गेंद स्पाइडर कैमरे से टकराए या स्टेडियम पार जाए:क्रिकेट के 10 रोचक पर कन्फ्यूज करने वाले नियम; धोनी-कोहली को भी भुगतनी पड़ी कीमत

2 महीने पहलेलेखक: अभिषेक पाण्डेय

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज शुरू हो चुकी है। अगले महीने से ऑस्ट्रेलिया में टी20 वर्ल्ड कप खेला जाना है। यानी अगले कुछ दिनों तक फैंस को क्रिकेट का भरपूर रोमांच मिलने वाला है।

क्रिकेट के इस एक्शन पैक्ड सीजन में ऐसे कई मौके आ सकते हैं, जब कुछ नियम आपको कन्फ्यूज करेंगे। जैसे-अगर बल्लेबाज के हिट करने के बाद गेंद मैदान में मौजूद कैमरे से या अंपायर से टकरा जाए तो क्या होगा?

भास्कर एक्सप्लेनर में जानते हैं कि आखिर क्या हैं क्रिकेट के 10 ऐसे नियम, जो दिखने में आसान लगते हैं, लेकिन इनको लेकर कन्फ्यूजन होता है ?

सवाल 1: गेंद स्पाइडर कैमरे से टकराए तो क्या होता है?

जवाब: गेंद अगर हवा में मौजूद किसी चीज से टकराए तो उसे डेड बॉल घोषित कर दिया जाता है। इसीलिए मैदान में घूमते या स्थिर स्पाइडर कैमरे से टकराने पर बॉल डेड घोषित हो जाती है।

डेड बॉल पारी में नहीं गिनी जाती है और उस पर लिया गया विकेट या रन मान्य नहीं होता और गेंदबाज को वो गेंद दोबारा फेंकनी पड़ती है।

क्या है नियम: क्रिकेट के नियम मेरिलबोन क्रिकेट क्लब, यानी MCC बनाता है। MCC की रूलबुक में गेंद कब डेड होती है, इसका जिक्र है। हालांकि इसमें कैमरे या स्टेडियम की छत से टकराने के नियम का जिक्र नहीं है।

दूसरी ओर MCC के ही नियम के मुताबिक, अंपायर अपनी समझ से भी किसी भी उस गेंद को डेड बॉल घोषित कर सकते हैं, जिसके लिए क्रिकेट के नियमों में पहले से कोई जिक्र नहीं है। गेंद कैमरे से टकराने पर भी इसी नियम से डेड घोषित होती है।

कब हुआ ऐसा:

  • 22 अक्टूबर 2012: चैंपियंस लीग टी20 में मुंबई इंडियंस के दिनेश कार्तिक का शॉट स्पाइडरकैम से टकराया और बॉल डेड घोषित कर दी गई।
  • 2014-15: ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ ने भारत के खिलाफ टेस्ट में एक कैच छूटने पर स्पाइडर कैमरे के वायर को जिम्मेदार ठहराया था।
23 जनवरी 2016 को सिडनी में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांचवें वनडे के दौरान विराट कोहली का एक शॉट स्पाइडर कैम से टकराया और अंपायर ने इसे डेड बॉल घोषित कर दिया।
23 जनवरी 2016 को सिडनी में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांचवें वनडे के दौरान विराट कोहली का एक शॉट स्पाइडर कैम से टकराया और अंपायर ने इसे डेड बॉल घोषित कर दिया।
नवंबर 2018 में भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच ब्रिस्बेन टी20 के दौरान ग्लेन मैक्सवेल का शॉट स्पाइडर कैमरे से टकराया और इसे डेड बॉल घोषित कर दिया गया।
नवंबर 2018 में भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच ब्रिस्बेन टी20 के दौरान ग्लेन मैक्सवेल का शॉट स्पाइडर कैमरे से टकराया और इसे डेड बॉल घोषित कर दिया गया।

सवाल 2: क्या बिना गिल्लियों के भी खेला जा सकता है मैच?

जवाब: गेंद के स्टंप पर टकराने के बावजूद बल्लेबाज तब तक आउट नहीं माना जाता है, जब तक कि गिल्लियां अपनी जगह से हट न जाएं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि क्रिकेट में बिना गिल्लियों के भी मैच खेलने की इजाजत है।

क्या है नियम: MCC के विकेट को लेकर बनाए रूल 8 के अनुसार तेज हवा चलने की स्थिति में दोनों टीमों के कप्तान, अंपायर की सहमति से मैच को स्टंप्स पर बिना गिल्लियों के ही खेलने को लेकर सहमत हो सकते हैं।

MCC के रूल 8.5 के अनुसार यदि जरूरी हो तो अंपायर गिल्लियों के इस्तेमाल से छूट देने पर सहमत हो सकते हैं। यदि वे ऐसा मानते हैं तो किसी भी प्रकार की गिल्ली का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। कंडीशन ठीक होते ही गिल्लियों को फिर से लगाया जा सकता है।

कब हुआ ऐसा:

9 जून 2017 को अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज के बीच ग्रॉस आइलेट में हुए वनडे में तेज हवा की वजह से काफी देर तक मैच बिना गिल्लियों के ही खेला गया था।
9 जून 2017 को अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज के बीच ग्रॉस आइलेट में हुए वनडे में तेज हवा की वजह से काफी देर तक मैच बिना गिल्लियों के ही खेला गया था।
सितंबर 2019 में मैनचेस्टर में ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के दौरान तेज हवा की वजह से इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरे दिन के खेल में कई ओवर बिना गिल्लियों के फेंके गए थे।
सितंबर 2019 में मैनचेस्टर में ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के दौरान तेज हवा की वजह से इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरे दिन के खेल में कई ओवर बिना गिल्लियों के फेंके गए थे।

सवाल 3: क्या बिना अपील के बल्लेबाज आउट हो सकता है?

जवाब: नहीं, बिना फील्डिंग टीम की अपील के अंपायर किसी बल्लेबाज को आउट नहीं दे सकता है, भले ही बल्लेबाज आउट ही क्यों न हो।

क्या है नियम: MCC के नियम 31.1 के अनुसार कोई भी अंपायर बल्लेबाज को तब तक आउट नहीं देगा, भले ही वह आउट हो, जब तक कोई फील्डर इसके लिए अपील न करे।

एक और खास नियम है अपील वापस लेने का। यानी फील्डिंग टीम को अपनी अपील वापस लेकर आउट दिए बल्लेबाज को वापस बुलाने का नियम है।

MCC के नियम 31.8 के अनुसार फील्डिंग टीम का कप्तान अंपायर की सहमति से अपनी अपील को वापस ले सकता है। अगर अंपायर इसकी इजाजत दे देता है तो फैसले को पलटकर बल्लेबाज को वापस बुलाया जाता है।

कब हुआ ऐसा:

जुलाई 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ नॉटिंघम टेस्ट में इयान बेल को टीम इंडिया की अपील के बाद रन आउट दे दिया गया। थोड़ी देर बाद धोनी ने अपनी अपील वापस ले ली और अंपायरों ने अपना फैसला पलटते हुए इयान बेल को वापस बुला लिया। धोनी को इसके लिए ICC स्पिरिट ऑफ क्रिकेट अवॉर्ड मिला था।
जुलाई 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ नॉटिंघम टेस्ट में इयान बेल को टीम इंडिया की अपील के बाद रन आउट दे दिया गया। थोड़ी देर बाद धोनी ने अपनी अपील वापस ले ली और अंपायरों ने अपना फैसला पलटते हुए इयान बेल को वापस बुला लिया। धोनी को इसके लिए ICC स्पिरिट ऑफ क्रिकेट अवॉर्ड मिला था।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक टेस्ट मैच में अंपायर टीम इंडिया के बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा को बिना अपील के ही खुद से आउट देते-देते बचे थे।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक टेस्ट मैच में अंपायर टीम इंडिया के बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा को बिना अपील के ही खुद से आउट देते-देते बचे थे।

सवाल 4: अगर गेंद खो जाए तो क्या होता है?

जवाब: अगर बल्लेबाज इतना जोरदार शॉट लगाए कि गेंद स्टेडियम के बाहर चली जाए या स्टेडियम के अंदर ही कहीं गुम हो जाए तो गेंद के नहीं मिलने पर उसे डेड बॉल घोषित कर देते हैं और बचे हुए ओवर्स पुरानी दूसरी गेंद से कराए जाते हैं।

क्या है नियम: MCC के रूल 20.4.2.10 के अनुसार अगर अंपायर इस बात से संतुष्ट है कि गेंद को नहीं खोजा जा सकता है, तो उसकी जगह दूसरी गेंद लाई जाती है और गेंद को डेड बॉल घोषित कर देते हैं।

सवाल 5: मैदान के अंदर गेंद पेड़ से जा लगे या कोई जानवर मैदान में आ जाए तो क्या होगा?

जवाब: मैदान में अगर कोई ऑब्स्टेकल यानी बाधा टॉस से पहले ही मौजूद है, तो दोनों कप्तानों और अंपायरों की सहमति से उसे बाउंड्री माना जाता है, लेकिन अगर शॉट खेलने के बाद कोई पक्षी या कुत्ता यानी कोई जानवर गेंद से टकरा जाए तो क्या वो बाउंड्री मानी जाएगी? जवाब है नहीं, दरअसल, मैदान में टॉस से पहले से मौजूद किसी स्थिर चीज को ही बाउंड्री माना जाता है।

क्या है नियम: MCC के नियम 19.2.6 के मुताबिक मैदान के अंदर मौजूद किसी ऑब्स्टेकल को टॉस के पहले कप्तानों की सलाह पर अंपायरों के निश्चित करने पर ही उसे बाउंड्री माना जाएगा।

MCC के नियम 19.2.7 के अनुसार खेल के दौरान मैदान में किसी व्यक्ति या जानवर के आने पर और गेंद से उस व्यक्ति या जानवर के संपर्क होने पर उसे बाउंड्री नहीं माना जाएगा, जब तक कि अंपायर इसके उलट फैसला न करे।

कब हुआ ऐसा:

साउथ अफ्रीका के पीटरमैरिट्सबर्ग ओवल स्टेडियम में बाउंड्री के अंदर एक पेड़ है। इस पेड़ से टकराने पर गेंद बाउंड्री मानी जाती है और अगर गेंद डायरेक्ट पेड़ से टकराए तो भी उसे छक्का नहीं, चौका ही माना जाता है।
साउथ अफ्रीका के पीटरमैरिट्सबर्ग ओवल स्टेडियम में बाउंड्री के अंदर एक पेड़ है। इस पेड़ से टकराने पर गेंद बाउंड्री मानी जाती है और अगर गेंद डायरेक्ट पेड़ से टकराए तो भी उसे छक्का नहीं, चौका ही माना जाता है।
इंग्लैंड के सेंट लॉरेंस क्रिकेट ग्राउंड में मैदान में एक पेड़ था और यहां इंटरनेशनल मैच होते थे। 2005 में आए तूफान में पेड़ टूट गया और इसे बाउंड्री के बाहर लगा दिया गया।
इंग्लैंड के सेंट लॉरेंस क्रिकेट ग्राउंड में मैदान में एक पेड़ था और यहां इंटरनेशनल मैच होते थे। 2005 में आए तूफान में पेड़ टूट गया और इसे बाउंड्री के बाहर लगा दिया गया।

सवाल 6: गेंद स्टेडियम की छत से टकराए तो क्या होता है?

जवाब: बल्लेबाज के शॉट खेलने और गेंद के स्टेडियम की छत से टकराने पर भी कैमरे से टकराने वाला नियम यानी गेंद के हवा में किसी चीज से टकराने का नियम लागू होता है और इसे डेड बॉल घोषित कर दिया जाता है।

क्या है नियम: क्रिकेट मैच आमतौर पर खुले स्टेडियम में खेले जाते हैं, इसलिए MCC की रूलबुक में गेंद के स्टेडियम की छत से टकराने के नियम का जिक्र नहीं है।

इसलिए स्टेडियम की छत से गेंद टकराने पर उसे डेड बॉल घोषित करने का फैसला भी स्पाइडर कैमरे की तरह ही अंपायर की समझ के नियम से होता है।

कब हुआ ऐसा:

2005 में वर्ल्ड XI और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक वनडे के दौरान गेंद पहली बार मेलबोर्न के डॉकलैंड्स स्टेडियम की छत से टकराई थी और बॉल डेड घोषित हो गई थी। ये शॉट लगाया था ऑस्ट्रेलिया के माइकल हसी ने।
2005 में वर्ल्ड XI और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक वनडे के दौरान गेंद पहली बार मेलबोर्न के डॉकलैंड्स स्टेडियम की छत से टकराई थी और बॉल डेड घोषित हो गई थी। ये शॉट लगाया था ऑस्ट्रेलिया के माइकल हसी ने।

ऑस्ट्रेलिया के मेलबोर्न का डॉकलैंड्स स्टेडियम, एक इंडोर स्टेडियम है, जहां मैदान को आर्टिफिशियल छत से ढंका जा सकता है। अब इसे मार्वल स्टेडियम भी कहा जाता है।

सवाल 7: गेंद मैदान में रखे हेलमेट, ग्लव्स या चश्मे से टकरा जाए?

जवाब: अगर गेंद मैदान में फील्डिंग टीम की तरफ से रखे हेलमेट या ग्लव्स या चश्मे से टकरा जाती है, तो उसे डेड बॉल माना जाता है। इसके बाद फील्डिंग टीम पर पेनल्टी के रूप में बैटिंग टीम के खाते में 5 रन जोड़ दिए जाते हैं।

क्या है नियम: MCC के नियम 28.3.2 के अनुसार अगर मैच के दौरान गेंद मैदान पर रखे हेलमेट से टकराती है तो उसे डेड बॉल माना जाता है।

MCC के नियम 28.2.1.1 के अनुसार अगर फील्डर अपने शरीर के अलावा किसी भी कपड़े या इक्विपमेंट्स (ग्लव्स, चश्मे, हेलमेट) का इस्तेमाल फील्डिंग के लिए करता है, तो विपक्षी टीम को 5 पेनल्टी रन मिल जाते हैं।

MCC के नियम 28.3.2.2 के अनुसार ऐसा होने पर बैटिंग टीम को 5 पेनल्टी रन दे दिए जाते हैं। इस दौरान अगर बल्लेबाज रन भागता है तो पेनल्टी के रन के साथ ये रन भी जुड़ जाते हैं। ​​​​​​

5 पेनल्टी रन का ये नियम कुछ और कंडीशन में भी लागू होता है

  • अगर कोई फील्डर गेंद को अपनी कैप, कपड़े या किसी और चीज से फील्ड करता है।
  • अगर फील्डिंग टीम को बल्लेबाज को जानबूझकर रोकते हुए पाया जाता है।
  • अगर कोई फील्डर बिना अंपायर की इजाजत के मैदान में आकर फील्डिंग करता है।
  • बल्लेबाज को झांसा देने के लिए झूठी फील्डिंग का दिखावा करने पर।

कब हुआ ऐसा:

  • नवंबर 2008: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच नागपुर टेस्ट के दौरान सचिन तेंदुलकर के विकेट के पीछे खेले शॉट को ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर ब्रैड हैडिन ने अपना ग्लव्स फेंककर रोकने की कोशिश की थी। तब भारत को 5 पेनल्टी रन मिले थे।
  • दिसंबर 2016: इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई टेस्ट के दौरान विराट कोहली के एक थ्रो के विकेटकीपर के हेलमेट से टकराने के बाद इंग्लैंड की टीम को पेनल्टी के 5 रन मिल गए थे।
2017 चैंपियंस ट्रॉफी में धोनी ने बल्लेबाज को रन आउट करने के लिए एक ग्लव्स जमीन पर गिरा दिया और विकेट की ओर थ्रो किया, लेकिन गेंद विकेट की जगह उसी ग्लव्स से टकराई और बांग्लादेश को 5 पेनल्टी रन मिल गए।
2017 चैंपियंस ट्रॉफी में धोनी ने बल्लेबाज को रन आउट करने के लिए एक ग्लव्स जमीन पर गिरा दिया और विकेट की ओर थ्रो किया, लेकिन गेंद विकेट की जगह उसी ग्लव्स से टकराई और बांग्लादेश को 5 पेनल्टी रन मिल गए।

सवाल 8: गेंद अंपायर से टकरा जाए तो क्या कैच माना जाता है?

जवाब: अगर गेंद बल्लेबाज के शॉट खेलने के बाद अंपायर से टकराए और उसके बाद फील्डर उसे कैच कर तो इसे कैच माना जाएगा और बल्लेबाज आउट करार दिया जाएगा।

क्या है नियम: MCC के कैच के नियम 33.2.2.3 के अनुसार अगर फील्डर गेंद को विकेट, अंपायर, किसी और फील्डर, रनर या बल्लेबाज से टकराने के बाद कैच करता है, तो ये कैच माना जाएगा।

अगर गेंद अंपायर से टकराकर आगे बढ़ जाए तो गेंद डेड बॉल नहीं होती और उस पर बने रन मान्य होते हैं।

सवाल 9: बल्लेबाज एक ही गेंद पर दो बार शॉट लगा दे?

जवाब: ऐसा करने पर बल्लेबाज को आउट मान लिया जाता है। बल्लेबाज को एक गेंद पर केवल एक ही बार शॉट खेलने की इजाजत है।

क्या है नियम: MCC के रूल 34.1.1 के अनुसार कोई बल्लेबाज गेंद के फील्डर के पास पहुंचने से पहले अपने बैट, हाथ या शरीर के किसी हिस्से से दोबारा हिट करता है, तो उसे आउट माना जाता है।

सवाल 10: अगर गिल्लियां पहले ही गिरी हों तो कैसे कर सकते हैं रन आउट

जवाब: अगर गिल्लियां पहले ही गिर चुकी हैं, तो गेंद अपने हाथ में लेकर फील्डर को बचे हुए स्टंप को उखाड़ लेना होता है।

क्या है नियम: MCC के रूल 29.2 के अनुसार अगर एक गिल्ली गिरी है, तो विकेट लेने के लिए बाकी गिल्लियों को या तीनों में से किसी स्टंप को जमीन से उखाड़ना या हिट करना जरूरी होता है।

कब हुआ ऐसा:

2011 वर्ल्ड कप मैच में इंग्लैंड के मैट प्रायर को स्टंपिंग करने के लिए बांग्लादेशी विकेटकीपर मुशफिकुर रहीम ने उनकी गिल्लियां बिखेरने के बाद एक स्टंप उखाड़ लिया था।
2011 वर्ल्ड कप मैच में इंग्लैंड के मैट प्रायर को स्टंपिंग करने के लिए बांग्लादेशी विकेटकीपर मुशफिकुर रहीम ने उनकी गिल्लियां बिखेरने के बाद एक स्टंप उखाड़ लिया था।

खबर पढ़ने के बाद एक पोल में हिस्सा ले सकते हैं:

भास्कर एक्सप्लेनर के कुछ और ऐसे ही नॉलेज बढ़ाने वाले आर्टिकल नीचे लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं...

1. क्या यूक्रेन से भाग रहा है रूस:जाल बिछाकर यूक्रेन ने छीना 6,000 वर्ग किमी इलाका, एक के मुकाबले उतारे 8 सैनिक

2. 70 साल बाद भारत में चीतों की वापसी:छोटा सिर-बड़े नथुने, 3 सेकेंड में पकड़ता है 96 किमी/घंटे की रफ्तार; कैसे काम करता है शिकार मशीन

3. भारत बना रहा इलेक्ट्रिक हाईवे, दौड़ती गाड़ियां हो जाएंगी चार्ज:दिल्ली-जयपुर हाईवे और यमुना एक्सप्रेसवे पर ट्रायल; 5 सवालों में सब कुछ

4. ज्ञानवापी मस्जिद की पहली लड़ाई में हिंदू पक्ष जीता:काशी विश्वनाथ को चार बार तोड़ा गया, अवशेषों पर खड़ी हुई मस्जिद; जानिए पूरा विवाद

खबरें और भी हैं...