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हल्के में हड़ताल... किसान हुए बेहाल जनता परेशान, गंभीर नहीं अफसर

एक वर्ष पहले
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पटवारी हल्कों में हड़ताल ने किसान से लेकर आम लोगों को परेशान कर दिया है। बीते 12 दिनों से पटवारियों की हड़ताल जारी है। जनता की परेशानी को देखने के बावजूद प्रशासन इस हड़ताल को हल्के में ही ले रही है। हड़ताल खत्म कराने कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

जिलेभर के 230 पटवारियों ने काम बंद कर दिया है। सभी जिला मुख्यालय में धरना दे रहे हैं। हड़ताल की वजह से करीब 10 से 12 तरह के काम पूरी तरह ठप है। लोग बार-बार तहसील कार्यालयों का चक्कर काट रहे हैं। लेकिन हड़ताल के चलते उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही है।

खास बात ये है कि हड़ताल खत्म होने तक ठप पड़े कामों को शुरू करने कोई दूसरा विकल्प भी नहीं है। इधर पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष भीषम ठाकुर ने बताया कि डोंगरगांव एसडीएम वीरेंद्र सिंह पर कार्रवाई तक हड़ताल जारी रहेगी। राजनांदगांव से शुरू हुआ हड़ताल अब धीरे-धीरे दूसरे जिलों में भी फैल रहा है। इधर हड़ताल की वजह से तहसील कार्यालय में होने वाले कम प्रभावित हो रहे हैं।

लोगों की जुबानी जानिए किस तरह की हो रही परेशानी ...

बंटवारे के लिए मैंने आवेदन लगाया था

कांकेतरा के किसान धन्नू वर्मा और दिनेश वर्मा ने बताया कि धान कटने के बाद ही हमने अपने खेतों के बंटवारे के लिए आवेदन किया था, धान खरीदी के दौरान पटवारी व्यस्त थे, इसके चलते प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अब पटवारी हड़ताल पर चले गए हैं। फसल के नए सीजन के पहले हम बंटवारा करना चाहे रहे है। लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। इसकी वजह से परेशानी बढ़ गई है।

असर : फसल सर्वे का काम प्रभावित, आय और जाति प्रमाण पत्र नहीं बन रहा

इंतजार छोड़ अब जुताई में जुटे किसान

ओलावृष्टि से जिलेभर में बड़े रकबे की फसल चौपट हुई है। क्षतिपूर्ति के लिए इसका सर्वे भी पटवारियों को ही करना है। लेकिन हड़ताल की वजह से ये काम भी रुका हुआ है। इसके चलते अब किसान सर्वे का इंतजार किए बगैर खेतों में जुताई शुरू कर रहे हैं। किसान दुर्गेश वर्मा ने बताया कि क्षतिपूर्ति से नुकसान 30 फीसदी भरपाई भी नहीं होनी है। इसके चलते किसान दूसरी फसल के लिए जुताई में जुट गए हैं।

ये काम पूरी तरह बंद दूसरा विकल्प भी नहीं

पटवारी हल्कों में हड़ताल के चलते ओलावृष्टि से बर्बाद फसल सहित सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, रजिस्ट्री चौहददी, आय- जाति- निवास प्रमाण पत्र, फौती, सी फार्म का काम पूरी तरह बंद पड़ गया है। सैकड़ों आवेदन पेंडिंग हैं। इन कामों के लिए पटवारियों के अलावा दूसरा विकल्प भी नहीं है।

जानिए, जिलेभर में कितने आवदेन पेंडिंग

सीमांकन 1050

नामांतरण 837

बंटवारा 483

नक्शा बटांकन 328381

रबी फसल सर्वे 933 गांव

किसान सम्मान निधि 118000

सीमांकन के आवेदन पर नहीं हो रहा काम

लिटिया निवासी राजेश मरकाम ने बताया कि उन्होंने बस्ती के बाहर मौजूद अपनी जमीन के लिए सीमांकन के लिए आवेदन लगाया है। उन्हें उक्त जमीन में घेरा करना है। नजदीकी जमीन वाले से विवाद चल रहा है। लेकिन पटवारियों की हड़ताल की वजह से सीमांकन नहीं हो पा रहा है। अब पटवारियों के हड़ताल का इंतजार करना होगा। तब तक काम रोकना ही पड़ेगा। इससे परेशानी बढ़ गई है।

आरटीई में बच्चों का दाखिला नहीं हो रहा

तहसील कार्यालय का चक्कर लगा रहे मनोज साहू, भागीरथी जंघेल और दीपक कुमार ने बताया कि वे अपने बच्चों का एडमिशन आरटीई से कराना चाहते है, इसके लिए आय-जाति प्रमाण पत्र की जरूरत है। लेकिन पटवारी हड़ताल पर चले गए है। इसके चलते आय-जाति का काम रुक गया है। जल्द हड़ताल खत्म नहीं हुआ तो आवेदन के लिए मिला समय भी निकल जाएगा।

राजनांदगांव.कलेक्टोरेट के सामने पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।
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