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कोरोना की बढ़ती ताकत / चीन में कोविड-19 के नए मरीजों को बुखार नहीं आ रहा, यहां वुहान से बिल्कुल अलग है वायरस का व्यवहार

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  • चीन की उत्तर पूर्व प्रांत जिलिन और हिलांगजिआंग में कुछ हफ्तों में वायरस के नए क्लस्टर सामने आए
  • मरीजों में संक्रमण के लक्षण नहीं दिख रहे, वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड भी ज्यादा लम्बा हुआ

दैनिक भास्कर

May 21, 2020, 08:49 PM IST

वुहान से निकले नए कोरोनावायरस Sars-COV-2 को लेकर बड़ी खबर चीन के दूसरे हिस्सों से आ रही है। कई हफ्तों से यहां वायरस की दूसरी लहर आने के संकेत हैं, पर अब वायरस के व्यवहार और संक्रमण के लक्षणों में बदलाव देखने को मिल रहा है।
रायटर्स एजेंसी ने चीनी एजेंसी के हवाले से बताया है कि देश के उत्तर पूर्व प्रांत जिलिन और हिलांगजिआंग में कुछ हफ्तों में कोरोना वायरस के नए क्लस्टर सामने आए हैं। चिंता की बात यह है कि यहां वुहान की तुलना में कोविड-19 का बिल्कुल अलग ही रूप देखने को मिल रहा है। 

जितना फैल रहा, उतना बदल रहा

चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन एक्सपर्ट ग्रुप के एक्सपर्ट डॉ कुई हेइबो का आकलन है कि पूर्वोत्तर चीन के नए मरीजों में वायरस बिल्कुल अलग तरह से व्यवहार कर रहा है। वुहान से फैले मामलों से इसकी तुलना करें तो यह समझ आ रहा है कि वायरस दुनियाभर में जितना फैल रहा है, इसका उतना ही नया रूप देखने को मिल रहा है।
एसिम्प्टोमैटिक मरीज परिवार पर खतरा

चीन के सरकारी टीवी चैनल सीसीटीवी के साथ बातचीत में डॉ हेइबो ने कहा कि, यह बदलाव परेशानी का कारण बन रहा है क्योंकि मरीजों में संक्रमण के लक्षण नहीं दिख रहे। ऐसे एसिम्प्टोमैटिक मरीज जब अपने परिवारों के साथ होते हैं तो वे किसी बात की परवाह नहीं करते और इसी वजह से हम परिवारों में क्लस्टर इंफेक्शन के मामले देख रहे हैं। 
इनक्यूबेशन पीरियड भी लम्बा

डॉ हेइबो के अनुसार नए क्लस्टर्स के मरीजों में वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड वुहान के मरीजों की तुलना में ज्यादा लम्बा है। वुहान में दिसंबर के महीने से वायरस फैलना शुरू हुआ था और मार्च में इस पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया। एसिम्प्टोमैटिक मरीज बिना लक्षण वाले कोरोना पॉज़िटिव होते हैं और संक्रमण फैला सकते है।
वुहान से ज्यादा ताकतवर कोरोना

भारत समेत दुनिया के बाक़ी देशों में भी एसिम्प्टोमैटिक मामले देखने को मिल रहे हैं।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नेगेटिव न्यूक्लिक एसिड टेस्ट से समझ आता है कि वुहान की तुलना में वायरस ज्यादा ताकतवर हो गया है। पूर्वोत्तर के मरीज लम्बे समय तक इसके करियर बन रहे हैं और उन्हें ठीक होने में भी ज्यादा समय लग रहा है। पूर्वोत्तर के मरीजों को पुराने मरीजों की तरह बुखार नहीं आ रहा। इसके अलावा वायरस अब सीधे फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने की बजाय सभी अंगों को प्रभावित कर रहा है। 

रूस से वायरस इम्पोर्ट होने का शक

उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के क्लस्टर्स में मिला वायरस संभवत: चीन का नहीं है और विदेश से आया है। ये कहां से आया, अब यह बहस का विषय हो सकता है। संभवत: वायरस का नया रूप रूस से आया होगा क्योंकि जिलिन और हेइलोंगजियांग दोनों प्रांत रूसी सीमा के करीब है। 

चीन में थम नहीं रहे नए मामले

चीन में मंगलवार के बाद से अब तक कोरोनोवायरस के 11 नए मामले सामने आए हैं। बुधवार के 5 मामलों में चार लोकल ट्रांसमिशन के कारण थे जबकि एक केस विदेश से आने वाले यात्री में था।मंगलवार को विदेशी यात्रियों में 3 नए मामले देखे गए थे। चीन में कोरोनोवायरस संक्रमण की कुल संख्या 82 हजार 965 है, जबकि अब तक 4 हजार 634 लोगों की मौत हुई है।

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