• Hindi News
  • Coronavirus
  • India Omicron Third Wave Situation Update; Health Ministry Lav Agarwal On COVID Positivity Rate

तीसरी लहर में 8 राज्य बढ़ा रहे चिंता:देश में 14 दिन में 1% से 11% पर पहुंचा पॉजिटिविटी रेट; स्वास्थ्य मंत्रालय बोला- भारत ही नहीं ग्लोबल लेवल पर है ये ट्रेंड

8 दिन पहले

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि कोरोना की तीसरी लहर के दौरान देश में तेजी से नए मामले मिले हैं। देश में 14 दिन में ही पॉजिटिविटी रेट 11 गुना बढ़ गया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि 30 दिसंबर को देश में 1.1% पॉजिटिविटी रेट था, जो 12 जनवरी को 11.05% हो गया है। देश में अब एक्टिव केसेज की संख्या 9,55,319 हो गई है।

हालांकि तेजी से नए मामले बढ़ने का यह ट्रेंड भारत में ही नहीं बल्कि ग्लोबल लेवल पर भी है। दुनिया के 159 देशों में तेजी से नए केस बढ़े हैं, जिनमें यूरोप के 8 देशों में महज दो सप्ताह में ही दोगुने नए मामले सामने आए हैं।

साथ ही अग्रवाल ने यह भी कहा कि कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट से दुनिया में 115 मौतें हुई हैं और भारत में इस वैरिएंट से एक व्यक्ति की जान गई। अच्छी खबर ये भी है कि अब तक सामने आए डेटा के मुताबिक ओमिक्रॉन वैरिएंट तेजी से खतरनाक डेल्टा वैरिएंट की जगह ले रहा है। साथ ही डेल्टा से संक्रमित होने वालों के मुकाबले ओमिक्रॉन पॉजिटिव लोगों का हॉस्पिटलाइजेशन रेट बेहद कम रहा है।

देश में 8 राज्य बढ़ा रहे हैं चिंता
अग्रवाल ने कहा, तीसरी लहर में 8 राज्य परेशानी का सबब बने हुए हैं, जहां कोविड पॉजिटिविटी रेट हाई है। ये राज्य महाराष्ट्र, बंगाल, दिल्ली, तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, केरल और गुजरात हैं। इनमें सबसे ज्यादा 32.18% पॉजिटिविटी रेट बंगाल में है। इसके बाद दिल्ली में 23.1% और महाराष्ट्र में ये दर 22.39% है। चुनावी राज्य उत्तर प्रदेश में 5.71% पॉजिटिविटी रेट है। देश के करीब 300 जिलों में वीकली पॉजिटिविटी रेट 5% से ज्यादा है।

सामान्य संक्रमण में 3 दिन बाद ही कर सकते हैं डिस्चार्ज
अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ कोरोना के हालात पर बैठक के बाद डिस्चार्ज पॉलिसी को बदला गया है। अब हल्के मामलों में पॉजिटिव पाए जाने के 7 दिन बाद और नॉन-इमरजेंसी केसेज में 3 दिन बाद डिस्चार्ज किया जा सकता है और इससे पहले टेस्ट की जरूरत नहीं है। सामान्य संक्रमण वाले मामलों में अगर लक्षण घट रहे हों और 3 दिन तक मरीज का ऑक्सीजन लेवल 93% हो तो उसे डिस्चार्ज किया जा सकता है।

बिना लक्षण वालों के संपर्क में आने वालों का 7 दिन होम क्वारैंटाइन जरूरी
उन्होंने बताया कि जिनमें लक्षण पाए जा रहे हैं और उनके संपर्क में जो भी आ रहा है, उसका टेस्ट किया जाना जरूरी है। बिना लक्षणों वाले केसों में टेस्ट की जरूरत नहीं है, जब तक कि वे खतरे वाली श्रेणी में न हों। इनके संपर्क में आने वाले सभी लोगों के लिए 7 दिन का होम क्वारैंटाइन जरूरी है।

कॉमन कोल्ड या फीवर न समझें ओमिक्रॉन को
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद नीति आयोग के मेंबर (हेल्थ) डॉ. वीके पॉल ने चेतावनी दी है कि ओमिक्रॉन को कुछ लोग कॉमन कोल्ड या फीवर समझकर लापरवाही कर रहे हैं। यह खतरनाक हो सकता है। उन्होंने कहा कि इसकी रफ्तार धीमी रखना हम सभी की जिम्मेदारी है, जिसके लिए मास्क पहनना और वैक्सीन लगवाना ही इकलौता उपाय है। यह फैक्ट सामने आ चुका है कि वैक्सीन आपको सुरक्षित रख रही हैं।

दवाइयों का ओवरयूज चिंता की बात
पॉल ने यह भी कहा कि दवाइयों के उपयोग में भी तर्कपूर्ण सोच रखने की जरूरत है। हम दवाइयों के ओवरयूज और मिसयूज को लेकर चिंतित हैं। दवाइयों का ओवरयूज मत कीजिए, यह नुकसानदेह साबित होगा। घरेलू बचाव के उपायों में गर्म पानी पीना और कुल्ला जरूर कीजिए।

खबरें और भी हैं...