मेडिकल किट नहीं होने से हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी रुकी

Rajnandgaon News - दुर्ग संभाग के सबसे बड़े राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 17 दिनों बाद भी हिप रिप्लेसमेंट (कूल्हा...

Feb 08, 2020, 08:00 AM IST
Rajnandgaon News - chhattisgarh news hip replacement surgery stopped due to not having a medical kit

दुर्ग संभाग के सबसे बड़े राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 17 दिनों बाद भी हिप रिप्लेसमेंट (कूल्हा प्रत्यारोपण) सर्जरी नहीं की जा सकी है। मरीज बेड पर लेटकर सर्जरी का इंतजार कर रहा है। सर्जरी में इतनी देरी कैसे हुई यह जानने के लिए शुक्रवार को पूर्व महापौर मधुसूदन यादव और शोभा सोनी अस्पताल पहुंचे। अधीक्षक मौजूद नहीं थे इसलिए सिविल सर्जन डॉ. सीएस मोहबे से उन्होंने चर्चा की और कारण जाना।

पता चला कि हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी के लिए एक खास किट की जरूरत होती है, इस किट में विशेष मेडिकल औजार रहते हैं, इसकी कीमत 60 हजार रुपए से शुरू होकर ढाई लाख रुपए तक रहती है। अस्पताल में फंड की दिक्कतों व बिलिंग प्रॉब्लम की वजह से इसकी खरीदी नहीं हो पाई, इसलिए मरीज का ऑपरेशन नहीं हो पाया। जानकारी मिलने के बाद पूर्व महापौर ने सिविल सर्जन से कहा कि कुछ भी हो यह काम होना चाहिए, इतने बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इस तरह की दिक्कत शर्मनाक है, सुधार की जरूरत है। सिविल सर्जन ने कहा कि काम करवाया जाएगा।

ये सुविधाएं जो मरीजों
को नहीं मिल पा रही


अस्पताल में मरीजों को एमआरआई जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसके अलावा अगस्त 2018 में डिजिटल ब्रांकोस्कोपी सिस्टम अस्पताल के लिए भेजा गया था, जिसका स्टालेशन अभी तक नहीं किया गया है। डिजिटल ब्रांकोस्कोपी सिस्टम से डॉक्टर पाइपनुमा कैमरे की जरिए फेफड़ों में कैंसर है कि नहीं, इसका पता आसानी से लगा सकते है। इसके अलावा अस्पताल में थाइराइड की जांच नहीं होती है, इसकी जांच के लिए मरीजों को बाहर जाकर 700 रुपए खर्च करने पड़ते हैं।

किट उपलब्ध कराया जाएगा, जल्द होगी सर्जरी


आप भी जानिए, क्या होता है हिप रिप्लेसमेंट

जब हिप के ज्वाइंट खराब या क्षतिग्रस्त हो जाते हैं तो इनमें दर्द होने लगता है। मरीज को मूवमेंट में भी परेशानी होती है। इस सर्जरी में हिप के क्षतिग्रस्त हिस्से को मेटल के आर्टिफिशियल कूल्हे द्वारा बदला जाता है। सर्जरी के दौरान बदले जाने वाले ज्वांइट्स को प्रोस्थेसिस कहते हैं। यह सर्जरी ज्यादातर ऑस्टियो आर्थराइटिस की वजह से करानी पड़ती है। यह उन लोगों के लिए भी फायदेमंद है जिन्हें कूल्हे में किसी प्रकार की चोट लगी हो। इस सर्जरी में चार से पांच दिन मरीज को अस्पताल में रुकना पड़ता है।

अस्पताल से देते हैं किट


एक खास किट की जरूरत होती है, इस किट में विशेष मेडिकल औजार रहते हैं

फंड की कमी


मेडिकल कॉलेज अस्पताल में व्यवस्था चरमराई, बिलिंग को लेकर भी दिक्कत

दस्तावेजी कार्यों में आ रही बाधा से परेशानी

अस्पताल अधीक्षक डॉ. प्रदीप बेक काफी दिनों से अवकाश पर हैं, ऐसे में दस्तावेजी कार्यों में खासकर वित्तीय कार्यों को करवाने में काफी दिक्कत आ रही है। इस वजह से जरुरी मेडिकल उपकरणों की खरीदी भी नहीं हो पा रही है, इसमें से हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी किट भी शामिल है। अब प्रबंधनीय अधिकारियों ने कहा स्मार्ट कार्ड के पैकेज के थ्रू किट की खरीदी कर ऑपरेशन किया जाएगा।

20 जनवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया

गौरतलब है कि तुलसीपुर निवासी विचित्र सिंह (45) को हिप में आ रही दिक्कतों की वजह से 20 जनवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सिंह लंबे अर्से से ड्राइवरी का काम कर रहे है, इस वजह से उन्हें ये परेशानी हुई। हड्‌डी रोग विशेषज्ञ ने हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी की बात कही। लेकिन ऑपरेशन करने में देरी करते रहे। काफी दिन होने के बाद परिजन ने पूर्व महापौर से मामले की शिकायत की तो वे पहुंचे।

राजनांदगांव. पूर्व महापौर मरीज से की मुलाकात।

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