पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

एन. रघुरामन का कॉलम:यह हमारी जिम्मेदारी है कि इस साल फेफड़ों पर दूसरे बाहरी कारकों का दबाव डालकर इसे और कमजोर ना करें

2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु - Dainik Bhaskar
एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु

ज ब तक कोरोना की दूसरी लहर के बारे में स्पष्टता नहीं हो जाती, कई लोगों के लिए दिसंबर तक घर से बाहर निकलना थोड़ा मुश्किल लगता है। इसके साथ ही सर्दी भी धीरे-धीरे असर डालना शुरू कर रही है। लेकिन घरेलू खतरनाक चीज़ों का ध्यान रखें, ये आपके फेफड़ों पर दबाव डाल सकती हैं। यहां कुछ सलाह हैं कि कैसे घर पर सुरक्षित रहें और अपने फेफड़ों की रक्षा करें।

  • 1. जब कड़ाके की सर्दी पड़ने लगती है, तो गर्म अलाव ही घर के अंदर रहने का शानदार तरीका दिखता है। पर लेंकास्टर यूनिवर्सिटी का 50 ‌‌वर्ष के 70 हजार लोगों पर किया अध्ययन आगाह करता है कि इस तरह खुली आग का संपर्क, व्यस्त सड़कों पर चलने से भी ज्यादा वायु प्रदूषण की ओर धकेल सकता है। पर्यावरणीय शोध के एक जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट पिछले शोध की भी पुष्टि करती है कि धुआं रक्त में पहुंचकर गंभीर इंफ्लेमेशन पैदाकर हृदय प्रणाली को नुकसान पहुंचा सकता है। तो क्या करें? गीली लकड़ी के साथ घर में अलाव जलाने से बचें। बार्बेक्यू के लिए कोयला प्रयोग करें। ढाबे के लॉन में भरवां पराठे का लुत्फ लेते समय ढाबे पर जल रहे अलाव के नजदीक जाने से बचें।
  • 2. नॉर्वे की लोक स्वास्थ्य संस्था की 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक आधुनिक ‘कालीन’ एलर्जिक तत्वों व प्रदूषक कारकों के भंडार हैं, ये अस्थमा व एलर्जी से ग्रसित लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। कालीन में चिपके धूल के कण अस्थमा बढ़ाने वाले सबसे सामान्य कारकों में एक हैं। फ्रांस की मॉन्टेपेलियर यूनि. अस्पताल में फेफड़ों के ‌विशेषज्ञों के मुताबिक ये समस्या दुनिया के करोड़ों लोगों को प्रभावित करती है और गंभीर थकान व काम की अक्षमता का कारण बनती है। तो क्या करें? कालीन हटा दें, कम से कम बिछाएं। सुखाने के दौरान उन्हें कूटने के साथ, रजाइयों के साथ ज्यादा से ज्यादा धूप दिखाएं।
  • 3. यूनि.ऑफ कोलोराडो बोल्डर द्वारा किए परीक्षणों की रिपोर्ट के मुताबिक शावर की नोजल्स में माइकोबैक्टीरियम हो सकते हैं। शावर के दौरान हम बैक्टीरिया भी अंदर ले लेते हैं और यह फेफड़ों के सबसे गहरे भाग तक चला जाता है। ऐसे में या तो साल में एक बार शावर का ऊपरी सिरा बदल लें या उसे कीटाणुरहित करने का कोई तरीका तलाशें।
  • 4. बरगेन यूनि. के जांचकर्ता चेताते हैं कि सफाई स्प्रे का नियमित प्रयोग, दिन में 20 सिगरेट के बराबर तक फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है। ये शोध 2 साल पहले अमेरिकन जरनल ऑफ रेस्पिरेटरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन में प्रकाशित हुआ था, इसमें 6 हजार लोगों को दो दशक तक देखा गया था। सबसे ज्यादा नुकसान स्प्रे से निकलने वालेे रसायन में वाष्पशील कार्बनिक यौगिक पहुंचाते हैं। इसका क्या करें? सीमित प्रयोग करें तय करेंं कि ये घर के वातावरण में वाष्पित ना हो पाएं साथ ही इस्तेमाल के तुरंत बाद कमरे को हवादार छोड़ दें।
  • 5. अगर आप कैंडल लाइट डिनर के प्रेमी हैं, तो जान लें कि मोमबत्ती बनाने का मुख्य सामान पेट्रोलियम उत्पाद हैं और उनमें अधिकांश पैराफिन से बनती हैं। ये वही कालिख कण कार्सिनोजन छोड़ती हैं, जो डीज़ल उत्सर्जन से भी निकलते हैं। ओशो कहते हैं कि प्रेम ही सर्वोच्च नियम है। इसे प्रदर्शित करने के लिए वैकल्पिक चीज़ों की जरूरत ही क्या है। तब क्या करें? कैंडल लाइट डिनर में सुनिश्चित करें कि खुशबूदार मोमबत्तियां पैराफिन से ना बनी हों।

फंडा यह है कि चूंकि अभी मौजूदा वायरस हमारे फेफड़ों को प्रभावित कर रहा है, यह हमारी जिम्मेदारी है कि इस साल फेफड़ों पर दूसरे बाहरी कारकों का दबाव डालकर इसे और कमजोर ना करें।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज आप में काम करने की इच्छा शक्ति कम होगी, परंतु फिर भी जरूरी कामकाज आप समय पर पूरे कर लेंगे। किसी मांगलिक कार्य संबंधी व्यवस्था में आप व्यस्त रह सकते हैं। आपकी छवि में निखार आएगा। आप अपने अच...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...
  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser