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न्यूयॉर्क टाइम्स से:एंटीबॉडीज टेस्ट से कोरोनावायरस का पता नहीं चलता, स्टडी के मुताबिक- 14 में से सिर्फ तीन टेस्ट दे रहे भरोसेमंद रिजल्ट

3 महीने पहले
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कैलिफॉर्निया के बोलिनस में एंटीबॉडी टेस्ट के लिए ब्लड सैंपल लेती स्वास्थ्य कर्मी। यह आम ब्ल्ड टेस्ट की तरह ही होता है।
  • कोरोनावायरस संक्रमण से उबर चुके व्यक्ति को एंटीबॉडीज टेस्ट कराना चाहिए
  • एंटीबॉडीज का इस्तेमाल संक्रमण से जूझ रहे मरीजों के इलाज में हो सकता है
  • यदि लगता है कि आप कोरोना संक्रमित हैं या लक्षण दिख रहे हैं तो टेस्ट न कराएं

टिम हरैरा. अमेरिका में शटडाउन के बाद एक बार फिर सबकुछ खोलने पर विचार हो रहा है। ऐसे में एंटीबॉडीज टेस्ट को इसमें मददगार माना जा रहा है। हालांकि इस टेस्ट में कई परेशानियां भी हैं। एक स्टडी के मुताबिक अब तक हुए कई एंटीबॉडी टेस्ट के रिजल्ट गलत आए हैं। दरअसल, इस टेस्ट के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाती है कि व्यक्ति कोरोना की चेपट में आ सकता है कि नहीं।  

अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन का कहना है कि इस वक्त का सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि हम दोबारा कब काम पर वापस जा सकेंगे। ऐसे में एंटीबॉडीज टेस्ट जिसे सेरोलॉजिकल टेस्ट भी कहा जाता है, कठिन समय में हमारे लिए मददगार हो सकता है।'

क्या होता है एंटीबॉडी टेस्ट, यह कैसे काम करता है?

  • जब आप किसी वायरस के संपर्क में आते हैं तो आपका शरीर ब्ल्ड और टिश्यू में रहने वाली एंटीबॉडीज बनाने लगता है। ये एंटीबॉडीज प्रोटीन होते हैं, जो वायरस को शरीर में फैलने से रोकते हैं। टेस्ट के जरिए यह पता लगाया जाता है कि शरीर इन्हें बना रहा है या नहीं। अगर यह मौजूद हैं तो यह संभावना बढ़ जाती है कि आप कोविड-19 के संपर्क में आ चुके हैं।
  • माउंट सिनाई हेल्थ सिस्टम के क्लीनिकल लैबोरेट्रीज और ट्रांसफ्यूजन सर्विसेज के डायरेक्टर डॉक्टर जैफरी झांग बताते हैं कि आमतौर पर एंटीबॉडीज बनने में एक हफ्ते से 14 दिन तक का समय लेती हैं। इनका स्तर इम्यून सिस्टम और संपर्क में आने के समय पर निर्भर करता है। हालांकि कम एंटीबॉडीज होने का यह मतलब भी नहीं है कि आप संक्रमित नहीं हैं। यह एक आम ब्ल्ड टेस्ट की तरह ही होता है।

अगर एंटीबॉडीज हैं, तो मैं वायरस से लड़ सकता हूं?

  • पुख्ता तौर पर यह नहीं कह सकते। क्योंकि एंटीबॉडी टेस्ट से कोविड 19 के खिलाफ इम्यूनिटी का पता नहीं लगता है। ऐसा कहना बहुत जल्दी होगा कि एंटीबॉडीज से इम्यूनिटी का पता चलता है। क्योंकि यह नया वायरस है। हालांकि कुछ एक्स्पर्ट्स ने सार्स समेत दूसरे वायरसों के अनुभवों के आधार पर यह बताया है कि एंटीबॉडीज का होना कुछ सुरक्षा तो देता है। लेकिन यह साफ नहीं है कि कितने वक्त तक।
  • डॉक्टर झांग के मुताबिक परेशानी यह है कि अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला, जो यह बताए की एंटीबॉडीज दोबारा बीमार होने से बचा सकते हैं। मुझे लगता है कि कई लोग सोचते हैं कि कई मामलों में एंटीबॉडीज सुरक्षा प्रदान करेगी।'

क्या एंटीबॉडी टेस्ट से संक्रमित होने का पता चल सकता है?

  • एंटीबॉडी टेस्ट कोविड 19 का पता लगाने वाले टेस्ट से अलग है और यह नहीं बताएगा कि, आप संक्रमित हैं या नहीं। एंटीबॉडीज बनने में वक्त लगता है इसलिए कम स्तर होने का मतलब हो सकता है कि आपके शरीर के पास वायरस से पहले इन्हें बनाने का समय नहीं था।

अगर एंटीबॉडीज हैं, तो सोशल डिस्टेंसिंग जारी रखना है?

  • हां, अगर आप पॉजिटिव हैं तो सोशल डिस्टेंसिंग और साफ-सफाई का पालन करना बहुत जरूरी है।

यह क्यों जरूरी है?

  • एंटीबॉडीज स्तर यह पता करने में मदद करेगा कि आप कोरोनावायरस के संपर्क में हैं या नहीं। इसका मतलब यह नहीं कि आप का इम्यून बेहतर है। आपको लगातार सावधानी बरतनी चाहिए। लेकिन एंटीबॉडीज टेस्ट के जरिए पता किया जा सकता है कि आप कॉन्वालैसेंट प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं। यह प्लाज्मा कोरोना से जूझ रहे मरीजों के जल्दी ठीक होने में मदद करेगा।
  • इस टेस्टिंग की मदद से वायरस के दायरे का भी पता लगाया जा सकता है। न्यूयॉर्क सिटी में हुई रेंडम टेस्टिंग में पता लगा कि हर 5 में से 1 व्यक्ति शायद कोरोना के संपर्क में आ चुके हैं और उन्हें इस बात का एहसास नहीं है।
  • डॉक्टर झांग के अनुसार, इसका मतलब तब निकलेगा, जब हम यह समझ पाएंगे कि एंटीबॉडीज से सुरक्षा हो सकती है। टेस्ट यह पता लगाने में मदद करेगा कि कौन सुरक्षित तौर पर काम पर वापस जा सकता है।

क्या है टेस्ट सटीक होते हैं?

  • 14 उपलब्ध एंटीबॉडीज टेस्ट स्टडी के मुताबिक, केवल तीन ने सबसे विश्वसनीय परिणाम दिए। हालांकि इस स्टडी की अभी समीक्षा होना बाकी है। जहां एक टेस्ट ने कभी भी गलत परिणाम नहीं दिए। वहीं, दो अन्य टेस्ट ऐसे थे, जिन्होंने एक प्रतिशत गलत रिजल्ट दिखाए। इन तीन टेस्ट ने शरीर में एंटीबॉडीज के होने की 90 प्रतिशत तक पुष्टि की।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कुछ देशों के इम्युनिटी पासपोर्ट और रिस्क फ्री सर्टिफिकेट के विचारों का हवाला देते हुए नीति बनाने के लिए इन टेस्ट पर भरोसा न करने की सलाह दी है।

क्या मुझे जांच करानी चाहिए?

  • अगर आपको लग रहा है कि आप कोविड 19 के शिकार हैं या बीते दिनों में लक्षण महसूस किए हैं तो आपको टेस्ट नहीं कराने चाहिए। क्योंकि एंटीबॉडी टेस्ट कोविड 19 का पता करने के लिए नहीं है।
  • यह टेस्ट उन लोगों के लिए है जो पॉजिटिव थे या फिर इस बीमारी से अब उबर चुके हैं। या फिर उन लोगों को यह टेस्ट करवाना चाहिए, जिन्हें लगता है कि वे कोविड 19 के संपर्क में थे और अब कोई लक्षण नहीं है।
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