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भारत माता चौक में तीन घंटे फंसी रही झांकियां मूकदर्शक बन हुड़दंगियों को देखते रहे जवान

Rajnandgaon News - विसर्जन झांकी को लेकर पुलिस का बनाए गए सभी प्लान फेल हो गए। झांकियों के रूट पर आते ही अव्यवस्था इतनी बढ़ी कि लोग...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 07:48 AM IST
Rajnandgaon News - chhattisgarh news the tableau which was stuck in bharat mata chowk for three hours became a silent spectator and the youth kept watching the hoodlings
विसर्जन झांकी को लेकर पुलिस का बनाए गए सभी प्लान फेल हो गए। झांकियों के रूट पर आते ही अव्यवस्था इतनी बढ़ी कि लोग हलाकान हो गए। भारत माता चौक में तो तीन से साढ़े तीन घंटे तक झांकियां फंसी रही। इसके चलते पूरे रुट में जाम की स्थिति बन गई। पुलिस को कमजोर पड़ता देख खुद गणेश समितियों के सदस्यों ने कमान सम्हाली, इसके बाद सुबह तक रास्ता क्लियर हो सका।

अव्यवस्था की सबसे बड़ी वजह ये भी रही कि जिन रुटों पर पुलिस ने झांकियों को नहीं डालने की हिदायत दी थी, वहां भी झांकियां जा घुस गईं। इसके अलावा समितियों की मनमानी और चौकों पर रुकने की टाइमिंग को लेकर भी पुलिस कोई भी सख्ती नहीं बरत पाई। जिस समिति को जितने देर तक अपनी झांकी को रोकने का मन बना वे रोके रहे। हालात ये बने कि रात 1 बजे के बाद रुटों में झांकियां आमने-सामने होने लगी। इसके चलते पूरी व्यवस्था चरमरा गई। हालात ऐसे बने कि 100 मीटर की दूरी तय करने के लिए भी लोगों को डेढ़ से दो घंटे का समय लग गया। झांकी के लिए तय सभी रुटों में यही स्थिति रही। महीनेभर पहले से प्लानिंग और दावों की पोल खुल गई।

असामाजिक तत्व रहे सक्रिय: मानव मंदिर चौक में चाकूबाजी सहित छेड़खानी व अन्य शिकायतें

राजनांदगांव. भारत माता चौक में झांकियों के जाम होने के दौरान विवाद, हालात संभालती एएसपी सुरेशा चौबे।

बीस वर्षीय युवक पर हमला

झांकी निकलने के दौरान ही मानव मंदिर चौक में विवाद हो गया। इसके बाद कुछ युवकों ने मिलकर 20 वर्षीय मोनू उर्फ डिगेंद्र निर्मलकर नामक युवक पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पूरे घटनाक्रम के दौरान मौके पर ही पुलिस जवान मौजूद थे। लेकिन वे नाकाफी साबित हुए। चाकूबाजी के बाद आसानी से आरोपी युवक मौके से फरार हो गए, घटना के बाद माहौल बिगड़ा तो अफसरों ने खुद मौके पर पहुंचकर व्यवस्था सम्हाली। मोनू को गंभीर हालत में रायपुर रिफर किया है।

रात से फंसे लोग, सुबह निकले

अव्यवस्था की सबसे बड़ी तस्वीर भारत माता चौक में दिखी। यहां झांकियां बुरी तरह फंस गई। कामठी लाइन में इंट्री करने के लिए रामधानी मार्ग और सदर लाइन से आने वाली झांकियां आमने-सामने हो गई। पीछे भी झांकियों की लाइन लग गई। पुलिस स्थिति को कंट्रोल नहीं कर पाई। करीब साढ़े तीन घंटे तक यहां जाम लगा रहा। जाम जो लोग रात 2 फंसे थे, वे सुबह 5 से 5.30 बजे तक बाहर निकले। इस हिस्से में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवतियां और बच्चे फंसे रहे।

झांकी देखने, बारिश से खलल

विसर्जन झांकियों को देखने शहर में गुरुवार की रात ढाई लाख से अधिक लोग जुटे। शहर सहित ग्रामीण अंचलों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। लोगों की ये संख्या और भी बढ़ सकती थी, लेकिन बारिश ने खलल डाल दिया। गुरुवार को जिलेभर में बारिश की स्थित थी, रात करीब 9 बजे भी बारिश हुई। इसके चलते उम्मीद के मुताबिक भीड़ नहीं पहुंच पाई। हालाकि रात बढ़ने के साथ-साथ भीड़ बढ़ती चली गई। सुबह तक लोग झांकियों को देखने पहुंचते रहे।

ऐसे समझिए पुलिस ने क्या दावे किए और झांकी की रात कैसी रही हकीकत

रुट प्लान : पुलिस ने झांकियों के लिए रुट प्लान पहले ही कर लिया था, इन्ही रुटों से झांकियों को गुजारने के लिए तैनाती की गई। लेकिन रात बढ़ने के साथ ही झांकियांे को मनमाने ढंग से किसी भी हिस्से से इंट्री मिलती गई। यही बाद में प्रमुख चौक में परेशानी का कारण बनी, और झांकी सामने-सामने होने लगे।

टाइमिंग : पुलिस प्लान के मुताबिक किसी भी चाैक पर झांकियों को 15 मिनट से अधिक समय तक नहीं रुकना था, लेकिन झांकियां समिति सदस्यों की मनमानी से रुकती रही। चौक-चौराहों पर आधे से घंटे भर तक झांकियां रोकी गई। इन्हे समझाइश देने पुलिस भी नहीं पहुंची।

डीजे : अव्यवस्था से बचने के लिए डीजे संचालकों को केवल धार्मिक गीत बजाने कहा गया था, कलेक्टर व एएसपी ने इसके लिए सख्त निर्देश जारी किए। लेकिन डीजे संचालक मनमाने ढंग से फिल्मी गीत बजाते रहे। जिसमें युवकों की टोली झूमती रही और झांकी की गति धीमी रही।

हुंडदंग : झांकी के दौरान असामाजिक तत्वों की हरकतों और हुड़दंग को रोकने 700 जवानों की तैनाती का दावा था, ये जवान तैनात तो थे, लेकिन इन्हें कमांड करने वाला कोई अफसर मौजूद नहीं था। स्थिति ऐसी बनी की हुड़दंग होते देख भी जवान मूकदर्शक बने खड़े रहे। रात बढ़ते ही मानिटरिंग टीम भी नदारद हो गई।

मोहारा में पूरे दिन चला प्रतिमाओं का विसर्जन

झांकियों के बाद प्रतिमाओं के विसर्जन की प्रक्रिया शुरू हुई। सुबह मोहारा में बने विसर्जन कुंड में प्रतिमाओं का विजर्सन पूरे दिन चलता रहा। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मोहारा में भी पुलिस जवानों और निगम के कर्मचारियों को तैनात किया गया था। पहली बार प्रतिमाएं नदी में विसर्जित न होकर कुंड में हुई।

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