छत्तीसगढ़ / महिला एसडीएम ने 100 जवानों के साथ रेत घाट पर रातभर मारे छापे, 16 हाईवा जब्त

Dainik Bhaskar

May 16, 2019, 05:53 AM IST



बाइक छोड़ भागे बालू तस्कर। बाइक छोड़ भागे बालू तस्कर।
X
बाइक छोड़ भागे बालू तस्कर।बाइक छोड़ भागे बालू तस्कर।

  • 13 घंटे रेत घाट पर ही रहीं एसडीएम, माफिया के लोगों को रात भर खोजी पुलिस

पलारी. मंगलवार की रात्रि 12 बजे एसडीएम लवीना पाण्डेय ने पलारी ब्लॉक के महानदी रेत घाट दतरेंगी पर छापामार कार्रवाई कर रेत के अवैध खनन पर कार्रवाई की। 16 हाईवा, 1 चेन माउंटेन व 3 बाइक जब्त की गईं। टीम में राजस्व व पुलिस का अमला मिलाकर 100 लोग शामिल थे। पूरी कार्रवाई में 13 घंटे लगे। 

 

टीम रात 12 बजे बलौदाबाजार से निकली तथा एसडीएम ने निकलने से पहले सबके मोबाइल कंट्रोल रूम में जमा करवा दिए। सबसे पहले एसडीएम ने ही नदी में दौड़ लगाई। इसके बाद तो रात भर भागो पकड़ो की आवाजें आती रहीं। 27 फरवरी को दतरेंगी में अवैध खनन की खबर छपी थी। 10 मिनट में सारे अधिकारी कर्मचारी आफिस पहुंचे। करीब 30 किलोमीटर दूर पलारी ब्लॉक के ग्राम दतरेंगी घाट रात 12.50 पर पहुंचीं। घाट पहुंचते ही सबसे पहले एसडीएम ने गाड़ी से उतरकर नदी में रेत के अवैध खनन में लगे वाहनों की ओर दौड़ लगा दी। पूरे अमले को चिल्लाकर कहा-कोई भी भागने न पाए, सबको पकड़ लो।

 

रेत माफिया के लोग इतने घबराए हुए थे कि बाइक नदी में फेंककर भाग पैदल ही भाग निकले। पूरा अमला रात्रि 1 बजे से सुबह तक नदी के अंदर तक घुसकर हाईवा चालकों और रेत माफिया के लोगों को ढूंढता रहा। पुलिस के डर से भागे हाईवा चालक रात भर पत्थरों व झाड़ियों की आड़ लेकर छिपे रहे लेकिन सुबह होते ही पुलिस ने इन चालकों को धर दबोचा। इन्हीं चालकों से हाईवा व अन्य वाहनों को थाने तक पहुंचवाया।

 

खबर लीक होने से कार्रवाई संदिग्ध हो जाती : एसडीएम
एसडीएम लवीना पांडे का कहना है कि कलेक्टर और उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की गई है। इस मामले को गोपनीय इसलिए रखा गया कि कई बार बताकर कार्रवाई  के लिए निकलने पर खबर लीक होने से सामने वाला सावधान हो जाता है और फिर टीम को खाली हाथ लौटना पड़ता है जिससे टीम पर भी प्रश्नचिन्ह लग जाता है। पूरी रात रुककर छापे की कार्रवाई की गई। जिला खनिज अधिकारी एम चंद्रशेखर ने बताया कि खनिज अधिनियम के तहत वाहन मालिकों से जुर्माना वसूला जाएगा, जिन चालकों ने वाहन थाने तक पहुंचाया उन पर नियमत: कोई कार्रवाई नहीं की जाती।
 

COMMENT