अध्यक्ष बोलीं- अफसरों ने सिर्फ बाल उद्यान को प्राइवेट फर्म को देने कराए हस्ताक्षर

Rajnandgaon News - मनगटा स्थित वन चेतना केन्द्र एक हिस्से को प्राइवेट फर्म को दिए जाने से ग्रामीणों के साथ ही वन समिति के सदस्य भी...

Dec 04, 2019, 08:45 AM IST
मनगटा स्थित वन चेतना केन्द्र एक हिस्से को प्राइवेट फर्म को दिए जाने से ग्रामीणों के साथ ही वन समिति के सदस्य भी नाराज हैं। पदाधिकािरयों का कहना है कि हाल ही में समिति की बैठक हुई तो सिर्फ बाल उद्यान को ही प्राइवेट फर्म को देने प्रस्ताव कॉपी में हस्ताक्षर कराए गए पर अब तो ट्री हाउस, टेंट हाउस व कैंटीन तक को बाहरी व्यक्ति को सौंप दिया गया है। इससे समिति का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।

समिति की अध्यक्ष का कहना है कि गांव के लोग नहीं चाहते कि बाहरी फर्म को यहां रखा जाए। समिति संचालन करने में सक्षम है तो फिर दूसरे लोगों को यहां लाने का क्या औचित्य। बताया गया कि समिति सिर्फ निगरानी तक ही सीमित है। आय-व्यय से लेकर पूरा खर्च अफसर ही करते हैं। जबकि विभाग के अफसर यह बता रहे हैं कि वन समिति द्वारा संचालन किए जाने से चेतना केन्द्र घाटे में है। यानी की आवक से ज्यादा खर्च होना बताया जा रहा है। मनगटा में हुई बैठक में भी अफसरों ने यह जानकारी दी है कि मैनेजमेंट ठीक नहीं होने की वजह से आवक नहीं बढ़ रही है और समिति नया कुछ नहीं कर पाई है।

पहले भी हो चुका विरोध: समिति के सदस्यों की ओर से पूर्व में बाहरी लोगों को बाउंड्रीवॉल निर्माण सहित अन्य कार्य का ठेका दिए जाने का विरोध किए थे। अफसरों ने बाहरी फर्म को काम सौंप दिया था। बताया गया कि गार्डन में अन्य मेंटेनेंस वर्क का ठेका भी बाहरी लोगों को दिया जा रहा है।

गांव के लोग जो चाहते हैं वैसा होगा, दिया आश्वासन

समिति की सदस्य कुमारी बाई साहू ने बताया कि चेतना केन्द्र के मेंटेनेंस के लिए अब शासन स्तर से पैसा नहीं आ रहा है। इस वजह से संचालन में थोड़ी दिक्कत होती है। ऐसे भी जो आवक होता है वह अफसरों की नजर मंे हैं और खर्च भी यही करते हैं। समिति के लोग सिर्फ निगरानी करते हैं। लोग बाहरी फर्म के हस्तक्षेप से नाराज हैं।

जानकारी नहीं मिली


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