भास्कर एक्सप्लेनर:IPL की 2 नई टीमों का ऐलान, 11 साल बाद 2022 में खेलेंगी 10 टीमें, जानें इससे कितना बदलेगा IPL?

नई दिल्ली7 महीने पहलेलेखक: जयदेव सिंह

IPL की दो नई टीमों का ऐलान हो गया है। अहमदाबाद और लखनऊ दो नईं फ्रेंचाइजी के रूप में अगले सीजन में शामिल होंगी। इसके साथ ही 2022 के IPL में कुल 10 टीमें एक-दूसरे के खिलाफ खेलती हुई दिखाई देंगी। ऐसा पहली बार नहीं होगा, जब IPL में 10 टीमें होंगी। इससे पहले 2011 में हुए IPL के चौथे सीजन में भी 10 टीमें थीं। उस वक्त कोच्चि टस्कर्स केरला और पुणे वॉरियर्स नाम की फ्रेंचाइजी IPL का हिस्सा बनी थीं।

नई टीमों के मालिक कौन हैं? नई टीमों के लिए कितने की बोली लगी? नई टीमों के आने से IPL पर क्या असर पड़ेगा? खिलाड़ियों को इससे क्या फायदा होगा? IPL के फॉर्मेट में क्या बदलाव होगा? आइए जानते हैं...

किसने जीती बोली?

नई टीमों की मेजबानी के लिए 6 शहर रेस में थे। सबसे ज्यादा मजबूत दावेदार अहमदाबाद और लखनऊ थे। इन दो शहरों को ही मेजबानी मिली है। अहमदाबाद को मौका मिलने की एक बड़ी वजह इसी साल वहां बना दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम भी है, जिसमें एक लाख से ज्यादा दर्शक बैठ सकते हैं।

अहमदाबाद लंबे समय से नई टीम के लिए होड़ में था। 2010 में जब 10 टीमों का IPL हुआ था, तब भी अहमदाबाद रेस में था। उसके लिए बोली भी लगाई गई थी, लेकिन तब बाजी पुणे और कोच्चि की फ्रेंचाइजी ने मारी थी।

लखनऊ को चुने जाने के पीछे कहा जा रहा है कि इसके जरिए BCCI सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य यूपी में IPL को ले जाना चाहता है। इन दो शहरों के अलावा कटक, गुवाहाटी, इंदौर और धर्मशाला शहरों के नाम भी चर्चा में थे।

दो टीमों को खरीदने के लिए कुल 22 बिजनेस घरानों ने दिलचस्पी दिखाई थी। इनमें अडाणी ग्रुप, इंग्लिश फुटबॉल क्लब मैनचेस्टर यूनाइटेड का मालिक ग्लेजर परिवार, टोरेंट फार्मा, अरबिंदो फार्मा, आरपी-संजीव गोयनका ग्रुप, हिंदुस्तान टाइम्स मीडिया ग्रुप, पूर्व सांसद नवीन जिंदल की जिंदल स्टील, रॉनी स्क्रूवाला और तीन प्राइवेट इक्विटी से जुड़े लोग शामिल थे।

आरपी-संजीव गोयनका ग्रुप ने लखनऊ की टीम को 7,090 करोड़ रुपए में खरीदा है और पांच साल बाद दोबारा लीग में वापसी कर ली है। इससे पहले गोयनका ग्रुप के पास दो साल 2016 व 2017 में राइजिंग पुणे सुपर जाइंट्स की टीम रही थी। वहीं CVC कैपिटल ने 5,166 करोड़ रुपए में अहमदाबाद की टीम खरीदी है।

क्या BCCI की उम्मीद के मुताबिक लगी बोली?

BCCI ने नई टीमों के लिए 2000 करोड़ रुपए का बेस प्राइस तय किया था। इस नीलामी से उसे 7 से 10 हजार करोड़ रुपए की कमाई होने की उम्मीद थी। नीलामी में दोनों टीमों के लिए कुल 12,256 करोड़ की बोली लगी यानी, नीलामी में BCCI को उम्मीद से ज्यादा कमाई हुई।

टीमों के बढ़ने से किसे-क्या फायदा होगा?

दर्शकों के लिहाज से बात करें तो आपको ज्यादा मैच देखने को मिलेंगे। दो टीमें बढ़ने से IPL में मैचों की संख्या 60 से बढ़कर 74 हो जाएगी। खिलाड़ियों के लिहाज से बात करें तो दो टीमें बढ़ने से कम से कम 45 से 50 नए खिलाड़ियों को IPL में खेलने का मौका मिलेगा। इनमें भी 30 से 35 युवा भारतीय खिलाड़ी होंगे।

ब्रॉडकास्टर के लिहाज से बात करें तो ज्यादा मैच होने के कारण उसे ज्यादा कमाई होगी। इसी वजह से BCCI को आने वाले 5 साल के लिए IPL के ब्रॉडकास्ट राइट्स के लिए रिकॉर्ड डील की उम्मीद है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 2023 से 2027 तक 5 साल के लिए भारतीय बोर्ड को इस लीग के ब्रॉडकास्ट राइट्स के एवज में 35 से 40 हजार करोड़ रुपए तक मिल सकते हैं। BCCI ने 2018 से 2022 तक के लिए ये राइट्स 16,347.50 करोड़ रुपए में स्टार इंडिया को बेचे थे।

IPL में इससे पहले कब-कब बढ़ीं टीमें?

2011 में पहली बार IPL में दो टीमें जोड़ी गई थीं। जब कोच्चि टस्कर्स केरला और पुणे वॉरियर्स IPL का हिस्सा बनी थीं। अगले ही साल ये टूर्नामेंट 10 से घटकर नौ टीमों का हो गया। जब कोच्चि टीम IPL से अलग हो गई। 2012 और 2013 के IPL 9 टीमों के हुए। इसके बाद 2014 में पुणे वॉरियर्स भी IPL से हट गई और ये टूर्नामेंट दोबारा 8 टीमों का हो गया।

IPL 2016 में जब मैच फिक्सिंग के चलते चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स पर बैन लगा तो आखिरी बार IPL में नई टीमें शामिल की गईं। बैन के बाद दो फ्रेंचाइजी की जगह राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स और गुजरात लॉयन्स ने दो सीजन में हिस्सा लिया। जैसे ही चेन्नई और राजस्थान से बैन हटा तो IPL में शामिल पुणे और गुजरात को टूर्नामेंट से अलग कर दिया गया।

नई टीम आने से IPL के फॉर्मेट पर क्या असर होगा?

ऐसा पहली बार नहीं है, जब IPL का टूर्नामेंट 10 टीमों का होगा। 2011 में जिस मॉडल पर ये टूर्नामेंट खेला गया था, उसी तरह से 2022 में भी खेला जाएगा। लीग दौर में हर टीम 7 विरोधी टीमों के खिलाफ 14 मैच खेलेगी।

हर टीम अपने ग्रुप की 4 अन्य टीमों से दो-दो मैच खेलेगी। एक मैच अपने होम ग्राउंड पर और एक मैच विरोधी टीम के मैदान पर होगा यानी, अपने ग्रुप में कुल आठ मैच खेलने होंगे। इसके अलावा दूसरे ग्रुप की 4 टीमों के खिलाफ भी एक-एक मैच खेलना होगा।

बाकी बची एक टीम के खिलाफ दो मैच खेलने होंगे। इस तरह से एक टीम कुल 14 मैच खेलेगी। इसके लिए एक ड्रॉ निकाला जाएगा। जिससे ये तय होगा कि कौन-किसके खिलाफ एक बार और किसके खिलाफ दो बार खेलेगा। इस तरह लीग स्टेज में कुल 70 मैच खेले जाएंगे। नॉकआउट स्टेज मौजूदा फॉर्मेट में ही होगा। इसके लिए एलिमिनेटर, क्वालिफायर और फाइनल के चार मैच होंगे यानी, टूर्नामेंट में कुल 74 मैच खेले जाएंगे।

खबरें और भी हैं...