ये लोकसभा चुनाव होते तो:5 राज्यों की 102 सीटों में से बीजेपी 71 के बजाय 69 सीटें जीतती और कांग्रेस 10 से 2 पर सिमट जाती

9 महीने पहले

5 राज्यों के नतीजे घोषित हो गए हैं। यूपी, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में बीजेपी की जोरदार वापसी हुई है। जबकि पंजाब में आप को प्रचंड बहुमत मिला है। जीत के बाद पीएम मोदी ने कहा कि पॉलिटिकल ज्ञानी यह जरूर कहने की हिम्मत करेंगे कि 2022 के नतीजों ने 2024 के नतीजे तय कर दिए हैं।

तो चलिए लगे हाथ इसकी पड़ताल भी कर लेते हैं। दरअसल इन पांचों राज्यों में 102 लोकसभा सीटें हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 71 सीटों पर जीत मिली थी। इस बार के विधानसभा चुनाव के नतीजों को लोकसभा सीटों में कन्वर्ट किया जाए तो उसे 69 सीटें मिलती। यानी 2019 के मुकाबले 2 कम। वहीं कांग्रेस 10 सीटों से 2 पर सिमट जाती। सपा 5 से 20 पर पहुंचती और आप पंजाब में क्लीन स्वीप के करीब होती।

आइए जानते हैं कि जिन 5 राज्यों में चुनाव हुए हैं, उनमें अलग-अलग पार्टियों की विधानसभा सीटों को लोकसभा सीटों में कन्वर्ट करने पर उन्हें कितना फायदा या नुकसान होता?

1. उत्तर प्रदेश : BJP को होता 2 सीट का नुकसान, सपा को 15 सीट का फायदा

बीजेपी को यूपी की 403 सीटों में से 253 से ज्यादा सीटों के साथ पूर्ण बहुमत मिला है। अगर इन नतीजों को यूपी की 80 लोकसभा सीटों में कन्वर्ट करें तो बीजेपी को 2022 में 60 सीटें मिलती, जबकि 2019 लोकसभा चुनावों में उसे 62 सीटें मिली थीं।

वहीं हार के बावजूद लोकसभा सीटों के लिहाज से सपा को 2022 में 20 सीटें मिल जाती, जो 2019 के 05 सीटों से करीब चार गुना ज्यादा है। वहीं 2019 लोकसभा चुनावों में 10 सीट हासिल करने वाली बसपा का खाता भी नहीं खुलता और 2019 में 1 सीट हासिल करने वाली कांग्रेस का भी खाता नहीं खुलता।

2. पंजाब : कुल 13 लोकसभा सीटों में से 11 पर काबिज होती आम आदमी पार्टी

2019 के लोकसभा चुनावों में महज एक सीट जीतने वाली आम आदमी पार्टी 2022 के विधानसभा चुनावों के प्रदर्शन के आधार पर पंजाब की 13 में से 11 लोकसभा सीटें जीत सकती थी। वहीं पिछले लोकसभा चुनाव में 08 सीटें जीतने वाली कांग्रेस को 02 सीटें मिलती, जबकि बीजेपी और अकाली का खाता नहीं खुल पाता।

3. उत्तराखंड : बीजेपी 2019 में जीती सभी पांच लोकसभा सीटों को बरकरार रखती

यदि उत्तराखंड में इस समय लोकसभा चुनाव होते तो बीजेपी एक बार फिर सभी 5 सीटें जीतने में कामयाब रहती। बीजेपी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में भी 5 सीटें जीती थीं। जबकि कांग्रेस का सफाया हो गया था।

4. मणिपुर: बीजेपी एक सीट के फायदे साथ जीतती दोनों लोकसभा सीटें

मणिपुर विधानसभा चुनाव 2022 में सबसे बड़ी पार्टी बनी बीजेपी यहां की दोनों लोकसभा सीटें जीत लेती। 2019 में उसने एक और एक सीट एनपीएफ ने जीती थी।

5. गोवा: बीजेपी दोनों लोकसभा सीट जीतकर करती क्लीन स्वीप

गोवा विधानसभा चुनाव 2022 में सबसे बड़ी पार्टी बनी बीजेपी यहां की दोनों लोकसभा सीटें जीतती, 2019 में बीजेपी ने यहां की एक लोकसभा सीट जीत थी, जबकि एक सीट कांग्रेस को मिली थी।