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  • From Simultaneous Operation Of The Three Armies To The Purchase Of Indigenous Weapons; These Big Projects Were Under Bipin Rawat

भास्कर एक्सप्लेनर:तीनों सेनाओं के एक साथ ऑपरेशन से लेकर स्वदेशी हथियारों की खरीद तक; बिपिन रावत के अंडर में थे ये बड़े प्रोजेक्ट

8 महीने पहले

तमिलनाडु में कुन्नूर के जंगलों में बुधवार को सेना का Mi-17V5 हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। इसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका समेत 14 लोग सवार थे। हादसे में बिपिन रावत और उनकी पत्नी की मौत हो गई।

दिसंबर 2019 में CDS का पदभार ग्रहण करने के बाद से जनरल रावत सेना के इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड से लेकर मॉडर्नाइजेशन और स्वदेशी तकनीक पर काम कर रहे थे। वे सेना में भ्रष्टाचार और प्रोजेक्ट्स में देरी पर भी नाराजगी जाहिर कर चुके थे।

आइए जानते हैं, उन बड़े प्रोजेक्ट्स के बारे में, जिन पर बिपिन रावत काम कर रहे थे...

तीनों सेनाओं के बीच बेहतर कोऑर्डिनेशन के लिए इंंटीग्रेटेड सिंगल थिएटर प्रोजेक्ट

सेना के तीनों अंगों (आर्मी, नेवी और एयरफोर्स) के बीच बेहतर कोऑर्डिनेशन के लिए इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड की योजना पर काम जारी है। इसे लेकर 1 नवंबर को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत की अध्यक्षता में तीनों सेनाओं के प्रमुखों और अन्य अधिकारियों की बैठक हुई थी।

  • थिएटर कमांड युद्ध के मौके पर तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बनाए रखने के लिए बेहद उपयोगी होता है। यहां से बनी रणनीतियों के अनुसार ही युद्ध से जुड़ा हर फैसला लिया जाता है।
  • अभी देश में करीब 15 लाख सशक्त सैन्य बल हैं। इन्हें संगठित और एकजुट करने के लिए काफी समय से थिएटर कमांड की जरूरत महसूस की जा रही थी। फिलहाल 4 नए थिएटर कमांड बनाने की योजना पर काम चल रहा है।
  • ये थिएटर कमांड देश की तीनों सैन्य सेवाओं की पहले से मौजूद 17 कमांड के अतिरिक्त होगी। आर्मी के पास तीन थिएटर कमांड, जबकि नेवी के पास एक कमांड की जिम्मेदारी होगी। वहीं, एयरफोर्स को एयर डिफेंस कमांड की जिम्मेदारी दी जाएगी।
इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड में आर्मी, नेवी और एयरफोर्स एक साथ मिलकर ऑपरेशन को अंजाम देते हैं।
इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड में आर्मी, नेवी और एयरफोर्स एक साथ मिलकर ऑपरेशन को अंजाम देते हैं।

आर्मी को मॉडर्न बनाने का प्लान

आर्मी के हथियारों को अपग्रेड करने के लिए स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप मॉडल पर बिपिन रावत की निगरानी में ही काम चल रहा था। इस मॉडल के तहत सरकार ने प्राइवेट कंपनियों को विदेशी हथियार निर्माताओं के साथ मिलकर फाइटर जेट्स, हेलिकॉप्टर, सबमरीन और टैंकों को साझा तौर पर बनाने की अनुमति दी थी।

  • इस प्रोजेक्ट पर बिपिन रावत ने कहा था कि ये सशस्त्र बलों को आधुनिक बनाने में मदद करेगा। हमें धीरे-धीरे अपने टैंकों को बदलने के बारे में सोचना होगा। अपने कुछ पुराने सिस्टम को अगले सात से आठ साल में बदलना होगा। इसलिए इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने का ये सही समय है।
  • इसी साल अक्टूबर में रावत ने कहा था कि भारतीय सेना के लिए एडवांस सर्विलांस सिस्टम हमारी टॉप प्रायोरिटी है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा था कि हमें अपनी साइबर क्षमताओं को और डेवलप करने पर फोकस करना होगा, क्योंकि हमारे दुश्मन तेजी से साइबर क्षमताओं को डेवलप कर रहे हैं।

आर्मी प्रोजेक्ट्स में देरी और भ्रष्टाचार पर भी सख्त हैं बिपिन रावत

बिपिन रावत आर्मी के प्रोजेक्ट्स में देरी और भ्रष्टाचार पर भी सख्त थे। इसे लेकर उन्होंने तीनों सैन्य प्रमुखों को पत्र भी लिखा था, जिसमें सैनिकों के लिए रेसीडेंशियल प्रोजेक्ट्स में देरी और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे। इस पत्र में खास तौर पर विवाहित आवास परियोजना (मैरिड अकॉमडेशन प्रोजेक्ट) के तहत किए गए कार्यों में भ्रष्टाचार पर चर्चा की गई थी। इस पत्र के बाद सैन्य प्रमुखों ने कंपनियों पर कार्रवाई भी की थी।

बिपिन रावत दिसंबर 2019 में देश के पहले CDS बने।
बिपिन रावत दिसंबर 2019 में देश के पहले CDS बने।

जनरल रावत ने चीन को दुश्मन नंबर 1, पाकिस्तान को दुष्ट राष्ट्र कहा था
जनरल बिपिन रावत ने कुछ महीनों पहले चीन को पाकिस्तान के मुकाबले देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया था। साथ ही जनरल रावत ने पाकिस्तान को आतंकियों को पनाह देने वाला देश बताते हुए उसे 'दुष्ट' देश बताया था। जनरल बिपिन रावत ने WION को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, 'जब आपके पास बड़ा पड़ोसी हो, जिसके पास बेहतर सेना, बेहतर तकनीक है, तो आप निश्चित तौर पर बड़े पड़ोसी के लिए तैयार होते हैं।'

जम्मू-कश्मीर में नागरिकों की हत्याओं पर हाल ही में एक इंटरव्यू में जनरल बिपिन रावत ने कहा था कि चीन और पाकिस्तान घाटी में शांति भंग करने के लिए भारत के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर कर रहे हैं।

चीन और पाकिस्तान में से कौन बड़ा खतरा, इस सवाल पर जनरल रावत ने कहा था, 'हम जानते हैं कि हमारे सामने दोनों तरफ से चुनौतियां हैं, लेकिन हमें बड़े पड़ोसी के साथ कुछ ज्यादा चिंता के साथ निपटने की जरूरत है।

पाकिस्तान के संबंध में जनरल रावत ने कहा था कि 'दूसरी तरफ आपका एक पड़ोसी है जो दुष्ट है। जबकि दूसरा पड़ोसी अभी भी निर्णय लेने में अधिक व्यावहारिक हो सकता है, इस तरफ आतंकवादी हैं जो उनके साथ काम कर रहे हैं।'

उन्होंने कहा, 'आतंकवादी कभी-कभी अधिष्ठान के नियंत्रण से बाहर हो जाते हैं और वे वास्तव में स्थिति को तनावपूर्ण कर सकते हैं। अगर कारगिल जैसी स्थिति फिर से होती है, तो पश्चिमी पड़ोसी भी एक चुनौती बन सकता है।'