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मानपुर व मोहला को छोड़कर बाकी ब्लॉक में बारिश, फसल को नुकसान
पड़ोसी राज्य में बने चक्रवात का प्रभाव अभी भी छत्तीसगढ़ के मौसम में हावी है। शुक्रवार देर रात जिले के मानपुर-मोहला को छोड़कर बाकी ब्लॉक में एक से पौन घंटा तक बारिश हुई। लगातार बारिश से रबी के खड़ी फसल को नुकसान होना तय है, जहां कटाई के बाद फसल खेतों में डंप कर रखा गया है, वो भी बर्बादी की कगार पर है, ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ गई है।
गंभीर बात ये है कि कृषि विभाग के अधिकारी नुकसान का आंकलन करने दोबारा सर्वे कराने का दावा तो कर रहे है, लेकिन बीते दिनों हुई ओलावृष्टि से जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई थी, उन किसानों को अभी तक बीमा क्लेम नहीं मिल पाया है। इसे लेकर किसान बार-बार प्रशासन से मांग कर रहे है।
मौसम विभाग की जानकारी अनुसार शुक्रवार रात अंबागढ़ चौकी में 4.9 मिमी बारिश हुई। इसी तरह डोंगरगांव में 5.0 मिमी, डोंगरगढ़ में 12.8 मिमी, गंडई में 10.0 मिमी, राजनांदगांव में 15.4 मिमी, छुईखदान में 8.0 मिमी, खैरागढ़ में 5.2 मिमी और छुरिया में 18.3 मिमी बारिश का रिकार्ड दर्ज किया गया। बेमौसम बारिश से रबी फसल को काफी नुकसान पहुंचने की आशंका है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
परिवहन धीमा, सौ खरीदी केंद्रों में 10 लाख क्विंटल धान जाम
जिले में धान का उठाव धीमा है। परिवहन कमजोर होने के कारण जिले के 100 केंद्रों में अभी भी 10 लाख 16 हजार क्विंटल धान जाम है। जिसकी रखरखाव के लिए समिति प्रबंधकों को काफी पसीना बहाना पड़ रहा है। पर्याप्त कैप कवरिंग के बदौलत अधिकारी नुकसान नहीं होने का दावा कर रहे है, लेकिन अभी तक किसी तरह का सर्वे नहीं कराया गया है। खासकर वनांचल के केंद्रों में उठाव को लेकर काफी दिक्कत आ रही है। 18 केंद्रों में अभी भी धान स्टॉक बफर लिमिट से अधिक है। अकेले औंधी केंद्र में ही स्टॉक 170 प्रतिशत से अधिक है। मिलर्स वनांचल के केंद्रों से धान उठाने में रुचि नहीं दिखा रहे है। संग्रहण केंंद्रों के लिए परिवहन भी धीमी गति से चल रहा है। लगातार शिकायत के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक सीईओ एसके वर्मा ने भास्कर से चर्चा में कहा कि कहीं से नुकसान की जानकारी नहीं आई, पर्याप्त कैप कवर कर धान को सुरक्षित रखवाया गया है। बेमौसम बारिश से वायरल फीवर, सर्दी-खांसी की शिकायत आम लोगों में बढ़ गई है, सरकारी अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ चुकी है।
क्षेत्र में 16 मार्च तक ऐसा ही रहेगा मौसम
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा के मुताबिक समुद्री हवा (पश्चिमी विक्षोभ) पंजाब और उसके आसपास विस्तारित है। इसके प्रभाव से उत्तर पूर्व राजस्थान के ऊपर एक चक्रीय चक्रवाती घेरा बना है। एक द्रोणिका पंजाब से झारखंड तक हरियाणा और दक्षिण उत्तर प्रदेश पर स्थित है। एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा उत्तर छत्तीसगढ़ के ऊपर 0.9 किलोमीटर पर स्थित है। यहां से एक द्रोणिका मध्य महाराष्ट्र तक स्थित है। पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले 16 मार्च तक ऐसा ही मौसम रहेगा।
दिन के तापमान में आई 2 डिग्री की गिरावट
लगातार दो रात बारिश होने के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को संस्कारधानी में दिन का पारा 30.4 डिग्री दर्ज किया गया। जो कि औसत सामान्य स्तर से दो डिग्री कम रहा। इसी तरह रात का तापमान 16 डिग्री दर्ज किया गया, यह भी सामान्य स्तर से तीन डिग्री कम है। इससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है।
जिले में चक्रवात का असर: फसल का सर्वे कराने का दावा कर रहे अफसर
राजनांदगांव. उपरवाह में कुछ इस तरह को फसलों को सुरक्षित करना पड़ रहा है।