हार्वेस्टर से कटे धान को लौटाने से ढाबा केंद्र में हंगामा, खरीदी की सीमा तय करने से परेशानी

Rajnandgaon News - समर्थन मूल्य में 1 दिसंबर से धान की खरीदी तो शुरू हो गई है पर इस बार रोज नए फरमान जारी होने से किसान परेशान हो गए हैं।...

Dec 04, 2019, 08:46 AM IST
Rajnandgaon News - chhattisgarh news uproar in dhaba center due to return of harvested paddy from harvester trouble with purchase limit set
समर्थन मूल्य में 1 दिसंबर से धान की खरीदी तो शुरू हो गई है पर इस बार रोज नए फरमान जारी होने से किसान परेशान हो गए हैं। उच्चाधिकारियों के मौखिक आदेश पर खरीदी केंद्रों में लिमिट खरीदी की जा रही है। एक दिन में सिर्फ 10 से 11 किसानों का ही धान लिया जा रहा है। 1700 कट्‌टा से अधिक धान लेने से साफ इंकार किया जा रहा है, जबकि सैकड़ों किसान अभी धान बेचने का इंतजार कर रहे हैं।

ढाबा खरीदी केन्द्र में मंगलवार को हार्वेस्टर से कटे धान को वापस किए जाने व अफसरों द्वारा बार-बार ऋण पुस्तिका की जांच करने से किसान बिफर पड़े। किसानों ने कहा कि धान बेचने पहुंचे पर अफसर ऐसा कर रहे हैं जैसे कोई प्रतिबंधित चीज बेचने आएं हैं। इस बात को लेकर जमकर हंगामा हुआ। किसानों का कहना है कि इस तरह सुस्त तरीके से खरीदी की जाएगी तो शेष बचे किसान तो धान बेच ही नहीं पाएंगे।

राजनांदगांव. ढाबा में किसानों ने लिमिट खरीदी व धान क्वालिटी को लेकर आपत्ति किए जाने पर विरोध किया।

अब तक इतनी खरीदी

समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए जिलेभर से 1 लाख 71 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है। तीन दिन में सिर्फ 4 हजार 177 किसानों ने धान बेचा है। इनसे अब तक 1 लाख 59 हजार 846.20 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। कुल 29 करोड़ 21 लाख 83 हजार रुपए का किसानों ने उपज बेची है। धान की खरीदी कर पाएं हैं। एक किसान से प्रति एकड़ 15 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। एक दिन में सिर्फ 10 से 12 किसानों का ही धान खरीद रहे हैं।

दूसरे जिले में मात्रा अधिक

अफसर यह कहकर किसानों को लौटा रहे हैं कि 1700 कट्‌टा से अधिक धान एक दिन के भीतर नहीं खरीद सकते। जबकि किसानों ने बताया कि दूसरे जिले में इससे अधिक धान खरीदा जा रहा है। ढाबा सोसाइटी में हार्वेस्टर से कटे हुए धान की खरीदी करने से मना किए जाने पर किसानों ने नाराजगी जताई। कहा कि समय की बचत करने के लिए अब तो ज्यादातर किसान हार्वेस्टर से ही धान की कटाई करते हैं। ऐसे भी एक माह देरी होने की वजह से धान को बेचना जरूरी हो गया है।

देरी से हो रहा नुकसान

खरीदी केन्द्र में निरीक्षण के लिए जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अफसर पहुंचे थे जो कि ऋण पुस्तिका की जांच कर रहे थे। अफसरों के इस व्यवहार पर किसान नाराज भी हुए। सोसाइटी के अंतर्गत आने वाले किसान एवं भाजयुमो के शहर अध्यक्ष आलोक श्रोती ने लिमिट खरीदी का विरोध किया और मांग रखी कि खरीदी जल्दी की जाए ताकि किसानों को नुकसान न उठाना पड़े। इधर अफसरों का कहना है कि सप्ताहभर के बाद ही खरीदी ओपन कर दी जाएगी।

धान का परिवहन अब तक शुरू नहीं हो पाया

प्रशासन ने दावा किया था कि खरीदी शुरू होते ही परिवहन चालू कर देंगे ताकि केन्द्रों में जाम की स्थिति न बनें पर यहां तीन दिन हो गए एक बोरा धान नहीं उठा है। यही वजह है कि प्रशासन लिमिट खरीदी करा रहा है ताकि ज्यादा धान जाम न हो सके।

धान बेचने वाले किसानों के खाते में नहीं पहुंचा पैसा

इस बार खरीदी केन्द्रों की संग्रहण क्षमता का हवाला देकर टोकन जारी किया जा रहा है। लिमिट खरीदी करने के लिए दिनभर में सिर्फ 10 से 12 किसानों को ही टोकन जारी किया जा रहा है ताकि व्यवस्था न लड़खड़ाए।

खरीदी में तेजी आ जाएगी


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