भास्कर एक्सप्लेनर:चिट्ठी और पार्सल से फैलता है कोरोना? चीन के नए दावे ने दुनिया को चौंकाया; जानिए क्या है सच?

4 महीने पहलेलेखक: अभिषेक पाण्डेय

चीन ने राजधानी बीजिंग में पहला ओमिक्रॉन केस मिलने के बाद सनसनीखेज दावा किया है। चीन का कहना है कि देश में इस नए वैरिएंट की एंट्री की वजह विदेश से आने वाली चिट्ठियां और पार्सल हो सकते हैं। दुनियाभर के कई एक्सपर्ट चीन के इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं और इसे साइंस की बयाज थ्योरी बता रहे हैं।

चलिए जानते हैं क्या चिट्ठी के जरिए भी फैल सकता है कोरोना? क्यों चीन के दावे पर उठ रहे हैं सवाल? किसी संक्रमित चीज से कितना रहता है कोरोना फैलने का खतरा?

चिट्ठियों/पार्सल के जरिए चीन पहुंचा ओमिक्रॉन?

चीन के मुताबिक, बीजिंग में ओमिक्रॉन से संक्रमित मिली महिला की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है और वह कनाडा से चलकर अमेरिका और हॉन्गकॉन्ग होते हुए चीन पहुंचे एक पैकेट को खोलने की वजह से ही संक्रमित हुई।

चीन ने लोगों को सावधान करते हुए कहा है विदेशों से आई चिट्ठियों और सामानों के जरिए वायरस उन तक पहुंच सकता है।

एहतियात के तौर पर चीन ने विदेश से आने वाली सभी चिट्ठियों को सैनिटाइज करने का आदेश दिया है और साथ ही डाक विभाग के सभी कर्मचारियों को कोरोना का बूस्टर डोज लेने का निर्देश दिया है।

चीन में पाबंदियों के बावजूद बढ़ रहे ओमिक्रॉन के केस

चीन का ये आदेश तब आया है जब बीजिंग में विंटर ओलिंपिक होने में कुछ ही हफ्ते बचे हैं, लेकिन वहां तमाम पाबंदियों और 90% लोगों के वैक्सीनेशन के बावजूद ओमिक्रॉन के केसेज बढ़ने लगे हैं।

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, चीन के 31 प्रांतों में से राजधानी बीजिंग समेत कम से कम 7 प्रांतों में ओमिक्रॉन के केस मिले हैं, जिनमें से ज्यादातर चीन के बड़े शहर हैं। इसे देखते हुए चीन ने फिर से कोरोना को लेकर पाबंदियां बढ़ा दी हैं। चीन में 17 जनवरी को 163, 18 जनवरी को 127 और 19 जनवरी को 66 नए कोरोना केस मिले हैं।

फेल होती चीन की जीरो कोविड पॉलिसी

  • चीन ने 2019 में वुहान में पहली बार कोरोना केस मिलने के बाद से ही जीरो कोविड पॉलिसी अपना रखी है।
  • इसके लिए वहां बेहद सख्त लॉकडाउन लागू होते रहे हैं। चीन किसी भी शहर में कोरोना केस मिलते ही पूरे शहर में लॉकडाउन लगाकर सबकी टेस्टिंग शुरू कर देता है।
  • चीन की जीरो कोविड पॉलिसी अब तक कुछ खास सफल होती नहीं दिखी है और वह अब भी कोरोना मुक्त देश नहीं बन पाया है। रोजाना सैकड़ों की संख्या में केस सामने आ रहे हैं।
  • दुनिया भर की कई रिपोर्ट्स दिखाती है कि कैसे चीन दुनिया के सामने खुद को कोरोना मुक्त दिखाने के लिए असली आंकड़ों को छिपाता रहा है।

डेल्टा के बाद ओमिक्रॉन ने भी दी चीन में दस्तक

पहले डेल्टा और अब ओमिक्रॉन वैरिएंट ने चीन की जीरो कोविड नीति को कल्पना साबित कर दिया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल सबसे पहले मई में डेल्टा ने चीन की पाबंदियों को मात देते हुए देश में एंट्री कर ली थी। अब डेल्टा से भी ज्यादा तेजी से फैलने वाले ओमिक्रॉन वैरिएंट के भी कई केस मिलने से चीन में हड़कंप मचा हुआ है।

क्यों सही नहीं है चीन का चिठ्ठियों के जरिए कोरोना फैलने का दावा?

मेल या चिट्ठी के जरिए कोरोना वायरस फैलने के चीन के दावे पर कई एक्सपर्ट सवाल उठा रहे हैं।

  • रॉयटर्स के मुताबिक, लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन में महामारी विज्ञान के प्रोफेसर डेविड हेमैन का कहना है कि यह स्पष्ट नहीं है कि चिट्ठी में वायरस का जीवित रहना कैसे संभव होगा, क्योंकि यह नमी वाले ड्रॉपलेट या बूंदों से फैलता है और सूखने के बाद संक्रामक होना बंद हो जाता है।
  • अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर के बोर्ड मेंबर स्कॉट गोटलिब ने कहा कि चीन का ये दावा मुमकिन नहीं लगता है और ये बात थ्योरी ज्यादा लगती है।
  • WHO के मुताबिक, वायरस मुख्यतः व्यक्तियों के नजदीकी संपर्क में आने से फैलता है। व्यक्ति के बोलने, सांस लेने या छींकने और खांसने से वायरस के छोटे कण या ड्रॉपलेट्स निकलते हैं, जो हवा में लंबे समय तक बने रहते हैं। इन वायरस के कणों को सांस के जरिए अंदर लेने वाले लोग संक्रमित हो सकते हैं।
  • इसके अलावा वायरस के बड़े ड्रॉपलेट्स आंखों, नाक या मुंह के सीधे संपर्क में आने पर भी व्यक्ति को संक्रमित कर सकते हैं।
  • WHO का कहना है कि कोई व्यक्ति अगर संक्रमित सतह को छूने के बाद अपनी आंखों, नाक या मुंह को छूता है तो वह भी संक्रमित हो सकता है। हालांकि संक्रमित सतह के जरिए कोरोना फैलने की संभावना बेहद कम होती है।
  • अमेरिकी हेल्थ एजेंसी CDC के मुताबिक, ज्यादातर मामलों में लोग हवा में तैरते वायरस के ड्रॉपलेट्स से ही संक्रमित होते हैं।
  • लोगों को संक्रमित सतह को छूने से भी इंफेक्शन होने का खतरा होता है, लेकिन बहुत कम। CDC का कहना है कि अधिकतर संक्रमित सतह पर वायरस का खतरा 72 घंटे में 99% तक खत्म हो जाता है।

चीन ने कोरोना से मौतों का आंकड़ा छिपाया?

चीन शुरू से ही दुनिया के सामने खुद को कोरोना मुक्त देश के रूप में पेश करने की असफल कोशिश करता आया है।

चीन ने अपने यहां कोरोना मौतों के आंकड़ों को कैसे छिपाया है, उसकी एक झलक चौंकाने वाले आंकड़ों में देखिए।

  • चीन के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 20 जनवरी 2022 तक वहां कोरोना से महज 4,636 लोगों की मौत हुई थी। वहीं अमेरिका में अब तक 8 लाख 80 हजार से ज्यादा और भारत में 4 लाख 87 हजार से ज्यादा मौतें दर्ज हो चुकी हैं।
  • फोर्ब्स ने द इकोनॉमिस्ट की एक रिपोर्ट के हवाले से लिखा है, कि चीन ने कोरोना से मौतों का आंकड़ा 17000 % कम बताया है। चीन ने अपने देश में कोरोना से हुई मौतों के 1% से भी कम केस की जानकारी दी है।
  • द इकोनॉमिस्ट के मॉडल के मुताबिक, चीन में कोरोना से 4,636 नहीं बल्कि करीब 17 लाख लोगों की मौत हुई है। ये आंकड़ा भारत में हुई मौतों से करीब चार गुना और अमेरिका में हुई मौतों से दोगुना अधिक है।
  • खास बात ये है कि चीन के मुताबिक, उसके यहां कोरोना से हुई 97% मौतें अकेले हुबेई प्रांत के वुहान में ही हुई हैं और वो भी 90 दिन की अवधि (1 जनवरी 2020-31 मार्च 2020) के दौरान। चीन ने 1 अप्रैल 2020 के बाद से वुहान से जुड़े मौत का डेटा देना ही बंद कर दिया।
  • चीन के मुताबिक, हुबेई और आसपास के इलाकों में महज 90 दिन की अवधि में कोरोना से 4,512 मौतें हुईं।
  • अप्रैल 2020 के बाद रहस्यमयी तरीके से कोरोना चीन से गायब हो गया और अगले दो सालों में डेढ़ अरब आबादी वाले इस देश में कोरोना से महज 124 और लोगों की ही मौत हुई।
  • चीन में अब तक कोरोना के महज 1 लाख 5 हजार 411 केस ही सामने आए हैं, जबकि अमेरिका में 6 करोड़ 98 लाख से ज्यादा केस और भारत में 3 करोड़ 82 लाख से भी ज्यादा कोरोना केस मिल चुके हैं।
  • सर्वाधिक कोरोना संक्रमित देशों की लिस्ट में अब अमेरिका पहले और भारत दूसरे नंबर पर है, जबकि कोरोना की उत्पत्ति वाला देश चीन 118वें नंबर पर पहुंच चुका है।

चीन की वुहान लैब से कोरोना वायरस लीक होने की थ्योरी को नकारने की कोशिश

भले ही कई रिपोर्ट्स में कोरोना वायरस की उत्पत्ति की वजह चीन के वुहान लैब को माना गया हो, लेकिन चीन हमेशा से ही कोरोना वायरस का जनक देश होने के दावे को नकारता आया है।

दरअसल, चीन पहले भी ऐसे दावा करता रहा है कि कोल्ड-चेन आयात-जैसे-फ्रोजन मीट और मछलियों से कोरोना फैल सकता है। हालांकि, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ऐसे किसी खतरे को नकार चुका है।

चीन इससे पहले भी 2020 में बीजिंग में विदेश से आयात होने वाली सैमन मछली को काटने के लिए इस्तेमाल होने वाले बोर्ड को छूने से कोरोना फैलने का दावा कर चुका है।

चीन अपने स्टेट मीडिया के जरिए ये नरेटिव भी गढ़ चुका है कि दिसंबर 2019 में वुहान में कोरोना का पहला केस मिलने से पहले ही वायरस विदेशों में मौजूद था।

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