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भास्कर एक्सप्लेनर:तीसरी लहर को रोकना है तो प्रेग्नेंट महिलाओं को कोविड वैक्सीन का कवच जरूरी; जानिए इससे जुड़े सभी सवालों के जवाब

2 महीने पहलेलेखक: आबिद खान

भारत सरकार ने 2 जुलाई को ही राज्यों को प्रेग्नेंट महिलाओं को कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए ऑपरेशनल गाइडलाइन जारी की है। सरकार ने ये फैसला नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इन्यूनाइजेशन (NTAGI) की सिफारिशों के बाद लिया है। इस ग्रुप ने तीसरी लहर के संभावित खतरे को देखते हुए प्रेग्नेंट महिलाओं को भी कोरोना वैक्सीन लगाने की सलाह दी थी।

भारत में बच्चों को छोड़कर केवल प्रेग्नेंट महिलाएं ही थीं, जिनके वैक्सीनेशन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। अब सरकार के निर्देशों के बाद कई राज्यों ने प्रेग्नेंट महिलाओं का वैक्सीनेशन शुरू कर दिया है।

आइए समझते हैं, प्रेग्नेंसी में वैक्सीनेशन कितना जरूरी है? आपको क्यों वैक्सीन लगवाना चाहिए? वैक्सीन लगने का पूरा तरीका क्या होगा? और दुनिया में कहां-कहां प्रेग्नेंट महिलाओं को वैक्सीन लगाई जा रही है?

सबसे पहले समझिए सरकार ने ये फैसला क्यों लिया है?

  • यूनिसेफ की रिपोर्ट के मुताबिक 2021 में पूरी दुनिया में 14 करोड़ बच्चे जन्म लेंगे, जिनमें से करीब 4 करोड़ भारत में होंगे। एबॉर्शन मिला दें तो करीब 5 करोड़ महिलाएं प्रेग्नेंट होने का अनुमान है।
  • मार्च 2021 में PubMed ने स्टडी के आधार पर दावा किया कि अगर प्रेग्नेंसी के दौरान महिला कोरोना से इन्फेक्ट होती है तो प्रीमैच्योर बर्थ का खतरा बढ़ जाता है। दूसरी परेशानियां भी बढ़ सकती हैं।
  • नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम की रिसर्च कहती है कि कोरोना संक्रमित प्रेग्नेंट महिलाओं को कई खतरे हो सकते हैं। इसमें बच्चे के समय से पहले जन्म से लेकर 28 दिनों के भीतर मौत हो जाना भी शामिल है।
  • जब भारत में वैक्सीनेशन शुरू हुआ तब प्रेग्नेंट महिलाओं के वैक्सीनेशन का कोई डेटा नहीं था। अब इस पर कई रिसर्च हो चुकी हैं और उसके बाद ही प्रेग्नेंट महिलाओं को वैक्सीन लगाई जा रही है।
  • यह भी देखा गया है कि कोरोना से संक्रमित होने पर प्रेग्नेंट महिलाओं में कोई लक्षण नहीं दिखाई दिए, लेकिन मां और बच्चे के स्वास्थ्य पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
  • साथ ही प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाएं हॉस्पिटल और डॉक्टरों के संपर्क में ज्यादा आती हैं। ऐसे में उन्हें कोरोना से संक्रमित होने का खतरा भी ज्यादा है।

दुनिया में कहां-कहां प्रेग्नेंट महिलाओं को कोरोना वैक्सीन लगाई जा रही है?

  • जॉन हॉपकिन्स के वैक्सीन ट्रैकर के मुताबिक, दुनियाभर के 28 देशों ने प्रेग्नेंट महिलाओं को वैक्सीन लगाने की अनुमति दे दी है। 100 देश ऐसे हैं जहां कुछ शर्तों के साथ प्रेग्नेंट महिलाओं को वैक्सीन लग रही है।
  • अमेरिका में अब तक करीब 1.30 लाख प्रेग्नेंट महिलाओं को फाइजर और मॉडर्ना की mRNA वैक्सीन लगाई जा चुकी है। वहां किसी भी महिला में कोई गंभीर साइड इफेक्ट नहीं देखे गए हैं।
  • स्कॉटलैंड में भी करीब 4 हजार प्रेग्नेंट महिलाओं को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। यहां भी वैक्सीनेशन के बाद कोई साइड इफेक्ट नहीं देखा गया।
  • इसी तरह यूके, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और इजराइल जैसे कई देशों में भी प्रेग्नेंट महिलाओं को वैक्सीन देने की शुरुआत हो चुकी है।

तो क्या प्रेग्नेंट महिलाओं को वैक्सीन लगवाना सुरक्षित है?

  • बिल्कुल। कोरोना के शुरुआती दौर में प्रेग्नेंट महिलाओं पर वैक्सीन के असर को लेकर कोई डेटा मौजूद नहीं था। लेकिन अब कई देशों ने इस पर रिसर्च की है जिसमें प्रेग्नेंट महिलाओं पर वैक्सीनेशन के कोई साइड इफेक्ट नहीं देखे गए हैं।
  • द न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रेग्नेंट महिलाओं में वैक्सीनेशन के कोई साइड इफेक्ट नहीं देखे गए हैं। जर्नल ने 16 से 54 साल की 35,691 प्रेग्नेंट महिलाओं पर रिसर्च कर ये रिपोर्ट पब्लिश की है।
  • क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज वेल्लोर की प्रोफेसर और वैक्सीन साइंटिस्ट डॉक्टर गगनदीप कंग के मुताबिक, अभी तक भारत में दी जा रही वैक्सीन के बारे में जितनी जानकारी मौजूद है, उसके आधार पर ये कहा जा सकता है कि ये वैक्सीन प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए बिल्कुल सुरक्षित है।

प्रेग्नेंट महिलाओं को कौनसी वैक्सीन लगाई जाएगी?

  • फिलहाल दुनिया के ज्यादातर देश प्रेग्नेंट महिलाओं को mRNA प्लेटफॉर्म पर बनी वैक्सीन दे रहे हैं। फाइजर और मॉडर्ना की वैक्सीन mRNA प्लेटफॉर्म पर ही बनी है। mRNA वैक्सीन शरीर में जाने के बाद न्यूक्लियस में एंटर नहीं करती है। इस वजह से ये वैक्सीन न तो DNA के साथ जुड़ती है और न ही जनेटिक मटेरियल में कोई बदलाव करती है।
  • भारत में जो वैक्सीन दी जा रही है उसमें से एक भी वैक्सीन mRNA प्लेटफॉर्म पर नहीं बनी है। इसका मतलब ये नहीं कि वैक्सीन सुरक्षित नहीं है। दुनियाभर में इबोला वैक्सीन के ट्रायल के दौरान प्रेग्नेंट महिलाओं को भी शामिल किया गया था। उस समय वायरल वेक्टर वैक्सीन (कोवीशील्ड जैसी वैक्सीन) प्रेग्नेंट महिलाओं पर भी पूरी तरह सुरक्षित पाई गई थी।
  • फिलहाल भारत में कई जगहों पर प्रेग्नेंट महिलाओं को कोवैक्सिन लगाई जा रही है। इसकी वजह यह है कि कोवैक्सिन का दूसरा डोज 28 दिनों बाद लगता है, जबकि कोवीशील्ड का दूसरा डोज 84 दिनों बाद लगता है। सितंबर में संभावित तीसरी लहर को देखते हुए कोवैक्सिन लगाने का निर्णय लिया गया है, ताकि एक महीने में ही प्रेग्नेंट महिलाएं फुली वैक्सीनेट हो जाएं।

प्रेग्नेंसी में खून का थक्का जमने का खतरा बढ़ जाता है तो क्या वैक्सीन पर भरोसा कर सकते हैं?

  • डॉ. कंग के अनुसार, ये बात सच है कि प्रेग्नेंसी में खून के थक्के जमने का खतरा 4 से 5 गुना बढ़ जाता है और वैक्सीन के ट्रायल के दौरान भी खून के थक्के जमने के मामले सामने आए थे। लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान थक्के जमना और वैक्सीन से थक्के जमना दोनों का आपस में कोई संबंध नहीं है।
  • विशेषज्ञ कहते हैं कि अभी तक इस बात का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है कि वायरल वेक्टर वैक्सीन थक्के जमने की समस्या को और बढ़ाती है। इसका मतलब है कि भारत में कोवैक्सिन या कोवीशील्ड, कोई भी वैक्सीन लगवाई जा सकती है।

प्रेग्नेंट महिलाओं को वैक्सीन कब लगवानी चाहिए?

  • प्रेग्नेंसी के दौरान जब आप चाहें तब वैक्सीन लगवा सकती हैं। यदि आपको पहला डोज प्रेग्नेंसी के दौरान ही लग गया तो दूसरा डोज डिलीवरी के बाद भी लगवा सकती हैं।
  • हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि प्रेग्नेंसी में जितनी जल्दी वैक्सीन लगवाएंगे, उतना बेहतर रहेगा। 6 महीने तक वैक्सीन लग जानी चाहिए, क्योंकि तब तक बच्चे के सभी अंग विकसित हो चुके होते हैं।

क्या प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए वैक्सीनेशन की प्रोसेस अलग होगी?

  • नहीं। कोई अलग व्यवस्था नहीं है। हां, प्रेग्नेंट महिलाओं को ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन की सुविधा है। वे सीधे वैक्सीनेशन साइट पर पहुंचकर रजिस्ट्रेशन करवा सकती हैं। यानी आप अपने डॉक्युमेंट लेकर बिना कोविन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किए सीधे वैक्सीनेशन सेंटर पहुंच सकती हैं।
  • कई राज्यों ने प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए स्पेशल वैक्सीनेशन सेंटर भी बनाए हैं। इन सेंटर्स में प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। यहां वैक्सीन लगवाने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ता।

क्या प्रेग्नेंट महिलाओं में वैक्सीन लगवाने के बाद अलग लक्षण सामने आ सकते हैं?

नहीं। वैक्सीन लगवाने के बाद सामान्य तौर पर जो लक्षण देखे जाते हैं वही लक्षण प्रेग्नेंट महिलाओं में भी हो सकते हैं।

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