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संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के पास करोड़ों का फंड पर खर्च नहीं कर रही
मोहला-मानपुर विधानसभा क्षेत्र के मोहला व मानपुर ब्लाॅक में सक्रिय एवं क्रियाशील संयुक्त वन प्रबंधन समिति के पास करोड़ों का फंड जमा है, पर यह समितियां अपने फंड को खर्च नहीं कर पा रही है। बीते तीन वर्ष में इन समितियांं ने अपने खाते में जमा राशि में केवल 50 फीसदी राशि ही खर्च पाई है। यह समितियां किन कारणों से ही अपनी राशि का खर्च नहीं कर पा रही है यह जांच का विषय है।
मोहला-मानपुर विधायक इंद्रशाह मंडावी के प्रश्न पर छग शासन के वन मंत्री मो. अकबर ने जवाब दिया कि वनांचल मोहला-मानपुर ब्लाॅक में 104 संयुक्त वन प्रबंधन समितियां कार्य कर रही है। इन समितियों के पास वर्तमान में 4 करोड़ 35 लाख 86 हजार रुपए जमा है। इन समितियों ने अपने खाते में जमा राशि में पिछले तीन वर्ष में केवल 2 करोड 26 लाख 96 हजार 770 रुपए ही खर्च कर पाई है। प्रश्न यह उठता है िक संयुक्त वन प्रबंधन समितियां अपने खाते में जमा राशि को क्यों खर्च नहीं कर पा रही है। िवधायक मंडावी ने कहा कि संयुक्त वन प्रबंधन समिति के खाते में जमा राशि और खर्च की गई राशि के संदर्भ में शासन से जानकारी लेने का उनका उद्देश्य केवल इतना है कि उनके विधानसभा क्षेत्र में खर्च की जा रही शासकीय धन का सदुपयोग हो। काम में पारदर्शिता हो। इसके अलावा जिन उद्देश्यों को लेकर समिति बनी है।
जिन मदों में राशि का खर्च किया जाना हो उसमें किसी तरह की कोई गड़बड़ी न हो। विधायक ने कहा कि तीन वर्ष में समिति अपने फंड में जमा राशि का 50 फीसदी ही खर्च कर पाई है।
अफसरों की मनमानी से नहीं मिलती है काम की मंजूरी
अंबागढ़ चौकी ब्लाॅक के मुड़पार वन समितियों के पदाधिकाारियों ने आरोप लगाया कि समिति एवं ग्रामवासी तो समिति के फंड का उपयोग गाइडलाइन के तहत करना चाहते हैं लेकिन उनकी राह में वन विभाग के अफसर रोडा बने हुए हैं। समिति के पदाधिकारियों की मानें तो वे प्राजेक्ट बनाकर ले जाते हैं लेकिन वन विभाग के अधिकारी काम करने में रुचि नहीं दिखाते हैं। बल्कि वे तो समिति के फंड का दुरूपयोग करते हैं। मुड़पार समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि सितंबर 2019 में उन्होंने इस मामले वन मंत्री से शिकायत भी की है। लेकिन नतीजा अब तक नहीं आया। अब भी काम के लिए वन अफसर का चक्कर काट रहे हैं।