भास्कर एक्सप्लेनर:कोरोना और डेंगू के खतरनाक कॉम्बिनेशन से ट्विन्डेमिक का खतरा; जानिए ये क्या होता है? आप कैसे खुद को स्वस्थ रख सकते हैं

25 दिन पहले

कोरोना पेंडेमिक के बाद अब दुनियाभर में ट्विन्डेमिक को लेकर चर्चाएं हो रही हैं। ट्विन्डेमिक यानी दो पेंडेमिक। दरअसल दुनिया के कई देशों में कोरोना के साथ-साथ वायरल फीवर के मामले बढ़ रहे हैं। यानी एक साथ दो बीमारियां फैल रही हैं। एक्सपर्ट्स इसे ट्विन्डेमिक कह रहे हैं।

भारत में भी लगभग इसी तरह का पैटर्न देखने को मिल रहा है। देश के करीब 15 राज्यों में डेंगू, मलेरिया और वायरल फीवर के मामले सामने आए हैं। वहीं, दक्षिण और पूर्वी भारत के राज्यों में कोरोना केसेस भी आ रहे हैं।

समझते हैं, ट्विन्डेमिक क्या होता है? क्या भारत में भी ट्विन्डेमिक की आशंका जताई जा रही है? भारत में कहां कोरोना और डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं? इन दोनों बीमारियों के लक्षण में क्या फर्क है? और आपको क्या सावधानियां बरतने की जरूरत है...

सबसे पहले समझिए ट्विन्डेमिक क्या होता है?
महामारी विशेषज्ञ डॉक्टर चंद्रकांत लहारिया के मुताबिक, ट्विन्डेमिक का मतलब 2 पेंडेमिक। यानी दो बीमारियों का एक साथ फैलना। फिलहाल इस शब्द का इस्तेमाल कोरोना वायरस के साथ वायरल फ्लू के लिए किया जा रहा है। दुनियाभर के कई देशों में कोरोना के साथ वायरल फ्लू के मरीज भी बढ़ रहे हैं। इसी पैटर्न को ट्विन्डेमिक कहा जा रहा है।

इस साल ट्विन्डेमिक की बात क्यों हो रही है?
दरअसल, हर साल मानसून के दौरान और बाद में वायरल बीमारियां फैलती हैं। पिछले साल कोरोना की वजह से लोगों ने साफ-सफाई, मास्क, सैनिटाइजेशन और हाइजीन का खासा ख्याल रखा था, इस वजह से वायरल बीमारियां भी नहीं फैलीं।

लेकिन फिलहाल पहले जितनी सख्ती नहीं है। लोग मास्क, सैनिटाइजेशन और हाइजीन का इतना ख्याल नहीं रख रहे हैं। इस वजह से बीमारियां फैल रही हैं और कोरोना तो पहले से मौजूद है ही।

क्या भारत में भी ट्विन्डेमिक की आशंका जताई जा रही है?
ऐसा माना जा सकता है। भारत के कुछ राज्यों में फिलहाल कोरोना के केसेस भी आ रहे हैं और डेंगू के मरीजों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। मध्यभारत के राज्यों में डेंगू तो पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में कोरोना के केस आ रहे हैं।

भारत में कहां हैं डेंगू के मामले?
आंध्रप्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु और तेलंगाना में डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं। सरकार ने इन 11 राज्यों को डेंगू से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी है। सरकार ने इन राज्यों को कहा है कि डेंगू के जल्दी डिटेक्शन, टेस्टिंग और दवाइयों का स्टॉक रखें। इन राज्यों में सिरोटाइप-2 के डेंगू के मामले देखने को मिल रहे हैं। इसके अलावा राजधानी दिल्ली, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी डेंगू के मामले आए हैं।

कहां हैं कोरोना केसेस?
दक्षिण और पूर्वी राज्यों में कोरोना के केस ज्यादा संख्या में आ रहे हैं। केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, मिजोरम, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक में पिछले एक हफ्ते में हर रोज औसतन 5 हजार से ज्यादा नए केस मिले हैं। देश में सबसे ज्यादा केस केरल में मिल रहे हैं। हालांकि, बाकी राज्यों में कोरोना पूरी तरह कंट्रोल में है। मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात, बिहार जैसे राज्यों में रोजाना मामूली केसेस आ रहे हैं।

दोनों के लक्षण एक जैसे होते हैं, तो फिर पता कैसे चलेगा कि कौनसी बीमारी हुई है?

लैबोरेटरी टेस्ट के बिना दोनों बीमारियों की पहचान कर पाना मुश्किल है। हालांकि दोनों के लक्षणों में अंतर के आधार पर हम बता रहे हैं कि आप कैसे पता लगा सकते हैं।

  • कोविड में सांस से जुड़ी परेशानी ज्यादा होती है, जबकि डेंगू में ये कम होती है।
  • डेंगू में पूरे शरीर में बहुत तेज दर्द होता है। आंखों में भी दर्द होता है।
  • कोविड में बुखार धीरे-धीरे आता है, जबकि डेंगू में अचानक से तेज बुखार आता है। ठंड भी ज्यादा लगती है।
  • अगर आपको स्वाद और गंध नहीं आ रही है, तो ये कोविड का लक्षण है। डेंगू में ऐसा नहीं होता है।
  • डेंगू में आमतौर पर दस्त की शिकायत होती है। कोविड क्योंकि एक रेस्पिरेटरी डिसीज है इसलिए कोविड के बहुत कम मामलों में मरीज को दस्त की समस्या होती है।
  • डेंगू में ब्लड में प्लेटलेट्स की संख्या कम होने लगती है।

ट्विन्डेमिक को लेकर दुनिया में क्या चल रहा है?

  • केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में ट्विन्डेमिक का खतरा बढ़ रहा है। एशिया, सब-सहारन अफ्रीका और साउथ अमेरिका में पिछले साल के मुकाबले वायरल फीवर के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
  • अमेरिका में पिछले साल सितंबर से मई के दौरान लिए गए 8 लाख फ्लू सैंपल में से केवल 0.2% ही पॉजिटिव आए थे, जो कि पिछले कई सालों में सबसे कम आंकड़ा था। लेकिन इस बार आशंका जताई जा रही है कि फ्लू मरीजों का आंकड़ा कोरोना के पहले वाले दौर के बराबर जा सकता है। अमेरिका में लोगों से अपील की जा रही है कि वे कोरोना की वैक्सीन के साथ-साथ फ्लू की वैक्सीन भी लें।
  • कनाडा में भी इस बार वायरल फीवर के मामलों में बढ़ोतरी होने की आशंका जताई जा रही है। कनाडा में जुलाई-अगस्त के दौरान पेराइंफ्लुएंजा के मरीजों में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। कनाडा में कई जगहों पर रेस्पिरेटरी सिंसिशल वायरस (RSV) के मामले भी देखने में आ रहे हैं।

क्या डेंगू और कोरोना दोनों एक साथ हो सकते हैं?

बिल्कुल। ये संभव है। ऐसी स्थिति में इलाज और भी मुश्किल हो सकता है, क्योंकि दोनों बीमारियों का कोई विशेष इलाज नहीं है। पिछले साल दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया कोरोना और डेंगू दोनों से संक्रमित हो गए थे।

अलग-अलग लोगों में बीमारी के लक्षण और बीमारी की गंभीरता का स्तर अलग-अलग हो सकता है। एक्सपर्ट्स से बातचीत के आधार पर ये खबर केवल जानकारी के लिए है। अगर आपको किसी भी तरह के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो अपने डॉक्टर की सलाह लें।

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