विदेशी वैक्सीन की राह खुली:ड्रग कंट्रोलर ने एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिशों को दी मंजूरी; मॉडर्ना, फाइजर और J&J की वैक्सीन उपलब्ध होगी

8 महीने पहले
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भारत के ड्रग रेगुलेटर-ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने वैक्सीन पर बनी एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिशों को मान लिया है। यानी अब मॉडर्ना, फाइजर और जॉनसन एंड जॉनसन (J&J) की वैक्सीन को जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी।

नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन फॉर कोविड-19 (NEGVAC) ने अमेरिका,यूरोप, ब्रिटेन, जापान, और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से मंजूर वैक्सीन को इम्पोर्ट करने का सुझाव दिया था। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया वीजी सोमानी ने इन वैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी देने की शर्तें और प्रक्रिया जारी की है। भारत में 16 जनवरी को वैक्सीनेशन शुरू हुआ था। तब भारत बायोटेक की कोवैक्सिन और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोवीशील्ड का इस्तेमाल शुरू हुआ। पिछले हफ्ते भारत के ड्रग रेगुलेटर ने रूसी वैक्सीन स्पुतनिक V को भी मंजूरी दे दी है। विदेशी वैक्सीन को मंजूरी की राह खुलते ही देश में वैक्सीन डोज की कमी और सबको वैक्सीन लगाने की राह में आ रही अड़चनें दूर करने में मदद मिलेगी।

कैसे मिलेगी विदेशी वैक्सीन को अनुमति?

  • विदेशी वैक्सीन को सबसे पहले 100 लोगों को लगाया जाएगा। फिर यह जानने की कोशिश की जाएगी कि वैक्सीन सुरक्षित है या नहीं। इन 100 लोगों की सात दिन तक निगरानी होगी। इसके बाद फैसला किया जाएगा कि वैक्सीन को इमरजेंसी मंजूरी दी जाए या नहीं।
  • वैक्सीन सुरक्षित साबित हुई तो उसे इमरजेंसी मंजूरी मिलेगी, पर एक शर्त के साथ। विदेश में जिन वैक्सीन का ट्रायल्स हुए हैं, उन्हें भारत में ब्रिज ट्रायल कराना होता है। इसमें फेज-3 के क्लीनिकल ट्रायल्स की तरह हजारों वॉलंटियर्स को डोज नहीं दिए जाते, बल्कि कुछ सौ लोगों पर ट्रायल्स के जरिए विदेशों में मिले नतीजों को साबित करना होता है। कोवीशील्ड और स्पुतनिक V के ट्रायल्स भी इसी तरह हुए हैं।
  • नए नियम के तहत विदेशी वैक्सीन को सात में सुरक्षित पाए जाने पर ट्रायल्स मोड पर ही मंजूरी दी जाएगी। यानी जिसे वैक्सीन का डोज दिया जाएगा, उससे सहमति पत्र भरवाया जाएगा। जैसा, शुरुआत में कोवैक्सिन लगवाने वालों के साथ हुआ। जब उसके नतीजे आ गए तब यह क्लीिनकल ट्रायल मोड हटाया गया। इसी तरह जब ब्रिज ट्रायल्स के नतीजे आ जाएंगे तो विदेशी वैक्सीन पर से भी ब्रिज ट्रायल्स मोड हटा लिया जाएगा।

किस-किस वैक्सीन को मिल सकती है मंजूरी?

  • नए फैसले के मुताबिक सिर्फ अमेरिकी रेगुलेटर USFDA, यूरोपीय संघ के रेगुलेटर EMA, यूके के रेगुलेटर UK MHRA, जापान के रेगुलेटर PMDA और WHO की ओर से लिस्टेड इमरजेंसी यूज लिस्टिंग में शामिल वैक्सीन को भारत में इमरजेंसी यूज अप्रूवल दिया जाएगा।
  • इस समय अमेरिका में मॉडर्ना, फाइजर के साथ सिर्फ जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन को अप्रूवल मिला हुआ है। इसी तरह यूरोपीय संघ में इन तीन के अलावा एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन को अप्रूवल दिया गया है। UK में फाइजर, मॉडर्ना और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन लगाई जा रही है। जापान में सिर्फ फाइजर की वैक्सीन। WHO ने अब तक सिर्फ दो ही वैक्सीन को मंजूरी दी है- फाइजर और एस्ट्राजेनेका।
  • ऐसे में फाइजर, मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन ही ऐसी है, जिनका इस्तेमाल इन देशों में हो रहा है और हमारे यहां नहीं। इन वैक्सीन को भारत में इमरजेंसी अप्रूवल मिलना तय माना जा सकता है।
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