भास्कर एक्सप्लेनर:रन रेट बढ़ाने के लिए अश्विन IPL मैच में हुए रिटायर; जानिए क्या है रिटायर्ड आउट, जिसे लेकर छिड़ी नई बहस

6 महीने पहलेलेखक: अभिषेक पाण्डेय
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क्रिकेट में किसी बल्लेबाज का आउट होना सामान्य बात है, लेकिन अगर कोई बल्लेबाज खुद ही मैदान छोड़कर जाए या रिटायर आउट होने का फैसला करे तो चर्चा होना लाजिमी है। अपने अनोखे कारनामों के लिए चर्चित स्टार ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने राजस्थान रॉयल्स के लिए लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ खेलते हुए यही किया।

अश्विन ने इस मैच में रन रेट बढ़ाने के लिए रिटायर्ड आउट होने का फैसला कर लिया। IPL में पहली बार कोई बल्लेबाज रिटायर्ड आउट हुआ। अश्विन के इस तरह आउट होने से एक नई बहस छिड़ गई है। चलिए समझते हैं कि रिटायर्ड आउट क्या होता है? ये कितने तरह का होता है? अब तक कौन से बल्लेबाज इस तरह आउट हुए? अश्विन के रिटायर आउट होने को लेकर क्यों छिड़ी है बहस?

अश्विन क्यों हुए रिटायर्ड आउट?
IPL 2022 में राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपर जाएंट्स के बीच खेले गए मैच में अश्विन ने बैटिंग में कमाल दिखाते हुए 23 गेंदों में 2 छक्कों की मदद से 28 रन बनाए, लेकिन आखिरी ओवर में राजस्थान को रन रेट बढ़ाने वाले पिंच हिटर की जरूरत थी, इसलिए अश्विन ने 19वें ओवर में रिटायर्ड आउट होने का फैसला किया। उनकी जगह रियान पराग बैटिंग के लिए उतरे, जिन्होंने 4 गेंदों में 1 छक्के की मदद से 8 रन बनाए। राजस्थान ने 20 ओवर में 165/6 का स्कोर बनाते हुए लखनऊ से ये मैच 3 रन से जीता।

इस मैच की सबसे ज्यादा चर्चा हुई अश्विन के रिटायर्ड आउट होने की वजह से। अश्विन IPL इतिहास में रिटायर्ड आउट होने वाले पहले बल्लेबाज बन गए।

अश्विन लखनऊ के खिलाफ रिटायर्ड आउट हो गए थे और उनकी जगह पराग अग्रवाल बैटिंग के लिए उतरे थे
अश्विन लखनऊ के खिलाफ रिटायर्ड आउट हो गए थे और उनकी जगह पराग अग्रवाल बैटिंग के लिए उतरे थे

T20 क्रिकेट में चौथी बार कोई बल्लेबाज हुआ रिटायर्ड आउट
अश्विन का IPL में रिटायर्ड आउट होना पहली घटना थी। टी-20 क्रिकेट में कुल मिलाकर ये चौथा मौका था, जब कोई बल्लेबाज रिटायर्ड आउट हुआ। टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में केवल एक बार ऐसा हुआ है। 2019 में भूटान के सोनम तोबगे मालदीव के खिलाफ रिटायर्ड आउट हुए थे।

  • 2010 में पाकिस्तान और नॉर्थहैम्पटनशायर के बीच एक टूर मैच के दौरान 14 गेंदों में 42 रन जड़ने के बाद शाहिद अफरीदी ने रिटायर्ड आउट होने का फैसला किया था।
  • इसके बाद 2019 में भूटान और मालदीव के बीच इंटरनेशनल टी-20 मैच में भूटान के सोनम तोगबे 35 गेंदों में 24 रन बना पाने के बाद 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर रिटायर्ड-आउट हो गए, लेकिन उनकी जगह आया अगला बल्लेबाज भी कमाल नहीं कर पाया और आखिरी ओवर में 3 रन ही जोड़ पाया, अंत में भूटान मैच हार गया।
  • 2019 में ही बांग्लादेश प्रीमियर लीग में चटगांव चैलेंजर्स के खिलाफ 160 रन के टारगेट का पीछा करते हुए कॉमिला वॉरियर्स के डेविड मलान 20वें ओवर की पांचवीं गेंद पर 74 रन बनाकर आउट हो गए। नए बल्लेबाज सुनजामुल इस्लाम आए, लेकिन वह बिना कोई गेंद खेले रिटायर्ड-आउट हो गए। इसके बाद दसवें नंबर के बल्लेबाज मुजीब-उर रहमान ने आखिरी गेंद पर चौका जड़कर वॉरियर्स को जीत दिला दी।

एक ही टेस्ट पारी में दो बल्लेबाज हुए थे रिटायर्ड आउट

  • टेस्ट क्रिकेट के 155 साल लंबे इतिहास में अब तक केवल एक ही टेस्ट मैच में रिटायर्ड आउट होने की घटना हुई है।
  • खास बात ये है कि उस टेस्ट में एक ही पारी में एक नहीं, बल्कि दो बल्लेबाज रिटायर्ड आउट हुए थे। ये टेस्ट 2001 में श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच खेला गया था।
  • इस टेस्ट की पहली पारी में श्रीलंकाई बल्लेबाज मार्वन अटापट्टू और महेला जयवर्धने रिटायर्ड आउट हुए थे।
  • अटापट्टू 201 रन और जयवर्धने 150 रन बनाने के बाद दूसरे बल्लेबाजों को बैटिंग का मौका देने के लिए रिटायर्ड आउट हुए थे।
श्रीलंका के महेला जयवर्धने (बाएं) और मार्वन अटापट्टू टेस्ट क्रिकेट की एक ही पारी में हुए थे रिटायर्ड आउट।
श्रीलंका के महेला जयवर्धने (बाएं) और मार्वन अटापट्टू टेस्ट क्रिकेट की एक ही पारी में हुए थे रिटायर्ड आउट।

बीमार बेटी को देखने के लिए रिटायर हुए थे गॉर्डन ग्रीनिज टेस्ट क्रिकेट में रिटायर्ड नॉट आउट होने वाले गॉर्डन ग्रीनिज एकमात्र बल्लेबाज हैं। वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज गॉडर्न ग्रीनिज 1982 में भारत के खिलाफ टेस्ट में दमदार शतक जड़ चुके थे, लेकिन वह 154 रन पर रिटायर हो गए थे, क्योंकि उन्हें अपनी बेटी की तबीयत बिगड़ने की खबर मिली थी।

ग्रीनिज बेटी को देखने के लिए एंटीगा से बारबाडोस पहुंचे। दुर्भाग्य से दो दिन बाद उनकी बेटी की मौत हो गई। सम्मान जताने के लिए ये फैसला लिया गया कि ग्रीनिज की पारी रिटायर्ड-नॉट आउट के तौर पर गिनी जाएगी।

वेस्टइंडीज के गॉर्डन ग्रीनिज टेस्ट क्रिकेट में रिटायर्ड नॉट आउट होने वाले एकमात्र बल्लेबाज हैं।
वेस्टइंडीज के गॉर्डन ग्रीनिज टेस्ट क्रिकेट में रिटायर्ड नॉट आउट होने वाले एकमात्र बल्लेबाज हैं।

क्या होता है बीच मैच में रिटायर होना?
क्रिकेट के नियम तय करने वाले संस्था मेरिलबोर्न क्रिकेट क्लब यानी MCC के नियम 25 में रिटायर्ड आउट के बारे में बताया गया है। MCC के नियम 25.4.1 के मुताबिक, कोई भी बल्लेबाज अपनी पारी से तब रिटायर हो सकता है, जब गेंद डेड हो। हालांकि पारी दोबारा शुरू होने से पहले बल्लेबाज के रिटायर आउट होने की वजह के बारे में अंपायर को सूचित किया जाएगा।

अब सवाल उठता है कि किसी बल्लेबाज के इंजर्ड होकर रिटायर होने और अपनी मर्जी से रिटायर होने में क्या अंतर होता है? MCC के नियम 25 के मुताबिक, कोई बल्लेबाज दो तरह से रिटायर हो सकता है-रिटायर्ड-नॉट आउट और रिटायर्ड-आउट।

रिटायर्ड-नॉट आउट
MCC के नियम 25.4.2 के अनुसार, जब कोई बल्लेबाज बैटिंग के दौरान घायल होने, बीमार होने या किसी बेहद जरूरी वजह से मैदान छोड़ता है, बाद में किसी बल्लेबाज के आउट होने या रिटायर होने के बाद अपनी पारी दोबारा जारी रख सकता है, लेकिन अगर वह किसी वजह से ऐसा नहीं कर पाता है, तो उसे रिटायर्ड नॉट आउट माना जाता है।

अगर कोई बल्लेबाज चोटिल होने की वजह से रिटायर होता है और फिर इलाज की वजह से दोबारा बैटिंग नहीं कर पाता तो टीम को 9 बल्लेबाजों के आउट होने के बाद ही ऑल आउट मान लिया जाता है और रिटायर होने वाले बल्लेबाज को रिटायर्ड नॉट आउट माना जाता है।

अक्सर चोटिल होकर रिटायर होने वाले बल्लेबाज के लिए 'रिटायर्ड-हर्ट' शब्द का भी इस्तेमाल होता है, लेकिन क्रिकेट के नियमों में रिटायर्ड-हर्ट शब्द का जिक्र नहीं है।

रिटायर्ड आउट
MCC के नियम 25.4.3 के मुताबिक जब कोई बल्लेबाज बीमारी, घायल या किसी जरूरी वजह के बजाय रणनीति के तहत रिटायर होता है और अगर उसकी पारी दोबारा शुरू नहीं हो पाती, तो उसे रिटायर्ड-आउट कहा जाता है। इस तरह रिटायर होने के बाद बल्लेबाज फिर से अपनी पारी विपक्षी कप्तान की मर्जी से ही शुरू कर सकता है।

इस तरह रिटायर्ड आउट होने का मकसद टीम का रन रेट बढ़ाना होता है। यानी बल्लेबाज रिटायर्ड आउट होने का फैसला रणनीति के तहत करता है। अश्विन IPL में इसी तरह रिटायर्ड आउट हुए।

कई दिग्गजों का मानना है कि अश्विन के रिटायर्ड आउट होने के बाद टी-20 क्रिकेट में इसका ट्रेंड बढ़ सकता है
कई दिग्गजों का मानना है कि अश्विन के रिटायर्ड आउट होने के बाद टी-20 क्रिकेट में इसका ट्रेंड बढ़ सकता है

अश्विन के रिटायर्ड-आउट होने को लेकर क्यों छिड़ी बहस?
IPL के 15 साल के इतिहास में पहली बार कोई बल्लेबाज रिटायर्ड आउट हुआ, तो इसे लेकर नई बहस छिड़ गई। सवाल ये है कि क्या टीमों को इस स्ट्रैटजी का लगातार इस्तेमाल करना चाहिए या नहीं? सबसे बड़ा सवाल रिटायर्ड आउट लेने की टाइमिंग को लेकर है, यानी इसे कब लेना सही रहेगा, क्योंकि कभी ये फैसला सही तो कभी गलत साबित हो सकता है। इसे लेकर एक्सपर्ट की राय बंटी नजर आती है।

  • टीम का रन रेट बढ़ाने के लिए किसी बल्लेबाज का रिटायर होना, नियमों के दायरे में तो है, पर टीमों ने अब तक इसका बहुत ज्यादा इस्तेमाल नहीं किया है।
  • अश्विन के ऐसा करने के बाद कई दिग्गजों का मानना है कि रिटायर्ड आउट टी-20 क्रिकेट का अगला इनोवेशन बन सकता है और आने वाले दिनों में टीमें इसे स्ट्रैटजी के तौर पर इस्तेमाल कर सकती हैं।
  • वेस्टइंडीज के धाकड़ बल्लेबाज कार्लोस ब्रेथवेट का कहना है कि ये साहसी फैसला था और आने वाले दिनों में ये खेल का हिस्सा बन सकता है।
  • अश्विन ने अपने रिटायर्ड आउट होने को लेकर कहा कि यह एक पल की बात थी। यह एक टीम गेम है, जिसे हम अक्सर उत्साह में भूल जाते हैं। यह खेल का एक महत्वपूर्ण पहलू है जिस पर हमने विचार नहीं किया है।
  • अश्विन ने टी20 गेम को फुटबॉल के खेल जैसा करार दिया। फुटबाल में मैच के दौरान रणनीति के तहत किसी खिलाड़ी की जगह दूसरे खिलाड़ी को उतारने का नियम है।
  • चेन्नई सुपरकिंग्स के कोच रहे स्टीफन फ्लेमिंग 2017 में दिए एक इंटरव्यू में रिटायर्ड आउट को खेल का हिस्सा बनाए जाने पर सहमत नहीं नजर आए थे और उन्होंने कहा था कि बैटिंग एक जंग की तरह है, कई बार बेहद खराब शुरुआत के बाद भी कई बल्लेबाजों ने यादगार शतक लगाए हैं।