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कोरोना दुनिया में:वैक्सीन के तीन डोज लगवाने के बाद भी ओमिक्रॉन ने नहीं छोड़ा, इजराइल के दो डॉक्टरों में नए वैरिएंट की पुष्टि

वॉशिंगटन2 महीने पहले
संक्रमित हुए एक डॉक्टर की उम्र 50 साल है। वह लंदन में एक कॉन्फ्रेंस के लिए गए थे। वहां से लौटने के कुछ दिन बाद उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

तेल अवीव में काम करने वाले दो डॉक्टरों में कोरोना के नए वैरिएंट की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दोनों की वैक्सीन के तीन डोज लग चुके थे। CNN के मुताबिक, शीबा मेडिकल सेंटर ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की है। यह इजराइल में वैरिएंट के कम्युनिटी स्प्रैड का पहला मामला भी है। सेंटर के मुताबिक, संक्रमित हुए एक डॉक्टर की उम्र 50 साल है। वह लंदन में एक कॉन्फ्रेंस के लिए गए थे। वहां से लौटने के कुछ दिन बाद उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

हॉस्पिटल के मुताबिक, ब्रिटेन छोड़ने से पहले और इजराइल वापस आने पर डॉक्टर की टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई थी। इसलिए वह अपने काम पर जाने लगे। वहां उनकी वजह से एक और डॉक्टर पॉजिटिव हो गया। दूसरे डॉक्टर की उम्र करीब 70 साल है। दोनों में कोरोना के हल्के लक्षण दिखाई दिए थे। अब वे घर में ही आइसोलेट हैं। उनके संपर्क में आए सभी लोगों का टेस्ट किया गया, लेकिन उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। इन दो मामलों के साथ ही इजराइल में ओमिक्रॉन वैरिएंट के कंफर्म मामलों की संख्या 4 हो गई है।

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मॉडर्ना के CEO ने कहा- ओमिक्रॉन के खिलाफ कम प्रभावी है मौजूदा वैक्सीन
ड्रग निर्माता कंपनी मॉडर्ना के CEO स्टीफन बैंसेल ने मंगलवार को कहा कि कोविड की मौजूदा वैक्सीन ओमिक्रॉन के लिहाज से उतनी कारगर नहीं है, जितना यह डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ थी। बैंसल ने कहा- हमें जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहिए। हमें और भी डेटा का इंतजार करने की जरूरत है। मैंने जितने भी साइंटिस्ट्स मे बात की है, उन्होंने कहा है कि महामारी के लिहाज से यह अच्छा संकेत नहीं है।

बैंसेल ने और ज्यादा संक्रमितों के अस्पताल में भर्ती होने की आशंका जताई है। उन्होंने कहा है कि लोगों को काफी समय तक महामारी का सामना करना पड़ सकता है।

जापान में ओमिक्रॉन का पहला केस मिला, नामीबिया से आया पैसेंजर संक्रमित; अब 16 देशों में पहुंचा नया स्ट्रेन
जापान में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के पहले केस की पुष्टि हुई है। मंगलवार को नामीबिया से आए 30 साल के एक शख्स में संक्रमण का पता चला। सूत्रों के मुताबिक, इस शख्स का टोक्यो के नारिता एयरपोर्ट पर कोरोना टेस्ट किया गया था, जिसमें संक्रमण का पता चला। इसके बाद जांच में यह वैरिएंट ओमिक्रॉन निकला।

अमेरिका में 16-17 साल के युवाओं को फाइजर और बायोएनटेक की बूस्टर डोज मिलेगी
अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) जल्द ही 16 और 17 साल के युवाओं के लिए फाइजर और बायोएनटेक एसई कंपनी के कोरोना बूस्टर डोज की अनुमति दे सकता है। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने सोमवार को इस बारे में जानकारी दी है। खबर के मुताबिक, इस योजना को अगले हफ्ते ही स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।

मलावी राष्ट्रपति ने पश्चिमी देशों पर लगाया एफ्रोफोबिया से पीड़ित होने का आरोप
साउथ अफ्रीका में पाए गए ओमिक्रॉन वैरिएंट पर अफ्रीकी और पश्चिमी देशों में बयानबाजी और एक-दूसरे पर इल्जाम लगाने का दौर शुरू हो गया है। अफ्रीकी देश मलावी के राष्ट्रपति लजारुस चकवेरा ने अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय देशों पर एफ्रोफोबिया से पीड़ित होने का आरोप लगाया है।

चकवेरा इन देशों द्वारा साउथ अफ्रीकी देशों पर लगाए गए ट्रैवल बैन से नाराज हैं। उनका कहना है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट पर साइंस के हिसाब से फैसले नहीं लिए जा रहे हैं। सोमवार को एक फेसबुक पोस्ट में चकवेरा ने कहा- दुनिया को तो साउथ अफ्रीकी वैज्ञानिकों का शुक्रगुजार होना चाहिए जिन्होंने किसी और से पहले ओमिक्रॉन वैरिएंट खोज निकाला। लेकिन, हम पर ही ट्रैवल बैन लगाए जा रहे हैं।

अमेरिका, यूरोप, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया गलत कदम उठा रहे हैं। मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि कोविड पर फैसले साइंस के आधार पर लिए जाने चाहिए, एफ्रोफोबिया से पीड़ित होने की जरूरत नहीं है।

मॉडर्ना ने कहा- जरूरत हुई तो अलग वैक्सीन 2 महीने में तैयार कर लेंगे
मॉडर्ना वैक्सीन कंपनी ने कहा है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के लिए स्पेशल वैक्सीन (ओमिक्रॉन स्पेसेफिक) 2 से 3 महीने में तैयार हो जाएगी। साउथ अफ्रीका में कोरोना के नए वैरिएंट की वजह से दुनिया परेशान है। वैक्सीन कंपनियां अब तक दावे से यह नहीं कह पा रही हैं कि मौजूदा वैक्सीन इस नए वैरिएंट को काबू करने में कारगर साबित होंगी।

वैरिएंट और वैक्सीन एफिशिएंसी पर रिसर्च जारी
मॉडर्ना के चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर पॉल बर्टन ने कहा- हम हालात पर नजर रख रहे हैं। फिलहाल, सिर्फ यही कह सकता हूं कि अगर ओमिक्रॉन के लिए अलग से वैक्सीन की जरूरत हुई तो यह कुछ हफ्तों में तैयार कर ली जाएगी। कुछ हफ्तों में तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी। साइंटिस्ट्स इस वैरिएंट और वैक्सीन एफिशिएंसी पर रिसर्च कर रहे हैं। हम उन लोगों के सैम्पल्स की जांच भी कर रहे हैं, जो वैक्सीनेट होने के बावजूद इस वैरिएंट से पॉजिटिव हो गए।