भास्कर एक्सप्लेनर:क्या पंजाब पुलिस ने बग्गा को दिल्ली से अरेस्ट करके नियमों का उल्लंघन किया? क्या है इंटर-स्टेट अरेस्ट का नियम

2 महीने पहले

पंजाब पुलिस ने शुक्रवार को ‌BJP नेता तजिंदर बग्गा को दिल्ली में उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। बग्गा पर दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने का आरोप है। बग्गा की गिरफ्तारी के बाद उनके पिता की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने नियमों का उचित पालन नहीं करने के लिए पंजाब पुलिस के खिलाफ किडनैपिंग का केस दर्ज किया है। पंजाब पुलिस बग्गा को गिरफ्तार करके मोहाली में कोर्ट के सामने पेश करने के लिए ले जा रही थी, लेकिन हरियाणा पुलिस ने उसे रोक लिया है।

ऐसे में चलिए जानते हैं कि क्या पंजाब पुलिस ने बग्गा की गिरफ्तारी में किया है नियमों का उल्लंघन? एक राज्य की पुलिस के दूसरे राज्य में किसी को गिरफ्तार करने को लेकर क्या है नियम? साथ ही केंद्रीय एजेंसियों के पास किसी भी राज्य में गिरफ्तारी का क्या है नियम?

दिल्ली पुलिस ने क्यों दर्ज किया पंजाब पुलिस के खिलाफ अपहरण का केस?

दिल्ली पुलिस ने तजिंदर पाल सिंह बग्गा की गिरफ्तारी के बाद पंजाब पुलिस पर किडनैपिंग का केस दर्ज किया है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि बग्गा की गिरफ्तारी में पंजाब पुलिस ने नियमों का पालन नहीं किया है।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक नियमों के अनुसार पंजाब पुलिस को पहले दिल्ली पुलिस को बग्गा की गिरफ्तारी की सूचना देनी चाहिए थी, लेकिन उसने ऐसा न करते हुए बिना स्थानीय पुलिस को सूचित किए ही बग्गा को अरेस्ट करते हुए नियमों का उल्लंघन किया।

क्या पंजाब पुलिस ने किया बग्गा की गिरफ्तारी में नियमों का उल्लंघन?

पंजाब पुलिस के बग्गा की गिरफ्तारी के बाद सवाल ये उठ रहे हैं कि क्या उसने इस गिरफ्तारी में नियमों का पालन किया? दिल्ली पुलिस द्वारा पंजाब पुलिस के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज करने के बाद ये सवाल और भी ज्यादा मजबूती से उठ रहे हैं।

यही जानने के लिए दैनिक भास्कर ने सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता से बात की। विराग का कहना है, "अगर पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार करके संबंधित थाने में पेश कर दिया तो पंजाब पुलिस पर किडनैपिंग का मामला नहीं बनता। यह सिर्फ गिरफ्तारी का मामला है। ऐसे में सिर्फ प्रक्रिया का पालन नहीं करने पर पंजाब पुलिस के खिलाफ किडनैपिंग का मामला नहीं बनता।"

विराग ने कहा, ‘’भले ही पंजाब पुलिस ने प्रक्रिया का पालन न किया हो, लेकिन गिरफ्तारी तो वैध है और पुलिस के पास गिरफ्तार करने का अधिकार है।’’

विराग का कहना है कि पंजाब पुलिस को बग्गा की गिरफ्तारी से पहले दिल्ली पुलिस को सूचित करना चाहिए था, लेकिन वह ऐसा करने के लिए बाध्य नहीं है और अगर उसके पास बग्गा की गिरफ्तारी की ठोस वजह मौजूद है, तो वह बिना दिल्ली पुलिस को सूचित किए भी उन्हें अरेस्ट कर सकती है।

उनका कहना है कि दिल्ली पुलिस के आरोपों के मुताबिक, ''अगर पंजाब पुलिस ने बग्गा को अरेस्ट करने में प्रक्रिया का पालन नहीं किया है तो मजिस्ट्रेट इसके आधार पर जमानत दे देगा।''

विराग का कहना है कि अब इंटर-स्टेट अरेस्ट की प्रक्रिया का पालन देश के कई और राज्यों में गिरफ्तारी के दौरान भी नहीं हो रहा है और पुलिस बगैर सूचना दिए ही गिरफ्तारियां कर रही है।

आप विधायक नरेश बाल्यान ने बग्गा की फोटो पोस्ट कर उनकी गिरफ्तारी पर ट्वीट किया।
आप विधायक नरेश बाल्यान ने बग्गा की फोटो पोस्ट कर उनकी गिरफ्तारी पर ट्वीट किया।

क्या एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य में किसी को अरेस्ट कर सकती है?

पंजाब पुलिस के दिल्ली में जाकर बग्गा को अरेस्ट करने के बाद इंटर-स्टेट अरेस्ट को लेकर नई बहस छिड़ गई है। क्या इंटर-स्टेट अरेस्ट, यानी एक राज्य की पुलिस द्वारा किसी दूसरे राज्य में जाकर किसी को अरेस्ट करना नियमों के दायरे में आता है? यही सवाल हमने सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता से पूछा।

विराग गुप्ता ने कहा, ‘’अपराध की जांच के लिए पुलिस को पूरे भारत में कहीं भी छानबीन करने और हिरासत में लेने और गिरफ्तारी करने का अधिकार है।’’

विराग ने कहा, ‘’किसी दूसरे राज्य में गिरफ्तारी को लेकर कुछ स्पष्ट कानूनी प्रक्रियाएं हैं। परंपरा के अनुसार जिस राज्य या शहर में गिरफ्तारी हो रही है, उसके संबंधित थाने को सूचित करना जरूरी होता है।’’

‘’साथ ही एक राज्य से दूसरे राज्य में ले जाने में अगर ऐसा लगता है कि समय ज्यादा लगेगा और समय के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना मुश्किल है तो स्थानीय कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड भी लेना जरूरी है।’’

‘’गिरफ्तारी से पहले यह बताना जरूरी है कि गिरफ्तार करना क्यों जरूरी है। उसके बगैर गिरफ्तारी करना लोगों के मानवाधिकार हनन के साथ अभिव्यक्ति की आजादी का भी हनन है और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का भी हनन है।’’

‘’साथ ही इंटर-स्टेट यानी एक राज्य की पुलिस द्वारा दूसरे राज्य में अरेस्ट के मामले में संबंधित राज्य के उच्च अधिकारियों को भी सूचित करना होता है।’’

क्या बग्गा की गिरफ्तारी सही है?

विराग का कहना है कि बग्गा के केस में ये मामला जिस व्यक्ति के खिलाफ ट्वीट हुआ है और उसको ट्वीट करने वाले के बीच का है। यानी बग्गा और अरविंद केजरीवाल के बीच का है।

विराग का कहना है, ''इस मामले में पीड़ित व्यक्ति कोर्ट में जाकर मानहानि का केस, मुआवजे का केस फाइल कर सकता है, लेकिन इसमें राज्यों की पुलिस द्वारा बहुत ही उत्साहवर्धक तरीके से जो गिरफ्तारियां हो रही हैं और जो पॉलिटिकल सेटलमेंट हो रहा है, ये लोकतंत्र और अभिव्यक्ति के लिहाज से ठीक नहीं है।''

पंजाब पुलिस ने बग्गा को दिल्ली से अरेस्ट क्यों किया?

दिल्ली बीजेपी नेता तजिंदर बग्गा को पंजाब पुलिस ने शुक्रवार सुबह गिरफ्तार किया। बग्गा के खिलाफ ये कार्रवाई पंजाब पुलिस की साइबर सेल की टीम ने की। उनके खिलाफ मोहाली साइबर थाने में केस दर्ज है। उन पर दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल के खिलाफ फिल्म कश्मीर फाइल्स को लेकर विवादित टिप्पणी करने का आरोप है।

पंजाब पुलिस का कहना है कि उसने बग्गा को जांच में शामिल होने के लिए पांच बार नोटिस जारी किया था, लेकिन वह नहीं आए।

पंजाब पुलिस ने पिछले महीने बग्गा के खिलाफ मोहाली के रहने वाले आप नेता सनी अहलूवालिया की शिकायत पर भड़काऊ बयान देने, धार्मिक दुश्मनी को बढ़ावा देने और आपराधिक धमकी देने के आरोपों में केस दर्ज किया था।

बग्गा की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने पंजाब पुलिस के खिलाफ किडनैपिंग का केस दर्ज किया है। इसके बाद दिल्ली पुलिस की सूचना पर बग्गा को ले जा रही पंजाब पुलिस की गाड़ी को हरियाणा पुलिस ने रोक लिया। पंजाब पुलिस बग्गा को दिल्ली से मोहाली ले जा रही थी, जहां उन्हें कोर्ट में पेश किया जाना है।

जनकपुरी थाने में पंजाब पुलिस के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराते प्रितपाल बग्गा।
जनकपुरी थाने में पंजाब पुलिस के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराते प्रितपाल बग्गा।

बग्गा के पिता ने पंजाब पुलिस पर लगाया मारपीट का आरोप

वहीं दिल्ली ‌BJP प्रवक्ता नवीन कुमार जिंदल ने दावा किया कि शुक्रवार सुबह 8.30 बजे पंजाब पुलिस के करीब 50 लोग बग्गा के घर में घुस आए और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान पुलिस ने बग्गा को पगड़ी भी नहीं पहनने दी।

बग्गा के पिता का आरोप है कि पुलिस के लोग हमारे घर आए और कहा कि तजिंदर ने अरविंद केजरीवाल को जान से मारने की धमकी दी है। दिल्ली पुलिस को इस घटना की कोई जानकारी नहीं थी।

बग्गा के पिता प्रितपाल सिंह ने पंजाब पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 10-15 पुलिस वाले आए और बग्गा को खींचकर घर से बाहर ले जाने लगे। जब मैंने घटना का वीडियो बनाने के लिए अपना मोबाइल फोन उठाया तो पुलिस मुझे दूसरे कमरे में ले गई और मेरे मुंह पर घूंसा जड़ दिया।

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