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40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवा गरज-चमक के साथ बारिश हुई, गिरे ओले

एक वर्ष पहले
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समुद्री हवा के कारण कई जगहों पर चक्रवात सक्रिय हो गए है। इसका प्रभाव छत्तीसगढ़ में भी दिखाई दे रहा है। संस्कारधानी में गुरुवार शाम अचानक बादल घिर आए। रात 8.30 बजे के बाद 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चली। गरज चमक के साथ बारिश हुई और ओले भी गिरे।

अंधड़ की वजह से शहर में कई स्थानों में पेड़ गिर गए, हालांकि किसी तरह की जनहानि की सूचना अभी तक नहीं है आई है, लेकिन पेड़ और पोल क्षतिग्रस्त होने की वजह से शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण इलाकों में बिजली सप्लाई घंटों बाधित रही, जिसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। शहर के बजरंगपुर नवागांव इलाके में ट्रांसफार्मर में आई खराबी के कारण रातभर लोट वोल्टेज की समस्या रही, ऐसे में घरों में लोगों को पंखा चलाने में दिक्कत हुई। मोहड़ इलाके में बिजली बंद होने से लोग परेशान दिखे। सुधार कार्य के बाद प्रभावित इलाकों में बिजली सप्लाई शुरू की गई, इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।

मध्यम बारिश के आसार: मौसम पूर्वानुमान, 16 मार्च तक ऐसे ही रहेंगे हालात

फसल को नुकसान, कराया जाएगा सर्वे

गुरुवार रात हुई बारिश और ओलावृष्टि से फिर एक बार फसल नुकसान की आशंका है। जिन स्थानों में रबी फसल खड़ी है, वहां ज्यादा नुकसान हो सकता है। प्रभारी डीडीए टीकम ठाकुर ने कहा कि क्षति के आंकलन के लिए बैठक की गई है। शनिवार से टीम को रवाना किया जाएगा। जिन स्थानों में फसल नुकसान हुआ है, उसकी रिपोर्ट तैयार कर बीमा कंपनी को दी जाएगी। इसके अलावा किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी जाएगी।

17 पोल हुए क्षतिग्रस्त, बनाने में लगा समय

अंधड़ की वजह से ग्रामीण इलाकों में 17 से अधिक बिजली पोल क्षतिग्रस्त होकर गिर गए। इससे संबंधित मकानों और गांवों में घंटों बिजली बंद रही। शिकायत के बाद काम शुरू किया गया, लेकिन सुधार कार्य में घंटों लग गए, शुक्रवार देर शाम तक कार्य जारी रहा। सीएसपीडीसीएल के एसई टीके मेश्राम ने बताया कि 80% तक सुधार कार्य हो गया है, काम अभी भी चल रहा है। शहर में ज्यादा दिक्कत नहीं रही।

जानिए, मौसम वैज्ञानिक
ने क्या कहा


मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि समुद्री हवा (पश्चिमी विक्षोभ) उत्तर पाकिस्तान और उसके आसपास में तक स्थित है। इसके प्रभाव से एक चक्रीय चक्रवर्ती घेरा हरियाणा और उसके आसपास तक स्थित है। एक चक्रीय चक्रवाती घेरा पूर्व उत्तर प्रदेश और उसके आसपास स्थित है। मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि एक द्रोणिका पूर्वी उत्तर प्रदेश से पश्चिमी विदर्भ तक पूर्वी मध्य प्रदेश होते हुए स्थित है। इन सिस्टम की वजह से उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की वेग से हवा चल सकती है। मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि आगामी 16 मार्च तक मौसम ऐसा ही रहेगा। तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा।

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