खंडहर में बदले प्राइमरी स्कूल में अनहोनी की आशंका, ग्रामीणों ने जड़ दिया ताला

Rajnandgaon News - केन्द्र व राज्य की सरकारें नक्सल समस्या के समाधान के लिए एक तरफ प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा के विकास एवं मूलभूत...

Jan 16, 2020, 07:25 AM IST
Mohala News - chhattisgarh news chances of untoward in primary school turned into ruins villagers lock up
केन्द्र व राज्य की सरकारें नक्सल समस्या के समाधान के लिए एक तरफ प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा के विकास एवं मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की बात करती है और इधर छग व महाराष्ट्र के बार्डर पर बसा मोहला-मानपुर विधानसभा क्षेत्र का सर्वाधिक अतिसंवेदनशील छुरियाडोंगरी के ग्रामीणों को अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए एक स्कूल भवन को तरसना पड़ रहा है। नवीन प्राथमिक शाला भवन की स्वीकृति एवं भवन निर्माण नहीं होने से नाराज छुरियाडोंगरी के ग्रामीणों ने खंडहर में बदल चुके प्राथमिक शाला में तालाबंदी कर दी है। ग्रामीणों को भय है कि वे अपने बच्चों को इस खंडहर शाला भवन में अध्यापन के लिए भेजते हैं और कोई अनहोनी हो गई तो इसके लिए कौन जवाबदेह होगा। प्राथमिक शाला में तालाबंदी किए जाने के बाद स्कूल का संचालन पूर्व माध्यमिक शाला भवन में किया जा रहा है। एक साथ प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक शाला के संचालन होने से अध्ययन-अध्यापन में कई तरह की समस्याएं हो रही है।

अव्यवस्था
30 साल पहले बने स्कूल भवन की मरम्मत एक बार भी नहीं

अंबागढ़ चौकी. स्कूल का खपरैल ढहने लगा है।

10 वर्षों में पूरी नहीं हुई मांग, आंदोलन की चेतावनी

शाला विकास समिति एवं ग्राम विकास समिति से जुड़े छुरियाडोंगरी के ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द नवीन प्राथमिक शाला भवन की स्वीकृति एवं स्कूल भवन का निर्माण नहीं होता है तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। ग्रामवासियों की माने तो वे पिछले 10 वर्षों से नए स्कूल भवन निर्माण की मांग को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों का चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी समस्या का निराकरण नहीं हो रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि शासन व प्रशासन नक्सल प्रभावित क्षेत्र में शिक्षा का विकास की बात कर रही है और इधर बार्डर पर बसे अतिसवंदनशील गांव में बच्चों को प्राथमिक शिक्षा के लिए स्कूल भवन नहीं मिल पा रहा है। इससे अध्यापन कार्य में दिक्कत हो रही है।

नए भवन निर्माण के लिए दफ्तरों का लगा रहे चक्कर

ग्रामीणों ने बताया कि हल्की हवा एवं आंधी चलने पर भवन में लगा खप्पर उड़ने लगता है। इसलिए हम लोगों ने किसी अप्रिय घटना की आशंका में स्कूल में तालाबंदी कर दी है। ग्रामीणों ने खुलासा किया कि तालाबंदी करने से पहले कमजोर भवन की मरम्मत एवं नवीन भवन निर्माण के लिए उन्होंने अधिकारी व कार्यालयों के कई चक्कर कांटे लेकिन उनकी समस्या का निराकरण नहीं हुआ।

एक भवन में दो स्कूलों का संचालन, हो रही समस्या

छुरियाडोंगरी गांव में प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक शाला का संचालन एक ही भवन मिडिल स्कूल में किया जा रहा है। इससे दोनों ही संस्थाओं के सुचारू रूप से संचालन तथा अध्यन-अध्यापन में बच्चों के साथ-साथ शिक्षकों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

छप्पर उड़ गए, सड़ चुकी म्यार व लकडि़यां

मोहला ब्लॉक के ग्राम छुरियाडोंगरी में वर्ष 1986 में निर्मित प्राथमिक शाला भवन पूरी तरह खस्ताहाल होकर खंडहर में बदल गया है। ग्राम पंचायत की सरपंच प्रमिलाबाई, दशरथ पटेल, अशोक सहारे, आनंदराम ने बताया कि जब से स्कूल भवन का निर्माण हुआ है तब से इसका मरम्मत व नहीं हुई है। तीस साल पहले बना यह कवेलू वाला भवन के खप्पर उड़ गए हैं। भवन में लगा म्यार एवं लकड़ियां पूरी तरह सड़ चुकी है।

स्कूल भवन कमजोर ग्रामीणों ने की तालाबंदी


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