30% घरों तक पाइप नहीं पहुंचा, मीटर नहीं लगा, टंकी की फिनिशिंग व टेस्टिंग भी अधूरी

Rajnandgaon News - मार्च 2020 तक अतिरिक्त मोहलत मिलने के बाद भी अमृत प्रोजेक्ट का काम धीमी गति से चल रहा है। जबकि मियाद की उल्टी गिनती...

Feb 22, 2020, 07:55 AM IST
Rajnandgaon News - chhattisgarh news 30 homes did not have pipes meters were not installed tank finishing and testing were also incomplete

मार्च 2020 तक अतिरिक्त मोहलत मिलने के बाद भी अमृत प्रोजेक्ट का काम धीमी गति से चल रहा है। जबकि मियाद की उल्टी गिनती में सिर्फ 44 दिन ही बच गए है। कई जगहों पर टंकी का निर्माण अभी तक चल रहा है, कहीं टंकी पूर्ण भी हुई है तो फिनिशिंग वर्क बाकी है, पाइपलाइन का विस्तार अधूरा है, 30 फीसदी से ज्यादा घरों में मीटर नहीं लग पाया है, और तो और सप्लाई से पहले फाइनल टेस्टिंग नहीं की जा सकी है। ऐसे में सवाल ये है कि तय समय में आखिर काम पूरा होगा की नहीं, कहीं इस गर्मी में भी लोेगों को पेयजल के लिए तरसना न पड़ जाए?

दिसंबर 2017 में अमृत मिशन की स्वीकृति दी गई थी। 199.23 करोड़ के प्रोजेक्ट के तहत शहर में इंदिरा नगर, कंचनबाग, नवागांव, तुलसीपुर, चिखली और स्टेशनपारा को मिलाकर कुल 6 जगहों पर ओवर हेड टंकी निर्माण किया जा रहा है। इन्हीं टंकियों से ही वार्डों में जलापूर्ति की जाएगी। प्रोजेक्ट का ठेका मुंबई (महाराष्ट्र) की एसएमसी इंफ्राटक्चर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दिया गया है। प्रोजेक्ट की मियाद दिसंबर 2019 तक रखी गई थी। लेकिन काम की धीमी गति के कारण अफसरों ने मियाद मार्च 2020 तक करा दी। इसके बाद भी अफसरों ने प्रोजेक्ट वर्क में गति नहीं लाई।

शहर का आउटर वार्ड 12 महीने टैंकर के भरोसे

आउटर वार्ड एक अर्से से पानी के लिए तरस रहे हैं। नवागांव में जिस ओवर हेड टंकी का निर्माण कराया जा रहा है। वह 1950 केएल यानी 19.50 लाख लीटर की है। इस टंकी से नवागांव, बाबूटोला, ढाबा, मोतीपुर वार्ड में पानी सप्लाई की जाएगी। अमृत मिशन के तहत 6 ओवर हेड टंकियों का निर्माण जारी है। इसमें कुल 7.50 करोड़ खर्च होंगे। चिखली में सवा लाख लीटर, इंदिरा नगर में 12.50 लाख लीटर, कंचनबाग में 13.50 लाख लीटर, तुलसीपुर में 11.50 लाख लीटर व गौरीनगर में 16 लाख लीटर क्षमता वाली टंकी बन रही है।


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सड़कों की सूरत बिगाड़ी चलना हो गया मुश्किल

अमृत मिशन के तहत पाइप लाइन बिछाने के लिए महीनों से शहर के मुख्य मार्ग ही नहीं, वार्ड की गलियों में खुदाई की जा रही है। खुदाई करने के बाद सड़कों की मरम्मत यह कहकर नहीं की जा रही है कि आने वाले समय में टेस्टिंग की जानी है, बार बार रिपेयरिंग नहीं की जा सकता है। ऐसे में लोगोंे को आवागमन करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, कई जगहों पर नई सड़कों को खोद कर पाइप लाइन बिछाई गई है। सड़कों को खोद कर छोड़ देने से आवागमन प्रभावित होता है।

दिल्ली से आए इंजीनियर तक नहीं करते मुआयना

शुरू ही अमृत मिशन का काम धीमा चल रहा है, ठेका कंपनी काफी कम मजदूरों के साथ काम करा रही है। अफसर भी खानापूर्ति में लगे हुए है। हालत ये है कि नगर निगम या फिर दिल्ली से आए इंजीनियर निर्माण स्थल का मुआयना करने जाते ही नहीं है। ऐसे में ठेका कंपनी मनमानी में उतर आई है। अभी अधिकारी दावा कर रहे है कि मार्च एंड में सप्लाई शुरू कर दी जाएगी, लेकिन यह हो पाएगा इस पर संशय है।

समस्या: पानी पर्याप्त पर सप्लाई व्यवस्थित नहीं

शहर की 1.80 लाख की आबादी के लिए पानी पर्याप्त है। फिर भी निगम को 10 से 12 वार्डों के करीब 15 हजार आबादी को टैंकरों से पानी पिलाना पड़ रहा है। इसके पीछे कारण है जल का असमान वितरण। रोजाना 2.10 करोड़ लीटर पानी की खपत होती है। इसके लिए मोहारा स्थित दोनों फिल्टर प्लांट से 2.50 करोड़ लीटर पानी रिलीज किया जाता है। इस पानी का करीब 90 फीसदी शहर मुख्य भाग में खत्म हो जाता है। शेष 10 फीसदी पानी ही आउटर के वार्डों में पहुंचता है।

समय पर निर्माण कार्य पूरा करने का प्रयास जारी

निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक ने बताया कि अमृत मिशन का काम समय पर हो जाए यह प्रयास है। आने वाले समय में इस योजना से निगम क्षेत्र के लोगों को ही फायदा मिलेगा।

राजनांदगांव. बजरंगपुर नवागांव में निर्माणाधीन ओवर हेड टंकी का फिनिसिंग वर्क अभी तक नहीं हुआ।

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