेदारों से मैंने साथ मांगा और एक महीने बाद 11 जुलाई को गीदम थाना जाकर मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। मेरे पति की हत्या हुई है, मुझे न्याय चाहिए। -जैसा कि पत्नी सोमली मुरामी ने भास्कर को बताया

 

पति की मौत से एक हफ्ते पहले हुआ था बच्चा : पति की हत्या करने वाले आरोपियों के खिलाफ सोमली की आंखों में आग देखने को मिली। अपने पांचों बच्चों को लेकर सोमली श्मशान घाट पहुंची, जहां पति के शव को दफनाया गया था। सोमली अपने सवा महीने के दूध मुंहे बच्चे को लेकर करीब 5 घंटे श्मशान घाट में बैठी रही। सोमली की इस स्थिति को देख हर किसी की आंखें नम हो गई थी। दरअसल जिस वक्त उसके पति की मौत हुई थी, उसके हफ्तेभर पहले ही बच्चा हुआ था। 
शव वापस निकालते ही जगी न्याय की आस : करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद दफनाए शव को बाहर निकाला गया। शव निकालते ही बचनु की पत्नी, दादी तुरंत शव के पास पहुंच बिलखने लगी। 90 साल की दादी मंगली ने कहा कि मेरे पोता की हत्या हुई है। अब उम्मीद है मेरे पोते के हत्यारों को सज़ा और हम सभी को न्याय ज़रूर मिलेगा। सोमली के मामा सोनाराम ने बताया कि  दबाव के कारण शव को दफनाया गया था।
 

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