पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Db original
  • Explainer
  • Election Result 2021 NOTA Vote Percentage Updated; Mamata Banerjee Tmc BJP Party | West Bengal Assam Kerala Tamil Nadu Puducherry Vidhan Sabha Chunav Parinam

भास्कर डेटा स्टोरी:5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में इस बार कम इस्तेमाल हुआ NOTA, जानें उन सीटों के बारे में जहां हार-जीत के अंतर से ज्यादा NOTA को मिले वोट

एक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए चुनावों के नतीजे आ चुके हैं। इन राज्यों में हुए पिछले विधानसभा चुनावों की तुलना में इस बार नोटा को कम वोट मिले हैं। केरल के 0.47% वोटर्स ने ही नोटा का बटन दबाया, ये चुनावी राज्यों में ये सबसे कम है। वहीं, पुडुचेरी में नोटा को सबसे ज्यादा वोट मिले। वहां के कुल वोटर्स के 1.29% वोटर्स ने चुनावी मैदान में उतरे सभी प्रत्याशियों को नकार दिया।

पश्चिम बंगाल

पूरे चुनाव के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में पश्चिम बंगाल ही रहा। 292 सीटों पर हुए मतदान में 213 सीटें जीतकर ममता बनर्जी ने एक बार फिर सत्ता में वापसी की। हालांकि वो खुद चुनाव हार गईं। यहां की 7 सीटों पर हार जीत का अंतर 1000 से भी कम रहा। इन 7 में से 4 बीजेपी और 3 टीएमसी ने जीतीं। यहां की दिनहाटा सीट पर बीजेपी प्रत्याशी निसिथ प्रमाणिक केवल 57 वोटों से जीते जबकि नोटा को 1537 वोट मिले। 1090 लोगों ने नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी समेत सभी 8 प्रत्याशियों को खारिज कर दिया।

तमिलनाडु

यहां भाजपा के साथ AIADMK सत्ता में थी, लेकिन हाल ही में हुए चुनावों में डीएमके और उसके गठबंधन वाली पार्टियों ने 159 सीटें जीतीं। डीएमके चीफ स्टालिन की कोलाथुर सीट पर नोटा को 1529 वोट मिले। यहां की 7 सीटें ऐसी थीं जिन पर हार-जीत के अंतर से ज्यादा वोट नोटा को मिले। इन 7 में से डीएमके ने 3 और एआईएडीएमके, बीजेपी, कांग्रेस, पीएमके ने एक-एक सीट जीतीं।

केरल

यहां लेफ्ट के पास एक बार फिर सत्ता आ गई है। 140 सीटों वाले इस राज्य में लेफ्ट गठबंधन ने 99 सीटें जीतीं है। यहां की 2 सीटों पर हार-जीत के अंतर से ज्यादा वोट नोटा को मिले। पेरिन्थलमन्ना सीट पर इंडियन मुस्लिम लीग के नजीब कांथापुरम केवल 38 वोटों से जीते जबकि नोटा को 867 वोट मिले।

पुडुचेरी

30 विधानसभा सीटों वाले केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में NDA ने 16 सीटें जीतीं। यहां की 7 सीटों पर हार-जीत का अंतर 1 हजार से कम रहा। इनमें से 3 सीटों पर हार-जीत के अंतर से ज्यादा वोट नोटा को मिले।

असम

126 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी और उसके गठबंधन दलों ने 75 सीटें जीतीं। इनमें से 5 सीटों पर हार-जीत के अंतर से ज्यादा वोट नोटा को मिले। इससे पहले भी यहां बीजेपी की ही सरकार थी।

खबरें और भी हैं...