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  • Air Force Will Get 56 Aircraft For Transport And Rescue Mission, It Is Famous For Short Take off And Landing, Know What Is Their Specialty?

भास्कर एक्सप्लेनर:वायुसेना को ट्रांसपोर्ट और रेस्क्यू मिशन के लिए मिलेंगे 56 एयरक्राफ्ट, ये शॉर्ट टेक-ऑफ और लैंडिंग के लिए मशहूर, जानिए क्या है इनकी खासियत?

12 दिन पहले

सरकार ने भारतीय वायु सेना के लिए C-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की खरीदी को मंजूरी दी है। 8 सितंबर को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की सिक्योरिटी कमेटी की मीटिंग में इन एयरक्राफ्ट को खरीदने की मंजूरी दी गई है। ये एयरक्राफ्ट स्पेन से खरीदे जाएंगे। भारतीय वायुसेना में ये एवरो एयरक्राफ्ट की जगह लेंगे।

भारत स्पेन से कुल 56 C-295 एयरक्राफ्ट खरीदेगा। इनमें से 40 का निर्माण देश में ही होगा। भारत में अपनी तरह का ये पहला प्रोजेक्ट है, जिसमें कोई प्राइवेट कंपनी देश की वायु सेना के लिए मिलिट्री एयरक्राफ्ट का निर्माण करेगी।

समझते हैं, पूरी डील क्या है? इन एयरक्राफ्ट की क्या खासियत है? चीन और पाकिस्तान के पास किस तरह के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट हैं? भारत के पास अभी कौनसे ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट हैं?

समझिए डील क्या है?
कैबिनेट की सिक्योरिटी कमेटी (CCS) ने 56 C-295MW ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की खरीदी को मंजूरी दे दी है। ये एयरक्राफ्ट एयरबस डिफेंस एंड स्पेस स्पेन से खरीदे जाएंगे। इनकी कीमत 20 से 21 हजार करोड़ रुपए हो सकती है।

कमेटी ने कुल 56 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की खरीद को मंजूरी दी है। कॉन्ट्रैक्ट साइन होने के 48 महीने के भीतर 16 एयरक्राफ्ट रेडी-टु-फ्लाय कंडीशन में स्पेन डिलीवर करेगा। बचे 40 का निर्माण टाटा ग्रुप अगले 10 साल में देश में ही करेगा। इससे आत्मनिर्भर भारत को मजबूती मिलेगी।

इन एयरक्राफ्ट की खासियत क्या होगी?

  • ये एयरक्राफ्ट शॉर्ट टेक-ऑफ और लैंडिंग के लिए जाने जाते हैं। कंपनी का कहना है कि एयरक्राफ्ट 320 मीटर की दूरी में ही टेक-ऑफ कर सकता है। वहीं लैंडिंग के लिए 670 मीटर की लंबाई काफी है। पहाड़ी इलाकों में एयरक्राफ्ट के ऑपरेशन के लिए ये बड़ी खासियत है।
  • एयरक्राफ्ट अपने साथ अधिकतम 7,050 किलोग्राम का पेलोड उठा सकता है। एक बार में अपने साथ 71 सैनिक या 5 कार्गो पैलेट ले जा सकता है।
  • एक साथ लगातार 11 घंटे तक उड़ान भर सकता है। 2 लोगों के क्रू केबिन में टचस्क्रीन कंट्रोल के साथ स्मार्ट कंट्रोल सिस्टम भी मिलता है।
  • C-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट में पीछे रैम्प डोर है, जो सैनिकों या सामान की तेजी से लोडिंग और ड्रॉपिंग के लिए ज्यादा सुविधाजनक है।
  • एयरक्राफ्ट में 2 प्रैट एंड व्हिटनी PW127 टर्बोट्रूप इंजन लगे हुए हैं। इन सभी विमानों को स्वदेश निर्मित इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट से लैस किया जाएगा।

भारत इन्हें खरीद क्यों रहा है?
भारतीय वायुसेना में ये एवरो एयरक्राफ्ट की जगह लेंगे। वायुसेना के पास 56 एवरो ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट हैं, जो उसने 1960 के दशक में खरीदे थे। इन्हें तत्काल बदले जाने की जरूरत है। इसके लिए मई 2013 में कंपनियों को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) भेजा गया था। मई 2015 में रक्षा खरीद परिषद (DAC) ने टाटा ग्रुप और एयरबस के C-295 एयरक्राफ्ट के टेंडर को अप्रूव किया था।

C-295 भारत के लिए कितने खास?

  • भारतीय वायुसेना में ये एवरो एयरक्राफ्ट को रिप्लेस करेंगे। वायुसेना में ये 60 साल पहले इंडक्ट किए गए थे। कई सालों से इन्हें बदलने की डिमांड की जा रही थी।
  • माना जा रहा है कि वायुसेना में शामिल होने के बाद इन्हें समुद्री रास्तों पर भी तैनात किया जा सकता है, जो इस सेक्टर में AN-32 को रिप्लेस करेंगे। भारत के पास करीब 100 से ज्यादा AN-32 सर्विस में हैं। सेना इन्हें भी रिप्लेस करने की तैयारी में है।
  • साथ ही 40 एयरक्राफ्ट का निर्माण देश में ही किया जाएगा। इससे देश में एयरोस्पेस कंस्ट्रक्शन ईको सिस्टम को बढ़ावा मिलेगा। MSME सेक्टर की कई कंपनियां इन एयरक्राफ्ट के निर्माण में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष तौर पर जुड़ेंगी।
  • भारत के प्राइवेट सेक्टर को एयरोस्पेस कंस्ट्रक्शन के मार्केट में एंट्री का मौका मिलेगा। आयात पर निर्भरता कम होगी और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
  • उम्मीद की जा रही है कि इससे सीधे-सीधे 600 हाईस्किल्ड जॉब्स पैदा होंगे और 3 हजार से अधिक मीडियम स्किल रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

C-295MW भारत के रक्षा क्षेत्र को कैसे बढ़ावा देगा?
रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि भारत में बड़ी संख्या में पार्ट्स, सब-असेंबली और एयरोस्ट्रक्चर के कॉम्पोनेंट असेंबली का निर्माण किया जाएगा।

डिलीवरी के पूरा होने से पहले भारत में C-295 एयरक्राफ्ट के लिए 'D' लेवल सर्विसिंग फेसिलिटी स्थापित करने की योजना है। ये फेसिलिटी C-295 विमान के अलग-अलग वैरिएंट्स के लिए एक रीजनल मेंटेनेंस, रिपेयर और ऑपरेशन (MRO) हब के रूप में काम करेगी।

चीन-पाकिस्तान के पास कौन से ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट हैं?

  • पाकिस्तान की वायुसेना के पास फिलहाल 6 तरह के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट हैं। इनमें लॉकहीड C-130 और गल्फस्ट्रीम के वैरिएंट्स भी हैं।
  • चीन के पास भी 200 से ज्यादा ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट हैं। इनमें आधुनिक तकनीक से लैस Y-20 भी शामिल है।

C-295 का इतिहास भी जान लीजिए
जून 1997 में पेरिस एयर शो में स्पेन की कंपनी CASA ने इस एयरक्राफ्ट को लॉन्च किया था। 1998 में C-295 ने अपनी पहली उड़ान भरी थी। अगले ही साल स्पेन की एजेंसियों द्वारा इसे मिलिट्री में इस्तेमाल की परमिशन मिली और स्पेन की मिलिट्री ने 9 एयरक्राफ्ट ऑर्डर किए। नवंबर 2001 में स्पेन की वायुसेना ने इनका इस्तेमाल शुरू किया। फिलहाल स्पेन के पास 15 C-295 एयरक्राफ्ट हैं।

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