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ओमिक्रॉन पर देश-दुनिया के 10 एक्सपर्ट्स:नया वैरिएंट संक्रमण के बाद आई इम्यूनिटी को मात देने में सक्षम, देश में तीसरी लहर ला सकता है

2 महीने पहले

ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर वैज्ञानिक और डॉक्टर अभी तक कई सवालों के जवाब ढूंढ रहे हैं। द. अफ्रीका में मिला कोरोना का ये नया वैरिएंट एक महीने से कम समय में ही पूरी दुनिया के लिए परेशानी का सबब बन गया है। इस वैरिएंट पर कई स्टडी हो चुकी हैं और कई जारी हैं। इनमें पता चला है कि ये वैरिएंट संक्रमण से पनपी इम्यूनिटी को तो मात दे ही सकता है, इसके अलावा फुली वैक्सीनेटेड लोग भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। जानिए क्या कहते हैं दुनिया के 10 एक्सपर्ट्स...

1. ICMR: ओमिक्रॉन संक्रमित को नहीं जाना होगा अस्पताल
ICMR (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) के मुख्‍य वैज्ञानिक डॉ. रमन गंगाखेडकर ने बताया कि नए वैरिएंट के बारे में फिलहाल ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट से पता चला है कि इससे संक्रमित होने पर अस्‍पताल में एडमिट होने की जरूरत नहीं आई है। उन्‍होंने कहा, हल्के लक्षणों को रोका नहीं जा सकता है, क्‍योंकि वैरिएंट लगातार आते रहेंगे।

2. WHO: कितना खतरनाक, कहना मुश्किल

WHO की चीफ साइंटिस्‍ट डॉ. सौम्‍या स्‍वामीनाथन ने कहा है कि डेल्‍टा वैरिएंट से भारत में सबसे ज्‍यादा मौतें हुई थीं। अभी इसकी जानकारी सामने नहीं आई है कि ओमिक्रॉन, डेल्‍टा वैरिएंट से कितना ज्यादा खतरनाक है और कितनी तेजी से फैलता है। दक्षिण अफ्रीका में जो लोग इससे संक्रमित हुए हैं, उनमें से कुछ वैक्सीनेटेड थे।

3. CovidRxExchange: जेनेटिक रूप बदल सकता है

CovidRxExchange के डॉ. शशांक हेडा के मुताबिक ओमिक्रॉन के खतरे के बारे में आने वाले समय में पता चलेगा।
CovidRxExchange के डॉ. शशांक हेडा के मुताबिक ओमिक्रॉन के खतरे के बारे में आने वाले समय में पता चलेगा।

महाराष्ट्र समेत कई राज्यों की सरकार को कोविड से जुड़ी नीति बनाने की सलाह देने वाले डॉ. शशांक हेडा ने ओमिक्रॉन को बेहद खतरनाक बताया है। डॉ. हेडा CovidRxExchange के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। उन्होंने कहा है कि ओमिक्रॉन का जेनेटिक रूप बदल सकता है। यह कितना खतरनाक है, यह आने वाले समय में पता चलेगा।

4. अमेरिका: सबसे ज्यादा खतरनाक वैरिएंट

अमेरिका के संक्रमण रोग विशेषज्ञ और व्हाइट हाउस के चीफ मेडिकल एडवाइजर डॉ. एंथनी फाउसी ने ओमिक्रॉन वैरिएंट से सचेत रहने की चेतावनी दी है। कैलिफोर्निया में ओमिक्रॉन का पहला केस मिला था। फाउसी ने इसके म्‍यूटेशन पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन, डेल्‍टा वैरिएंट समेत अन्‍य वैरिएंट से ज्यादा खतरनाक हो सकता है।

5. यूरोप: जल्द दुनिया की हर भीड़ वाली जगह होगा
यूरोपियन एक्सपर्ट्स का कहना है कि ओमिक्रॉन साउथ अफ्रीका में बहुत तेजी से फैल रहा है और जल्द ही यूरोप भी इसकी चपेट में आ जाएगा। इसके बाद दुनिया की हर पॉपुलेटेड जगह पर इसके केस मिलेंगे, क्योंकि संक्रमण की रफ्तार के मामले में ये डेल्टा से ज्यादा घातक है। अभी तक ये 25 देशों और 5 महाद्वीपों तक पहुंच चुका है। 2 साल महामारी से लड़ने वाले देश, जो रिकवरी की उम्मीद लगाए हुए हैं, वे नई लहर की चपेट में आ सकते हैं।

6. द. अफ्रीका: संक्रमण से पनपी इम्युनिटी को मात देने में सक्षम
दक्षिण अफ्रीकी रिसर्चर्स और साइंटिस्ट ने बताया नवंबर में कोरोना के केसों में अचानक तेजी आई। केसों की रफ्तार बीटा और डेल्टा वैरिएंट के फैलने से भी ज्यादा थी। ज्यादातर केस ऐसे थे, जो पहले से ही कोरोना संक्रमण का शिकार हो चुके थे। इन केसों में तीन चौथाई में नया वैरिएंट मिला। यानी ये कोरोना संक्रमण से उपजी इम्यूनिटी को भी मात दे सकता है।

7. दिल्ली एम्स: वैक्सीन के प्रभाव को कम कर सकता है ओमिक्रॉन

दिल्ली एम्स के डायरेक्‍टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने ओमिक्रॉन को इम्‍यूनिटी पर असर डालने वाला वायरस बताया है। उन्होंने कहा कि यह वैरिएंट वैक्‍सीन की प्रभावशीलता कम कर सकता है। उन्‍होंने यह भी कहा कि भारत में उपयोग की जा रही वैक्‍सीन का दोबारा मूल्‍यांकन करने की जरूरत है।

8. मेदांता: लोगों को सावधान हो जाना चाहिए

गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल के डॉ. अरविंद कुमार ने कहा है कि कर्नाटक में ओमिक्रॉन के मामले मिलने से ज्यादा चिंतित होने की जरूरत नहीं है, लेकिन अब लोगों को सावधान हो जाना चाहिए। मास्क पहनना चाहिए और पहले की तरह ही सोशल डिस्टेंसिंग व अन्य उपाय अपनाने शुरू कर देने चाहिए। जिन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाई है, उन्हें तत्काल दोनों डोज लेने चाहिए।

9. सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज: तीसरी लहर ला सकता है

जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुधीर भंडारी ने कहा है कि ये वैरिएंट भारत में तीसरी लहर का कारण बन सकता है। ये इतना खतरनाक है कि डबल डोज लगवाकर इम्यूनिटी डेवलप कर चुके व्यक्ति को भी काफी नुकसान पहुंचा सकता है। नए वैरिएंट में 30 से ज्यादा स्पाइक्स का म्यूटेशन पाया गया है, जो लंग्स को बहुत तेजी से डैमेज कर सकता है।

10. गंगाराम अस्पताल: दूसरे वैरिएंट की तुलना में हल्का है

दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में डॉ. धीरेन ने बताया कि ओमिक्रॉन वायरस के भारत पहुंचने की आशंका पहले ही थी। हालांकि, भारत में लोगों को शांत और संयमित रहना चाहिए, लेकिन साथ ही सतर्क रहने की भी जरूरत है। प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर हम कह सकते हैं कि दूसरे वैरिएंट की तुलना में काफी हल्का वायरस है।