अब तक पांच ब्लॉकों में की जा चुकी है बैठक, सामाजिक न्याय व कुरीतियों को दूर करने की पहल

Rajnandgaon News - साहू संघ आपके द्वार...। समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर सामाजिक न्याय व्यवस्था पूरे प्रदेश में सिर्फ राजनांदगांव...

Nov 11, 2019, 07:56 AM IST
साहू संघ आपके द्वार...। समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर सामाजिक न्याय व्यवस्था पूरे प्रदेश में सिर्फ राजनांदगांव में लागू की गई है। यह एक तरह का मॉडल है जो आने वाले समय में पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। इसकी तैयारी चल रही है। समाज की प्रबंधकारिणी की बैठक में इस पहल को शुरू करने का निर्णय लिया गया और इसकी शुरुआत 29 सितंबर से छुईखदान से हुई। अब तक पांच ब्लॉकों में इस कार्यक्रम के तहत बैठक की जा चुकी है। कार्यक्रम का उद्देश्य यह है कि समाज के अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति की सुधि ली जाए। कोई भी व्यक्ति या परिवार का मामला जिला स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा है तो उसे समाज के जिला पदाधिकारी स्वयं ब्लॉक व तहसील स्तर पर जाकर हल कर रहे हैं।

इस कार्यक्रम के तहत जिले के प्रत्येक तहसीलों में साहू समाज के ग्राम, मंडल और तहसील के पदाधिकारियों की बैठक लेकर सामाजिक समरसता को और अधिक प्रगाढ़ करने का प्रयास किया जा रहा है। तहसील, मंडल और गांव स्तर की सामाजिक समस्याओं से सीधे रूबरू होने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया गया है। समाज के पदाधिकारी गांव पहुंचकर सामाजिक स्तर पर मसलों को हल कर रहे हैं। समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने के अलावा समाज की गतिविधियों पर चर्चा की जाती है।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहे साहू समाज के मुखिया, शहर से लेकर जंगल तक स्वयं जाकर ली बैठक, इस मॉडल को अब प्रदेश स्तर पर लागू करने में जुटे पदाधिकारी

13 साल पुराने विवाद को सुलझाया गया

आपसी सामंजस्य और तालमेल के अभाव में करीब 13 सालों से आलीखुंटा का पूरा गांव दो गुटों में बंटा हुआ था। राजनांदगांव तहसील के ग्राम आलीखूंटा रानीतराई में साहू समाज के आपसी वैमनस्यता को दूर कर दिया गया। करीब सात घंटे तक चली साहू समाज की बैठक में समाज के दोनों पक्षों ने समाज की एकजुटता को कायम रखने सालों पुराने आपसी विवादों को खत्म करने का निर्णय लिया। इससे लोगों में एक अच्छा संदेश गया है।

अच्छी पहल: सामाजिक समरसता को और अधिक प्रगाढ़ करने का प्रयास

राजनांदगांव. मोहला में हुए कार्यक्रम में पहुंचे समाज के मुखिया।

सामाजिक न्याय का विसंगति दूर की, सभी संतुष्ट हुए

छुईखदान में रखी गई बैठक में सामाजिक न्याय व्यवस्था की विसंगतियों को दूर किया गया। गांव में जो व्यक्ति अपनी बातें नहीं रख पाते थे, उनके द्वारा इस बैठक में गलत दंड प्रक्रिया को सामने रखा। समाज के प्रमुखों ने इस पर एक व्यवस्था बनाई जिससे सभी पक्ष संतुष्ट दिखे। समाज के लोगों ने इस पहल की सराहना की।

तेली मतलब तेली, चाहे वह किसी भी राज्य का हो जोड़ें

बैठक में यह बताया कि देश के किसी भी राज्य में जन्मे तेली (साहू) से रिश्ता बनाने में कोई दिक्कत नहीं है। तेली मतलब तेली...। चाहे वो महाराष्ट्र, उड़ीसा, राजस्थान या किसी भी राज्य का हो। यहां से बहु ला सकते हैं और बेटियों का रिश्ता भी कर सकते हैं।

समाज के हित में यह बड़े निर्णय जो इस दौरान लिए गए





प्रदेश अध्यक्ष से चर्चा हुई है


एक बड़ी पहल हो रही है


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